महाराष्ट्र सीएमओ ने औरंगाबाद को संभाजीनगर के रूप में उल्लेख किया, कांग्रेस ने आपत्ति जतायी

मुंबई, छह जनवरी (भाषा) महाराष्ट्र में औरंगाबाद का नाम बदलने के मुद्दे पर राज्य में सत्तारूढ़ गठबंधन के अंदर मतभेद उस वक्त फिर से उभर कर सामने आ गया, जब मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने राज्य मंत्रिमंडल के फैसलों के बारे में ट्वीट किया, जिसमें इस शहर को संभाजीनगर के रूप में उल्लेख किया गया है। वहीं, महा विकास आघाडी सरकार में शामिल कांग्रेस ने इस पर आपत्ति जतायी है।

गौरतलब है कि शिवसेना पिछले कुछ दशकों से मांग कर रही है कि औरंगाबाद का नाम संभाजीनगर रखा जाए। हालांकि, पार्टी अब कांग्रेस के साथ गठबंधन में सरकार चला रही है, जिसने इस प्रस्ताव का लगातार विरोध किया है।

बुधवार को मंत्रिमंडल के फैसलों के बारे में किये गए एक ट्वीट में, राज्य के मुख्यमंत्री कार्यालय (सीएमओ) ने कहा, ‘संभाजीनगर (औरंगाबाद) में सरकारी मेडिकल कॉलेज में अतिरिक्त 165 बेड और 360 नए पदों के निर्माण को मंजूरी दी गई है।’

महाराष्ट्र के चिकित्सा शिक्षा मंत्री एवं कांग्रेस नेता अमित देशमुख को ट्वीट में टैग किया गया है।

उसके बाद ट्विटर पर महाराष्ट्र कांग्रेस प्रमुख बालासाहेब थोराट ने जगह का नाम बदलने के किसी भी प्रयास के प्रति अपनी पार्टी के विरोध को दोहराया।

थोराट ने कहा, ‘सूचना और प्रचार निदेशालय को अपनी ओर से शहरों का नाम नहीं बदलना चाहिए। यह याद रखना चाहिए कि आधिकारिक काम एक कानूनी दस्तावेज है। शहरों का नाम बदलना एमवीए सरकार के साझा न्यूनतम कार्यक्रम (सीएमपी) के एजेंडे में शामिल नहीं है।’

उन्होंने कहा कि एमवीए सरकार सीएमपी में किये वादे के लिए प्रतिबद्ध है।

राज्य के राजस्व मंत्री थोराट ने कहा, ‘‘हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि हम किसी भी शहर का नाम बदलने का विरोध कर रहे हैं, ताकि सामाजिक सद्भाव कायम रहे।’’

उन्होंने कहा, ‘छत्रपति शंभाजी महाराज हमारे पूजनीय हैं। उनके नाम पर राजनीति करने से बचें। आइए औरंगाबाद के विकास के लिए मिलकर काम करें।’

औरंगाबाद में इस साल के अंत में नगर निकाय चुनाव होने वाले हैं।

भाषा कृष्ण सुभाष

सुभाष

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