महाकुंभ 2025: सुबह 6 बजकर 15 मिनट पर पहला अमृत स्नान, जानें अखाड़ों की समय सूची, प्रशासन तैयार

Mahakumbh 2025: महाकुंभ 2025 में अखाड़ों के अमृत स्नान की परंपरा का पालन होगा। श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी करेगा। सबसे आखिरी में श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल अमृत स्नान करेगा।

Mahakumbh 2025 Amrit Snan Akhada Prayagraj

Mahakumbh 2025: प्रयागराज महाकुंभ की भव्य शुरुआत हो चुकी है। पौष पूर्णिमा के स्नान पर्व के सकुशल समापन के बाद अब सभी को प्रतीक्षा है महाकुंभ के महास्नान यानी शाही स्नान की जिसे इस बार अमृत स्नान का नाम मिला है। महाकुंभ मेला प्रशासन की तरफ से पूर्व की मान्यताओं का पूरी तरह अनुसरण करते हुए सनातन धर्म के 13 अखाड़ों को अमृत स्नान में स्नान क्रम भी जारी किया गया है। सभी अखाड़ों को इसकी जानकारी दे दी गई है। प्रशासन की पूरी तैयारी है।

सबसे पहले अमृत स्नान करेगा महानिर्वाणी अखाड़ा

महाकुंभ मेला 2025 में अखाड़ों के परंपरागत पहले से निर्धारित क्रम के अनुसार अमृत स्नान की तारीखों और उनके स्नान क्रम की सूचना अखाड़ों को मिल चुकी है। श्री पंचायती अखाड़ा निर्मल के सचिव महंत आचार्य देवेंद्र सिंह शास्त्री बताते हैं कि अखाड़ों के अमृत स्नान की तारीख, क्रम और समय की जानकारी आ चुकी है। मकर संक्रांति 14 जनवरी को श्री पंचायती अखाड़ा महानिर्वाणी सबसे पहले अमृत स्नान करेगा जिसके साथ श्री शम्भू पंचायती अटल अखाड़ा भी होगा। ये अखाड़ा 5.15 पर शिविर से प्रस्थान करेगा और 6.15 पर घाट पहुंचेगा। इसे 40 मिनट का समय स्नान के लिए दिया गया है। ये 6.55 पर घाट से वापस शिविर के लिए रवाना होगा और 7.55 पर शिविर पहुंचेगा।

अन्य अखाड़ों के लिए भी समय सूची

दूसरे स्थान पर श्री तपोनिधि पंचायती श्री निरंजनी अखाड़ा और श्री पंचायती अखाड़ा आनन्द अमृत स्नान करेगा। इसका शिविर से प्रस्थान का समय 6.05, घाट पर आगमन का समय 7.05, स्नान का समय 40 मिनट, घाट से प्रस्थान का समय 7.45 शिविर में आगमन का समय 8.45 रहेगा। तीसरे स्थान पर तीन संन्यासी अखाड़े अमृत स्नान करेंगे। इसमें श्री पंचदशनाम जूना अखाड़ा, श्री पंचदशनाम आवाहन अखाड़ा और श्री पंचाग्नि अखाड़ा शामिल हैं। इसका शिविर से प्रस्थान का समय 7.00 घाट पर आगमन का समय 8, स्नान का समय 40 मिनट, घाट से प्रस्थान का समय 8.40 शिविर में आगमन का समय 9.40 होगा।

बैरागी अखाड़ों के लिए भी जारी हुई समय सूची

तीन बैरागी अखाड़ों में सबसे पहले अखिल भारतीय श्री पंच निर्मोही अनी अखाड़ा 9.40 पर शिविर से चलेगा। 10.40 पर घाट पहुंचेगा और 30 मिनट स्नान के बाद 11.10 पर घाट से रवाना होकर दोपहर 12.10 पर शिविर पहुंच जाएगा। इसी क्रम में अखिल भारतीय श्री पंच दिगंबर अनी अखाड़ा 10.20 पर शिविर से निकलेगा। 11.20 पर घाट पहुंचना, 50 मिनट स्नान के बाद 12.10 पर घाट से रवाना होकर दोपहर 1.10 पर शिविर वापस आ जाएगा। इसी तरह अखिल भारतीय श्री पंच निर्वाणी अनी अखाड़ा 11.20 पर शिविर से चलेगा, 12.20 पर घाट पहुंचेगा। 30 मिनट स्नान के बाद 12.50 पर वहां से वापस 1.50 पर शिविर आ जाएगा।

ये खबर भी पढ़ें: किसानों की आय बढ़ाएगी ये गाय: 5 हजार रूपए किलो बिकता है इस गाय का घी, खासियत जानकार आप भी रह जाएंगे दंग

अन्य अखाड़ों की समय सूची

बाकी बचे तीन अखाड़ों में उदासीन से जुड़े अखाड़े आते हैं। इसमें उदासीन श्री पंचायती नया उदासीन अखाड़ा 12.15 पर अपने शिविर से रवाना होकर दोपहर 1.15 पर घाट पहुंचेगा और 55 मिनट स्नान करने के बाद 2.10 पर घाट से रवाना होकर 3.10 पर शिविर पहुंच जाएगा। इसके बाद श्री पंचायती अखाड़ा, नया उदासीन, निर्वाण की बारी है जो 1.20 बजे शिविर से उठेगा और 2.20 पर घाट पहुंचेगा। यहां एक घंटे स्नान के बाद 3.20 पर घाट से रवाना होकर 4.20 पर शिविर आ जाएगा। सबसे आखिर में अमृत स्नान श्री पंचायती निर्मल अखाड़ा करेगा। यह अखाड़ा दोपहर 2.40 पर शिविर से चलेगा और 3.40 पर घाट पहुंचेगा। 40 मिनट स्नान करने के बाद 4.20 पर घाट से रवाना होकर शाम 5.20 पर शिविर आ जाएगा। यह व्यवस्था मकर संक्रांति और बसंत पंचमी के अमृत स्नान के लिए जारी हुई है।

ये है सर्वधर्म समभाव: मौलाना वहीदुल्लाह अंसारी ने पढ़े चारों वेद, नाम के आगे लिखते हैं चतुर्वेदी, पुराण-गीता का भी ज्ञान

Maulana Wahidullah Ansari Chaturvedi Ved Puran Geeta meerut up

Maulana Wahidullah Ansari Chaturvedi: उत्तर प्रदेश में मेरठ के मौलाना वहीदुल्लाह अंसारी मुस्लिम हैं, लेकिन अपने नाम के आखिर में चतुर्वेदी लगाते हैं। उनका पूरा नाम सुनकर अक्सर लोग हैरान होते हैं और जानना चाहते हैं कि आखिर कोई मुस्लिम चतुर्वेदी कैसे हो सकता है ? हिंदू और मुस्लिम समुदाय के कुछ लोग ऐसा करने के लिए उनका विरोध भी करते हैं, लेकिन इन सबसे बेपरवाह होकर वो राम के आदर्शों पर चलने के लिए दूसरों को प्रेरित करते हैं। पूरी खबर पढ़ने के लिए क्लिक करें...

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article