Maharashtra Hanuman Chalisha Raw: सांसद नवनीत राणा और रवि राणा ने बॉम्बे हाईकोर्ट का किया रूख, की याचिका दायर

Maharashtra Hanuman Chalisha Raw: महाराष्ट्र में अमरावती सांसद नवनीत राणा और उनके पति रवि राणा के मामले ने तूल पकड़ लिया है जहां पर आगे के मामले में दंपत्ति ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख किया है। जिसमें उनके खिलाफ दर्ज FIR रद्द करने के लिए एक याचिका दायर की है।

इधर महाराष्ट्र सियासत में अलग रंग

आपको बताते चलें कि. राणा दंपत्ति के मामले के अलावा महाराष्ट्र की सियासत में अलग ही बवाल मचा हुआ है जहां पर महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे और पूर्व मुख्यमंत्री और विपक्ष के नेता देवेंद्र फडणवीस राज्य सरकार द्वारा बुलाई गई बैठक में शामिल नहीं होंगे। बैठक की अध्यक्षता महाराष्ट्र के गृह मंत्री दिलीप वालसे और उप मुख्यमंत्री अजीत पवार करेंगे।

 

सांसद नवनीत राणा को भेजा महिला जेल

आपको बताते चलें कि, मुंबई पुलिस ने सांसद नवनीत राणा को यहां की भायखला महिला जेल में स्थानांतरित किया है, वहीं उनके पति एवं विधायक रवि राणा को नवी मुंबई के तलोजा जेल ले जाया गया है। एक अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी। राणा दंपत्ति को शनिवार को गिरफ्तार किया गया था। उन्होंने महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे के आवास ‘मातोश्री’ के बाहर हनुमान चालीसा का पाठ करने की बात कही थी, जिससे शिवसेना के कार्यकर्ता बेहद आक्रोशित हो गए थे और उन्होंने राणा के आवास के आगे विरोध प्रदर्शन किया था। मुंबई पुलिस ने राणा दंपत्ति के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है और बाद में उसमें राजद्रोह का आरोप भी जोड़ दिया।

14 दिन की न्यायिक हिरासत पर भेजा

बता दें कि,  रविवार को मुंबई की एक अदालत ने राणा दंपति को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया था। इसके बाद रविवार देर रात अमरावती से सांसद नवनीत राणा को भायखला महिला कारावास ले जाया गया था। एक अधिकारी ने बताया कि उनके पति एवं अमरावती के बडनेरा से विधायक रवि राणा को पहले यहां के ऑर्थर रोड जेल ले जाया गया था लेकिन वहां जगह नहीं होने के कारण उन्हें नवी मुंबई की तलोजा जेल ले जाया गया। राणा दंपत्ति के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा- 153 ए (अलग-अलग समुदायों के बीच धर्म, भाषा आदि के नाम पर विद्वेष उत्पन्न करना),धारा 34(सामान्य इरादे) और मुंबई पुलिस अधिनियम की धारा-135 (पुलिस द्वारा लागू निषेधाज्ञा का उल्लंघन करने) का मामला दर्ज किया गया। बाद में इसमें 124-ए (राजद्रोह) की धारा भी जोड़ी गयी है।

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