Mahashivratri Do And Dont (Poojan Vidhi) 2022 : महिलाओं को क्यों नहीं करना है ॐ का उच्चारण, इन लोगों को रुद्री पाठ करना क्या है वर्जित

नई दिल्ली। इस वर्ष की महाशिवरात्रि 1 मार्च 2022 यानि कल Mahashivratri Do And Dont (Poojan Vidhi) 2022 मनाई जाएगी। वैसे तो भोले नाथ को हर बड़े ही आसानी से खुश किया जा सकता है लेकिन आज आपको बताने जा रहे हैं कुछ खास उपाय जिन्हें करके आप बाबा को बड़े ही आसानी से प्रसन्न कर सकते हैं। आइए ज्योतिषाचार्य पंडित राम गोविंद शास्त्री से जानते हैं शिवरात्रि के दौरान आपको क्या करना है क्या नहीं।

चार प्रहर की पूजा का है महत्व
महाशिवरात्रि पूजन में 4 प्रहर की पूजा का सबसे ज्यादा महत्व होता है। पहली प्रहर यानि सूर्योदय के समय का पूजन, दूसरा प्रहर यानि दोपहर 12 बजे, तीसरा प्रहर यानि सूर्यास्त या प्रदोष काल और चौथे प्रहर में रात 12 बजे का पूजन खास माना गया है। आपको बता दें वैसे इन चारों प्रहर की पूजन में भगवान का पंचगव्य यानि घी, दूध, दही, शहद और जल से स्नान बेहद खास मान जाता है।

महिलाओं को वर्जित है ॐ का उच्चारण
ज्योतिषाचार्यों की मानें तो महिलाओं को ॐ का उच्चारण नहीं करना चाहिए। कहते हैं ॐ का उच्चारण करने से वैराग्य की प्राप्ति होती है। और वैराग्य पुरुषों के ​जीवन में तो हो सकता है लेकिन महिलाओं के लिए ये अच्छा नहीं माना गया है।

रुद्री पाठ से होंगे प्रसन्न
पंडित रामगोविंद शास्त्री के अनुसार महाशिवरात्रि पर रुद्री पाठ करने से जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। लेकिन ये पाठ पुरुषों को करना चाहिए। महिलाओं को भी इसे करना वर्जित है। वो इसलिए क्योंकि रुद्री पाठ केवन जनेउ धारी व्यक्ति द्वारा किया जाता है। पुरुषों में भी ये पाठ केवल जनेउ धारी पुरुषों द्वारा किया जाना चाहिए।

महाशिवरात्रि पर बन रहे हैं शुभ योग
ज्योतिषाचार्य पंडित रामगोविन्द शास्त्री के अनुसार इस बार महाशिवरात्रि के दिन सुबह 11:18 मिनट तक परिघ योग रहेगा। जिसके बाद शिव योग प्रारंभ हो जाएगा। इतना ही ​नहीं, महाशिवरात्रि के दिन मकर राशि में मंगल, शनि, चंद्रमा, शुक्र और बुध ग्रहों की युति होने से पंचग्रही योग भी बनने जा रहा है।

परिघ योग में परास्त होंगे शत्रु —
अगर आप अपने शत्रुओं को परास्त करना चाहते हैं तो परिघ योग में कुछ विशेष उपाय कर सकते हैं। आपको सफलता जरूर मिलेगी।
वहीं शिव योग में आप कोई भी महत्वपूर्ण और शुभ काम कर सकते हैं। उस काम में सफलता मिलने के साथ आपको उसका कई गुणा पुण्य भी प्राप्त होगा।

इन चीजों को चढ़ानें से भोले होंगे प्रसन्न —

तीन बेलपत्र त्रिनेत्र की संज्ञा —
ये तो सभी जानते हैं कि भोलेनाथ को बेलपत्र अति प्रिय हैं। पर इसमें ध्यान रखने वाली बात है कि बेलपत्र एक नहीं बल्कि हमेशा तीन अर्पित की जाती है। ऐसा इ​सलिए क्योंकि शास्त्रों में इन तीन पत्तियों को त्रिदेव और महादेव के त्रिनेत्र की संज्ञा दी गई है। बेलपत्र से महादेव जल्दी खुश होते हैं।

पीपल के पत्ते —
बेलपत्र के अलावा शिवजी को पीपल के पत्ते भी बेहद प्रिय हैं। बिल्वपत्र न मिलने की स्थिति में इन्हें भी अर्पित किया जा सकता है।

इसलिए चढ़ती है भांग —

भगवान शिव ने समुद्र मंथन के दौरान विष पान कर लिया था। उस दौरान उन्हें भांग के पत्तों का सेवन जलन शांत करने के लिए कराया गया था। इसलिए भगवान शिव को भांग चढ़ाई जाती है। जो उन्हें ठंडक पहुंचाती है।

हर प्रकार का कष्ट दूर करेगा धतूरा —
आपको बता दें विष की जलन शांत करने के लिए भांग के साथ—साथ धतूरा भी भगवान को खिलाया गया था। अगर आप भी उन्हें धतूरा भेंट करते हैं तो इससे सभी प्रकार के कष्ट दूर होते हैं।

शनि का प्रकोप शांत करेगा शमी —
अगर आप शनि से पीड़ित हैं तो महाशिवरात्रि पर आपको सुनहरा मौका मिलने वाला है। जी हां भगवान शिव को शमी का पौधा बेहद प्रिय है। ऐसे में अगर आप उन्हें इसकी पत्तियां अर्पित करते हैं तो आपको शनि के प्रकोप से शांति मिलती है।

नोट : इस लेख में दी गई सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित है। बंसल न्यूज इसकी पुष्टि नहीं करता। अमल में लाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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