Sri Lanka Emergency : सरकार में मचा कोहराम, सभी मंत्रियों ने दिया इस्तीफा!

Sri Lanka Emergency : भारत में नेहरू-गांधी परिवार को 70 साल तक शासन रहा। गांधी परिवार के अधिकतर सदस्य राजनीति में बड़े-बड़े पदो पर आसीन रहे। वही यूपी में मुलायम सिंह यावद के परिवार के करीब 40 से अधिक सदस्यत किसी न किसी पद पर रहे। लेकिन क्या आपकों पता है कि भारत का एक ऐसा पड़ोसी देश है जिस पर एक ही परिवार के सदस्यों का राज आज भी है। जी हां हम बात कर रहे है श्रीलंका की। श्रीलंका की सियासत पर एक ही परिवार काफी लंबे से शासन करता आ रहा है। श्रीलंका राजपक्षे परिवार का एक तरह से खिलौना बना हुआ है।

1936 में पहली बार रखा राजनीति में कदम

राजपक्षे परिवार गिरुवापट्टुवा गांव से आता है। राजपक्षे परिवार जमींदार परिवार है। जिसने साल 1936 में पहली बार राजनीति में कदम रखा था जिसके बाद परिवार के सदस्य एक-एक करके राजनीति में कूदते गए। श्रीलंका का शासन राजपक्षे परिवार के चार भाई, चमाल राजपक्षे, महिंदा राजपक्षे, गोटबाया राजपक्षे और बाजिल राजपक्षे संभालते आए है। राजपक्षे के पिता डीएम राजपक्षे साल 1947 से 1965 तक सांसद रहे इसके बाद महिंदा राजपक्षे साल 2005 में प्रधानमंत्री चुने गए। महिंदा के प्रधानमंत्री चुने जाने के बाद से परिवार के अन्य सदस्यों का राजनीति में आना शुरू हो गया। महिंदा ने एक-एक करके अपने परिवार के सदस्यों को प्रमुख पदों पर नियुक्त कर दिया। महिंदा ने हद तो तब पार कर दी जब उन्होंने अपने भाई को मंत्री बनाने के लिए कानून ही बदल दिया। लेकिन साल 2015 के राष्ट्रपति चुनाव में महिंदा को हार सामना करना पड़ा।

महिंदा के बाद गोटबाया बने राष्ट्रपति

महिंदा राजपक्षे पर वंशवाद का आरोप लगा जिसके चलते महिंदा 2015 का चुनाव हार गए थे। लेकिन साल 2019 में महिंदा ने अपने भाई गोटबाया को चुनाव में उतारा और चुनाव जीता। चुनाव जीतते ही गोटबाया ने अपने भाई महिंदा राजपक्षे को प्रधानमंत्री नियुक्त कर दिया। श्रीलंका की सियासत की दुदर्शा की कहानी यहीं खत्म नहीं हुई। चारों भाई सरकार में उच्च पदों पर बने रहने के बाद भी उनको संतुष्टि नहीं मिली। उन्होंने राजनीति में अपने बेटों को उतारना शुरू कर दिया। महिंदा राजपक्षे के बेटे नमाल राजपक्षे को खेल मंत्री बनाया गया। वही दूसरे बेटे योशिता राजपक्षे को चीफ ऑफ स्टाफ बनाया गया है। वहीं, चमाल राजपक्षे के बेटे शिशिंद्र राजपक्षे को भी सरकार में मंत्री बनाया गया।

महिंदा पर कई आरोप

राजपक्षे परिवार में महिंदा सबसे बड़े राजनेताओं में से एक है। लेकिन उनपर कई आरोप भी है। बताया जाता है कि महिंदा पर 2015 में चुनाव प्रचार में सरकारी संशाधनों के उपयोग करने का आरोप लगा था। उनके परिवार पर करीब 70 अरब रुपये की मनी लॉन्ड्रिंग का आरोप लगा था। कहा जाता है कि देश में विकास कार्यो के नाम पर राजपक्षे परिवार ने चीन से कई अरबो का कर्ज लेकर गबन कर लिया था। जिसके चलते चीन का श्रीलंका पर कर्ज बढ़ता चला गया और आज श्रीलंका में गृह युद्ध छिड़ने की आशंका में आपातकाल की घोषणा करनी पड़ गई। राजपक्षे परिवार पर कई हत्याएं करवाने का भी आरोप है।

सभी मंत्रियो ने दिया अपने पद से इस्तीफा

श्रीलंका में अभी फिलहाल आपतकाल की घोषणा की गई है। देश के हालात यह है कि पेट्रोल-डीजल की भारी कमी हो गई, बिजली कई घंटों से नही मिल रही, दैनिक उपयोग में आने वाली चीजों के दाम आसमान छूने लगे है। सरकार के सभी मंत्रियों से इस्तीफा ले लिया गया, लेकिन दोनों भाई गोटबाया और महिंदा अभी भी शीर्ष पदों पर विराजमान हैं। आपको बता दें कि गोटबाया राजपक्षे श्रीलंका के राष्ट्रपति हैं जबकि महिंदा राजपक्षे प्रधानमंत्री हैं।

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