Sambhal Mahashivratri: संभल के खग्गू सराय Shiva Temple में 46 साल बाद हुआ जलाभिषेक, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, उमड़ी भीड़

Meta Description; Uttar Pradesh Sambhal  Khaggu Sarai Shiva Temple Mahashivratri Jalabhishek शिव मंदिर में 46 साल बाद जलाभिषेक का ऐतिहासिक आयोजन हुआ। इस दुर्लभ अवसर पर हजारों भक्तों ने मंदिर में पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया और उनकी आराधना की

Sambhal Mahashivratri: संभल के खग्गू सराय Shiva Temple में 46 साल बाद हुआ जलाभिषेक, सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम, उमड़ी भीड़

Sambhal News: उत्तर प्रदेश के संभल जिले स्थित खग्गू सराय शिव मंदिर में 46 साल बाद जलाभिषेक का ऐतिहासिक आयोजन हुआ। इस दुर्लभ अवसर पर हजारों भक्तों ने मंदिर में पहुंचकर भगवान शिव का जलाभिषेक किया और उनकी आराधना की। मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं, जो शिवलिंग पर जल चढ़ाने के लिए घंटों इंतजार करते रहे।

पहली बार महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया 

खग्गू सराय में 46 साल से बंद पड़े प्राचीन शिव मंदिर में पहली बार महाशिवरात्रि का पर्व धूमधाम से मनाया गया। इसके पहले ही मंगलवार को डीएम डॉ. राजेंद्र पैंसिया और एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने महाशिवरात्रि की तैयारियों का निरीक्षण किया। उन्होंने खग्गू सराय मंदिर पहुंचकर जलाभिषेक किया और सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। अधिकारियों ने साफ-सफाई और भीड़ नियंत्रण के लिए जरूरी निर्देश दिए हैं। मान्यता है कि इस मंदिर में 46 साल बाद ही जलाभिषेक का अवसर आता है, जिसके कारण इसकी महत्ता और बढ़ जाती है। भक्तों का मानना है कि इस दिन यहां पूजा करने और जलाभिषेक करने से मनोकामनाएं पूरी होती हैं।

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सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम 

इस आयोजन के दौरान सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे। प्रशासन ने भक्तों की सुविधा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल और स्वयंसेवकों को तैनात किया था। मंदिर परिसर और आसपास के इलाकों में सीसीटीवी कैमरों की निगरानी भी की गई। इसके अलावा, भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को लेकर भी विशेष प्रबंध किए गए थे।

ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व 

धार्मिक गुरुओं और स्थानीय निवासियों ने इस आयोजन को "ऐतिहासिक और आध्यात्मिक महत्व का" बताया। उन्होंने कहा कि यह आयोजन न केवल भक्तों की आस्था को मजबूत करता है, बल्कि संभल की सांस्कृतिक विरासत को भी उजागर करता है।

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जीवनभर याद रखने वाला पल

भक्तों ने इस अनूठे अवसर को "जीवनभर याद रखने वाला पल" बताया। उन्होंने कहा कि 46 साल बाद मिले इस अवसर पर भगवान शिव के दर्शन और जलाभिषेक करने से उन्हें अद्भुत शांति और आनंद की अनुभूति हुई है। 

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