Maha Shivratri puja vidhi 2022 : महा शिवरात्रि आज, खास योग में हो रहा पूजन, इन उपायों से सारे संकट होंगे दूज

नई दिल्ली। आज भोले बाबा का Maha Shivratri puja vidhi 2022  महा पर्व यानि महाशिवरात्रि की धूम चारों ओर सुनाई दे रही है। शिव—पार्वती विवाह पर गाजे—बाजे के साथ बाबा की बारात निकाली जाएगी। आपको बता दें आज यानि मंगलवार पड़ी महाशिवरात्रि बड़ी ही खास है। जी हां क्योंकि इस बार मां पार्वती और भगवान शिव के इस त्योहार पर पांच ग्रहों की युति बनी है। ज्योतिषाचार्यों की मानें इस विशेष योग में पड़ रही महाशिवरात्रि भक्तों की हर मुराद पूरी करेंगी।

चार प्रहर की पूजा का है महत्व
महाशिवरात्रि पूजन में 4 प्रहर की पूजा का सबसे ज्यादा महत्व होता है। पहली प्रहर यानि सूर्योदय के समय का पूजन, दूसरा प्रहर यानि दोपहर 12 बजे, तीसरा प्रहर यानि सूर्यास्त या प्रदोष काल और चौथे प्रहर में रात 12 बजे का पूजन खास माना गया है। आपको बता दें वैसे इन चारों प्रहर की पूजन में भगवान का पंचगव्य यानि घी, दूध, दही, शहद और जल से स्नान बेहद खास मान जाता है।

महिलाओं को वर्जित है ॐ का उच्चारण
ज्योतिषाचार्यों की मानें तो महिलाओं को ॐ का उच्चारण नहीं करना चाहिए। कहते हैं ॐ का उच्चारण करने से वैराग्य की प्राप्ति होती है। और वैराग्य पुरुषों के ​जीवन में तो हो सकता है लेकिन महिलाओं के लिए ये अच्छा नहीं माना गया है।

रुद्री पाठ से होंगे प्रसन्न
पंडित रामगोविंद शास्त्री के अनुसार महाशिवरात्रि पर रुद्री पाठ करने से जीवन के सारे कष्ट दूर हो जाते हैं। लेकिन ये पाठ पुरुषों को करना चाहिए। महिलाओं को भी इसे करना वर्जित है। वो इसलिए क्योंकि रुद्री पाठ केवन जनेउ धारी व्यक्ति द्वारा किया जाता है। पुरुषों में भी ये पाठ केवल जनेउ धारी पुरुषों द्वारा किया जाना चाहिए।

हुआ था शिव विवाह —
मान्यता अनुसार इस दिन माता पार्वती और महादेव का विवाह होने से ये दोनों को अत्यंत प्रिय है। इसलिए कहा जाता है कि इस दिन शिव—गौरी से सच्चे मन से मन्न मांगने से सारे कष्ट दूर होते हैं। अगर आप भी इस दिन बन रहे विशेष योग का लाभ उठाना चाहते हैं तो हम आपको बताने जा रहे है भोले बाबा ​की कुछ खास प्रिय वस्तुएं जिन्हें बाबा को अर्पित कर आप भी उनकी कृपा पा सकते हैं। चलिए जानते हैं कौन सी हैं वे चीजें।

यह भी पढ़ें : Five Remedies For Five Mouths Mahashivratri 2022 : इस दिन आ रही है साल 2022 की ​महाशिवरात्रि, गाल बजाने से शिव होंगे प्रसन्न!

महाशिवरात्रि पर बन रहे हैं शुभ योग
ज्योतिषाचार्य पंडित रामगोविन्द शास्त्री के अनुसार इस बार महाशिवरात्रि के दिन सुबह 11:18 मिनट तक परिघ योग रहेगा। जिसके बाद शिव योग प्रारंभ हो जाएगा। इतना ही ​नहीं, महाशिवरात्रि के दिन मकर राशि में मंगल, शनि, चंद्रमा, शुक्र और बुध ग्रहों की युति होने से पंचग्रही योग भी बनने जा रहा है।

परिघ योग में परास्त होंगे शत्रु —
अगर आप अपने शत्रुओं को परास्त करना चाहते हैं तो परिघ योग में कुछ विशेष उपाय कर सकते हैं। आपको सफलता जरूर मिलेगी।
वहीं शिव योग में आप कोई भी महत्वपूर्ण और शुभ काम कर सकते हैं। उस काम में सफलता मिलने के साथ आपको उसका कई गुणा पुण्य भी प्राप्त होगा।

यह भी पढ़ें : Happy Mahashivratri Wishes 2022 : कर लें तैयारी, महाशिवरात्रि पर शिवजी के भक्तों को कह सकेंगे हैप्पी शिवरात्रि

महादेव की प्रिय वस्तुएं —

तीन बेलपत्र त्रिनेत्र की संज्ञा —
ये तो सभी जानते हैं कि भोलेनाथ को बेलपत्र अति प्रिय हैं। पर इसमें ध्यान रखने वाली बात है कि बेलपत्र एक नहीं बल्कि हमेशा तीन अर्पित की जाती है। ऐसा इ​सलिए क्योंकि शास्त्रों में इन तीन पत्तियों को त्रिदेव और महादेव के त्रिनेत्र की संज्ञा दी गई है। बेलपत्र से महादेव जल्दी खुश होते हैं।

पीपल के पत्ते —
बेलपत्र के अलावा शिवजी को पीपल के पत्ते भी बेहद प्रिय हैं। बिल्वपत्र न मिलने की स्थिति में इन्हें भी अर्पित किया जा सकता है।

इसलिए चढ़ती है भांग —

भगवान शिव ने समुद्र मंथन के दौरान विष पान कर लिया था। उस दौरान उन्हें भांग के पत्तों का सेवन जलन शांत करने के लिए कराया गया था। इसलिए भगवान शिव को भांग चढ़ाई जाती है। जो उन्हें ठंडक पहुंचाती है।

हर प्रकार का कष्ट दूर करेगा धतूरा —
आपको बता दें विष की जलन शांत करने के लिए भांग के साथ—साथ धतूरा भी भगवान को खिलाया गया था। अगर आप भी उन्हें धतूरा भेंट करते हैं तो इससे सभी प्रकार के कष्ट दूर होते हैं।

शनि का प्रकोप शांत करेगा शमी —
अगर आप शनि से पीड़ित हैं तो महाशिवरात्रि पर आपको सुनहरा मौका मिलने वाला है। जी हां भगवान शिव को शमी का पौधा बेहद प्रिय है। ऐसे में अगर आप उन्हें इसकी पत्तियां अर्पित करते हैं तो आपको शनि के प्रकोप से शांति मिलती है।

यह भी पढ़ें : Mahashivratri 2022 : जानिए कब आ रही है इस साल की ​महाशिवरात्रि, शिवजी के पांच मुखों के पांच उपाय

नोट : इस लेख में दी गई सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित है। बंसल न्यूज इसकी पुष्टि नहीं करता। अमल में लाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

Share This

0 Comments

Leave a Comment

Login

Welcome! Login in to your account

Remember me Lost your password?

Lost Password