Maharashtra Murder Case: जन्म देने वाले माता-पिता ही निकले हत्यारे, क्या कसूर था बच्ची का ?

Maharashtra Murder Case: जन्म देने वाले माता-पिता ही निकले हत्यारे, क्या कसूर था बच्ची का ?

नागपुर। Maharashtra Murder Case: महाराष्ट्र के नागपुर में पांच साल की एक बच्ची के माता-पिता ने ‘‘बुरी शक्तियों को भगाने के लिए’’ बच्ची पर ‘‘काला जादू’’ करते हुए उसे पीट-पीट कर मार डाला। पुलिस ने रविवार को यह जानकारी दी। पुलिस ने बताया कि यह घटना शुक्रवार-शनिवार की बीच रात की है। पुलिस ने बच्ची के पिता सिद्धार्थ चिमने (45),मां रंजना (42) और चाची प्रिया बंसोड़ (32) को गिरफ्तार किया है।

जाने क्या है पूरा मामला

पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि सुभाष नगर निवासी चिमने यूट्यूब पर एक स्थानीय समाचार चैनल चलाता है। वह पिछले महीने गुरु पूर्णिमा पर अपनी पत्नी और पांच और 16 साल की दो बेटियों के साथ तकलघाट इलाके में एक दरगाह गया था। तब से व्यक्ति को अपनी छोटी बेटी के व्यवहार में कुछ बदलाव महसूस हो रहा था। अधिकारी ने बताया कि पिता का मानना ​​था कि बच्ची पर ‘‘कुछ बुरी शक्तियों का साया’’ है और उसने उन्हें दूर भगाने के लिए ‘काला जादू’ करने का फैसला किया गया। लड़की के माता-पिता और चाची ने रात में ‘काला जादू’ करना शुरू किया और उसका वीडियो भी बनाया, जिसे बाद में पुलिस ने उनके फोन से बरामद कर लिया। वीडियो में आरोपी रो रही लड़की से कुछ सवाल पूछते नज़र आ रहे हैं। अधिकारी ने बताया कि बच्ची सवालों को समझ नहीं पा रही थी। अधिकारी ने बताया कि इसी दौरान तीनों आरोपियों ने बच्ची को कथित तौर पर बुरी तरह पीटा, जिसके बाद वह बेहोश होकर ज़मीन पर गिर पड़ी। इसके बाद आरोपी शनिवार सुबह बच्ची को एक दरगाह पर ले गए। बाद में, वे उसे सरकारी मेडिकल कॉलेज और अस्पताल ले गए और वहां से भाग गए।

सभी पर मामला किया दर्ज

अधिकारी ने बताया कि अस्पताल के एक सुरक्षाकर्मी को उन पर संदेह हुआ और उसने अपने मोबाइल फोन पर उनकी कार की तस्वीर खींच ली। उन्होंने बताया कि अस्पताल के चिकित्सकों ने बाद में बच्ची को मृत घोषित कर दिया और पुलिस को इसकी सूचना दी। वाहन पंजीकरण संख्या के आधार पर आरोपियों की पहचान की गई। अधिकारी ने बताया कि राणा प्रताप नगर थाने के अधिकारी आरोपियों के घर पहुंचे और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों पर भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) और ‘महाराष्ट्र मानव बलि और अन्य अमानवीय, बुरी एवं अघोरी प्रथाओं और काला जादू रोकथाम अधिनियम’ के प्रासंगिक प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया।

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