Mahakumbh Dharm Sansad: देवकीनंदन ठाकुर ने वक्फ बोर्ड पर साधा निशाना, बोले-  राम मंदिर तो झांकी है..

Mahakumbh Dharm Sansad: प्रयागराज महाकुंभ में सोमवार को सनातन धर्म संसद का आयोजन हुआ। इस दौरान देवकीनंदन ठाकुर ने कहा कि प्रयागराज की कुंभ भूमि हमारी है।

Mahakumbh Dharm Sansad

Mahakumbh Dharm Sansad: प्रयागराज में चल रहे महाकुंभ 2025 के दौरान सोमवार को धर्म संसद का आयोजन किया गया। यह संसद सनातन बोर्ड के गठन के लिए आयोजित की गई थी। इसमें चारों शंकराचार्य और वैष्णव यह तय करेंगे कि इसकी संरचना कैसी होनी चाहिए। धर्म संसद के मुख्य वक्ता कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर ने कई विवादास्पद मुद्दों पर अपने विचार व्यक्त किए तथा सनातन धर्म की रक्षा का आह्वान किया।

देवकीनंदन ठाकुर के बयान

धर्म संसद (Mahakumbh Dharm Sansad) में बोलते हुए देवकीनंदन ठाकुर ने कहा, “वक्फ बोर्ड का कहना है कि प्रयागराज की कुंभ भूमि हमारी है। अगर आज हम ऐसा कह रहे हैं तो कल हम पूरे भारत को अपना कहेंगे। हिंदू इसे बर्दाश्त नहीं करेंगे और अपने अधिकार वापस लेंगे। उन्होंने कहा, ‘बांग्लादेश और पाकिस्तान में कोई हिंदू बोर्ड नहीं है, तो भारत में वक्फ बोर्ड का क्या उपयोग है?’

मठ-मंदिरों को सरकारी संरक्षण से मुक्त करने की मांग करते हुए उन्होंने कहा, आज भगवान के भोग का फैसला डीएम करते हैं, जबकि यह अधिकार आचार्यों के पास होना चाहिए।

लव जिहाद के मुद्दे पर देवकीनंदन ठाकुर

देवकीनंदन ने लव जिहाद के मुद्दे पर भी कहा, ‘हमें अपनी बहनों और बेटियों के साथ हो रही इन घटनाओं को रोकने के लिए सख्त कदम उठाने होंगे। हमारे नागा साधु ही पर्याप्त हैं, हमें किसी और की जरूरत नहीं है।’ उन्होंने मथुरा और आगरा में मंदिरों के जीर्णोद्धार तथा धार्मिक विरासत की पुनर्प्राप्ति के बारे में भी बात की।

सनातन बोर्ड की आवश्यकता पर जोर

देवकीनंदन ने कहा, ‘यह धर्म संसद सनातन धर्म और उसकी परंपराओं की रक्षा के लिए है। पूजा, परंपरा, संस्कृति और गाय की रक्षा के लिए सनातन बोर्ड का गठन जरूरी है। सनातन धर्म को सही दिशा देने के लिए यह कदम उठाया गया है।’

धर्म संसद पर हेमा मालिनी की प्रतिक्रिया

भाजपा सांसद हेमा मालिनी ने धर्म संसद के आयोजन पर प्रतिक्रिया व्यक्त की। उन्होंने कहा, ‘144 वर्षों के बाद ऐसा अवसर आया है जब प्रयागराज में महाकुंभ का आयोजन हो रहा है। सनातन धर्म संसद का आयोजन सभी सनातनियों के लिए गौरव की बात है। यह धर्म, परंपरा और संस्कृति की रक्षा की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है।’

प्रयागराज में महाकुंभ का माहौल

महाकुंभ 2025 में लाखों श्रद्धालु त्रिवेणी संगम में डुबकी लगाएंगे। अब तक करोड़ों श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। धर्म संसद के इस कार्यक्रम ने सनातन धर्म के मार्गदर्शन और संरक्षण के लिए महाकुंभ में आए संतों और श्रद्धालुओं को एकता का संदेश दिया है।

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