माघ पूर्णिमा आज, इन उपायों से भरेगा कुबेर का खजाना, इस मुहूर्त में करें स्नान

Magh Purnima Vishesh Yog 2022: माघ पूर्णिमा आज, इन उपायों से भरेगा कुबेर का खजाना, इस मुहूर्त में करें स्नान

नई दिल्ली। हिन्दु पंचांग के अनुसार Magh Purnima Vishesh Yog 2022 महीने के आखिरी दिन को पूर्णिमा कहा जाता है। अभी चल रहे माघ माह की पूर्णिमा आज हैं। इस साल माघ पूर्णिया को (Magh Month Purnima 2022) एक विशेष योग बनने जा रहा है। इसी के साथ माघ माह की समाप्ति को जाएगी। Magh Purnima 2022 इस दिन​ किया गया स्नान दान आपको कुछ खास फलों की प्राप्ति करा सकता है।
अगर इस दिन कुछ खास उपाय किए जाएं तो आपको मां लक्ष्मी की विशेष कृपा प्राप्त हो सकती है।

इस दिन बन रहा है ये खास संयोग —
इस साल माघ महीने की पूर्णिमा आज मनाई जाएगी। ज्योतिषाचार्य पंडित रामगोविन्द शास्त्री के अनुसार इस बार माघ पूर्णिमा (Magh Purnima 2022) पर खास संयोग(Magh Purnima 2022 Shubh Muhurat) बन रहे हैं। जो आपको मां लक्ष्मी की प्राप्ति करा सकता है।

इस दिन बन रहा है ये विशेष संयोग —
हिन्दू पंचांग के अनुसार माघ पूर्णिमा (Magh Purnima 2022) पर स्नान दान का विशेष महत्व होता है। 16 फरवरी को प्रात: 9:42 से रात 10 बजे तक स्नान दान का मुहूर्त रहेगा। इस दिन बन रहे खास संयोग की बात करें तो कर्क राशि में चंद्रमा ओर अश्लेक्षा नक्षत्र की युति बनने से ये योग एक खास असर डालने वाला है। इस योग को शोभन योग कहा जाता है।

इस दिन का राहुकाल —
16 फरवरी को दोपहर 12:35 मिनट से 1:59 मिनट तक राहुकाल रहेगा। इस दौरान शुभ काल वर्जित है।

ये खास उपाय दिलाएंगे —

मां लक्ष्मी के उपाय —

आर्थिक तंगी से परेशान लोगों के लिए खास उपाय बताए गए हैं जिसके अनुसार मां लक्ष्मी को प्रसन्न किया जा सकता है। इसके लिए 11 कौड़ियों को हल्दी का तिलक लगाकर मां लक्ष्मी को अर्पित करें। इसके बाद इन्हें लाल कपड़े में बांधकर पैसे रखने वाले स्थान पर रखें।
मां लक्ष्मी को खीर का भोग लगाएं।
पूजन में तुलसी मां को घी का दीपक जलाएं।
इस दिन पीपल के वृक्ष में लक्ष्मी का आगमन होता है। इसलिए सुबह स्नान करके इस वृक्ष पर जल चढ़ाकर पूजा करें।
पूर्णिमा की रात को माता लक्ष्मी के आगमन के लिए पूर्णिमा की सुबह से ही स्नान कर तुलसी को भोग लगाएं।

मानसिक शांति के उपाय —

अगर आप मानसिक रूप से अशांत महसूस कर रहे हैं तो इसके लिए कच्चे दूध में चीनी और चावल डालकर चंद्रोदय के समय चंद्रमा को अर्घ्य दें।

चंद्रमा के मंत्र —

“ॐ स्रां स्रीं स्रौं स: चन्द्रमसे नम:”
” ॐ ऐं क्लीं सोमाय नम: ”

नोट : इस लेख में दी गई सूचनाएं सामान्य जानकारियों पर आधारित है। बंसल न्यूज इसकी पुष्टि नहीं करता। अमल में लाने से पहले विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।

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