Mahakumbh Rule: महाकुंभ में अब शाही नहीं राजसी स्नान होगा, 8 अखाड़ों का फैसला, नहाने वालों को आधार कार्ड लाना जरूरी

Mahakumbh Rule: महाकुंभ में अब शाही नहीं राजसी स्नान होगा। 8 अखाड़ों ने फैसला किया है। नहाने वालों को आधार कार्ड लाना जरूरी होगा।

Mahakumbh Rule there will be rajsi snan instead of shahi snan

Mahakumbh Rule: प्रयागराज में महाकुंभ स्नान को लेकर नए नियम बनाए गए हैं। 8 अखाड़ों के संतों ने स्नान को सुरक्षित बनाने के लिए अहम फैसले लिए हैं। महाकुंभ में अब शाही स्नान की जगह राजसी स्नान होगा। कुंभ में शामिल होने वाले संतों को आईडी कार्ड दिए जाएंगे। देश-विदेश से आने वाले लोगों के लिए आधार कार्ड लाना जरूरी होगा।

हरि गिरी महाराज रहे मौजूद

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी की अध्यक्षता में प्रयागराज में निरंजनी अखाड़ा के दारागंज के मुख्यालय में बैठक हुई। इस दौरान परिषद के महामंत्री हरि गिरी महाराज के साथ 8 अखाड़ों के संत मौजूद रहे।

कई मुद्दों पर एकमत हुए संत

बैठक में लव जिहाद और गाय को राष्ट्रीय माता मानने जैसे मुद्दों पर संतों में सहमति बनी। संतों ने उर्दू और फारसी के शब्दों को हटाकर सनातन संस्कृति के अनुसार नाम रखने पर एकजुटता दिखाई। अब 6 अक्टूबर (रविवार) को अखाड़ा परिषद 11 प्रस्ताव मुख्यमंत्री योगी के सामने पेश करेगी। इससे पहले महाकाल की भादो में निकलने वाली शाही सवारी के 'शाही' शब्द पर आपत्ति की गई थी।

[caption id="attachment_675217" align="alignnone" width="790"]kumbh महाकुंभ को लेकर संतों की बैठक[/caption]

ये 11 प्रस्ताव पास

1. महाकुंभ में शाही और पेशवाई शब्द नहीं होंगे। शाही स्नान अब राजसी स्नान होगा।

2. महाकुंभ में आने वाले संतो को आईडी कार्ड दिए जाएंगे।

3. लव जिहाद और गौ हत्या पर कड़े कानून बनाए जाएं।

4. अखाड़ों को बराबर-बराबर बजट मिले।

5. बड़े अखाड़ों को 5-5 करोड़ मिलें।

6. गैर सनातनी अधिकारियों को महाकुंभ मेले में ड्यूटी पर ना लगाया जाए।

7. मेला क्षेत्र और आसपास मांस-मदिरा की बिक्री ना हो।

8. गाय को राष्ट्र गौ माता का दर्जा दिया जाए।

9. महाकुंभ में जो भी स्नान करने आए उसके पास आधार कार्ड हो।

10. महाकुंभ मेले में ढोंगी बाबाओं का प्रवेश पूरी तरह से वर्जित किया जाए।

11. अखाड़ों के संतों से अधिकारी मुलाकात नहीं करते हैं, इस पर विचार किया जाए।

'अखाड़ों का बजट दोगुना करना होगा'

अखाड़ों के संतों ने कहा है कि अगर सनातन धर्म को बचाना है, तो अखाड़ों का बजट 2019 के मुकाबले दोगुना करना पड़ेगा। गंगा की निरंतरता और स्वच्छता के लिए, गंगा-यमुना पर बन रहे स्नान घाटों का नाम संतों के इष्ट देवता के नाम पर रखने की मांग की गई है।

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महंत रवींद्र पुरी ने क्या कहा ?

अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी ने कहा कि इस समय कई देशों में युद्ध जैसी स्थिति है। इसलिए हर व्यक्ति की जांच जरूरी है। सभी के पास आधार कार्ड और पहचान पत्र होना चाहिए। अगर कोई संदिग्ध या हमारे धर्म के खिलाफ काम कर रहा हो, तो उसे मेले से बाहर निकाल देना चाहिए।

रवींद्र पुरी ने बताया कि कुल 13 अखाड़े हैं, जिनमें से 9 अखाड़ों के संत हमारे साथ हैं। इसलिए हमने शाही स्नान का नाम बदलकर राजसी स्नान रखने का फैसला बहुमत से किया है। लेकिन आईडी कार्ड का निर्णय सीएम योगी को लेना है।

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