महाकाल का पंच मुखारविंद स्वरूप: 1 मार्च को देंगे दर्शन, साल में सिर्फ एक बार होता है ऐसा श्रृंगार

Ujjain Mahakal Mandir: उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में 1 मार्च को भगवान महाकाल पंच मुखारविंद में दर्शन देंगे। यह एक दुर्लभ संयोग सिर्फ साल में केवल एक बार महाशिवरात्रि के बाद आता है।

Ujjain Mahakal Mandir

हाइलाइट्स

  • बाबा महाकाल के पंच मुखारविंद में दर्शन
  • 1 मार्च को है यह दुर्लभ संयोग
  •  दर्शन से मिलता है शिवनवरात्रि का पुण्य

Ujjain Mahakal Mandir: उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में 1 मार्च को भगवान महाकाल पंच मुखारविंद में दर्शन देंगे। यह एक दुर्लभ संयोग सिर्फ साल में केवल एक बार महाशिवरात्रि के बाद आता है।

मंदिर में हाल ही में 17 से 25 फरवरी तक शिव नवरात्रि का पर्व मनाया गया। इस दौरान भगवान महाकालेश्वर ने गर्भगृह में नौ अलग-अलग रूपों में श्रद्धालुओं को दर्शन दिए। शिवनवरात्रि का समापन गुरुवार को सेहरा दर्शन और भस्म आरती के साथ हुआ।

 इन दर्शनों से मिलता है शिवनवरात्रि का पुण्य

फाल्गुन शुक्ल द्वितीया को भगवान महाकाल पांच विशेष रूपों में दर्शन देंगे। ये रूप हैं - छबीना स्वरूप, मनमहेश स्वरूप, होल्कर स्वरूप, उमा-महेश स्वरूप और श्री शिवतांडव स्वरूप। धार्मिक मान्यता के अनुसार, जो श्रद्धालु शिवनवरात्रि के दौरान महाकाल के दर्शन नहीं कर पाए, वे इस विशेष दिन पंच मुखारविंद के दर्शन कर पूरी शिवनवरात्रि का पुण्य प्राप्त कर सकते हैं।

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महाकाल को चढ़ा सेहरा।

Ujjain Mahakaleshwar Temple: महाशिवरात्रि के पावन पर्व पर उज्जैन स्थित महाकालेश्वर मंदिर में भव्य आयोजन हुआ। गुरुवार को भगवान महाकाल को साल में एक बार धारण किया जाने वाला सवा मन का पुष्प मुकुट (सेहरा) पहनाया गया। सेहरा दर्शन के बाद भस्म आरती का आयोजन किया गया। इसके बाद भोग आरती हुई और शिव नवरात्रि का पारणा किया गया। पूरी खबर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें...

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