महाशिवरात्रि पर महाकुंभ का आखिरी स्नान: गंगा का घटा पानी, शहर में वाहनों की एंट्री पर रोक, जानें स्नान की व्यवस्था

Mahakumbh 2025: महाकुंभ का 26 फरवरी  यानी महाशिवरात्रि को आखिरी दिन है। 13 जनवरी से अब तक 44 दिन में 64.19 करोड़ श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। मंगलवार दोपहर 2 बजे तक 83.53 लाख लोग स्नान कर चुके हैं। गंगा नदी का जल स्तर कम होने के कारण प्रशासन को स्नान की विशेष व्यवस्था करनी पड़ी है। साथ ही, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शहर में वाहनों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है।

महाशिवरात्रि पर महाकुंभ का आखिरी स्नान: गंगा का घटा पानी, शहर में वाहनों की एंट्री पर रोक, जानें स्नान की व्यवस्था

Mahakumbh 2025: महाकुंभ का 26 फरवरी  यानी महाशिवरात्रि को आखिरी दिन है। 13 जनवरी से अब तक 44 दिन में 64.19 करोड़ श्रद्धालु स्नान कर चुके हैं। मंगलवार दोपहर 2 बजे तक 83.53 लाख लोग स्नान कर चुके हैं। गंगा नदी का जल स्तर कम होने के कारण प्रशासन को स्नान की विशेष व्यवस्था करनी पड़ी है। साथ ही, भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शहर में वाहनों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है।

गंगा का घटा पानी और स्नान व्यवस्था

इस बार गंगा नदी का जल स्तर सामान्य से कम है, जिसके कारण श्रद्धालुओं को स्नान के लिए विशेष व्यवस्था करनी पड़ी है। प्रशासन ने संगम तट पर अस्थायी घाट बनाए हैं और पानी की गहराई को लेकर श्रद्धालुओं को सतर्क किया है। सुरक्षा के लिए एनडीआरएफ और स्थानीय प्रशासन की टीमें तैनात की गई हैं।

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वाहनों की एंट्री पर रोक

भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने शहर में वाहनों की एंट्री पर रोक लगा दी है। केवल आपातकालीन वाहनों और सार्वजनिक परिवहन को ही अनुमति दी गई है। श्रद्धालुओं को पार्किंग स्थलों से संगम तट तक पैदल या शटल सेवाओं के माध्यम से जाना होगा।

महाशिवरात्रि स्नान के लिए व्यापक सुरक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं

प्रशासन ने महाशिवरात्रि स्नान के लिए व्यापक सुरक्षा और सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। सीसीटीवी कैमरों, ड्रोन और पुलिस बल की तैनाती की गई है। श्रद्धालुओं के लिए पानी, भोजन और चिकित्सा सुविधाएं भी उपलब्ध कराई गई हैं।

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श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सलाह

  • प्रशासन के निर्देशों का पालन करें और भीड़ में धैर्य बनाए रखें।
  • अपने सामान का विशेष ध्यान रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत अधिकारियों को दें।
  • स्नान के दौरान सुरक्षा नियमों का पालन करें और गहरे पानी में जाने से बचें।
  • महाशिवरात्रि का यह पावन पर्व सभी के लिए आनंददायक और आध्यात्मिक अनुभव बने, इसके लिए प्रशासन ने हर संभव प्रयास किया है। श्रद्धालुओं से अनुरोध है कि वे सहयोग करें और सुरक्षित तरीके से दर्शन और स्नान करें।
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