Magh Purnima 2025: माघी पूर्णिमा पर आस्था की डुबकी लगाकर पाएं मोक्ष, जानें त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान का शुभ मुहूर्त

Magh Purnima 2025: महाकुंभ 2025 के दौरान माघी पूर्णिमा का विशेष महत्व है। इस दिन त्रिवेणी संगम में स्नान करना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। लाखों श्रद्धालु और साधु-संत इस पावन तिथि पर गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में आस्था की डुबकी लगाएंगे।

Magh Purnima 2025: माघी पूर्णिमा पर आस्था की डुबकी लगाकर पाएं मोक्ष, जानें त्रिवेणी संगम में पवित्र स्नान का शुभ मुहूर्त

Magh Purnima 2025: महाकुंभ 2025 के दौरान माघी पूर्णिमा का विशेष महत्व है। इस दिन त्रिवेणी संगम में स्नान करना अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। लाखों श्रद्धालु और साधु-संत इस पावन तिथि पर गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती के संगम में आस्था की डुबकी लगाएंगे।

लाखों श्रद्धालु 'माघी पूर्णिमा स्नान' के लिए प्रयागराज जा रहे हैं। महाकुंभ में प्रमुख स्नान कार्यक्रम, कुंभ मेले का पांचवां पवित्र स्नान, 12 फरवरी को होगा। 13 जनवरी से शुरू हुआ महाकुंभ की एक महत्वपूर्ण परंपरा कल्पवास बुधवार को समाप्त होगा। इस दिन, बड़ी संख्या में श्रद्धालु संगम में पवित्र डुबकी लगाएंगे, पूजा करेंगे और घर लौटने से पहले दान करेंगे। 29 दिनों में संगम में 45 करोड़ से अधिक श्रद्धालु आस्था की डुबकी लगा चुके हैं और यह संख्या लगातार बढ़ रही है, क्योंकि दो प्रमुख स्नान कार्यक्रम अभी भी बाकी हैं, एक माघी पूर्णिमा और दूसरा महाशिवरात्रि पर।

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माघी पूर्णिमा का शुभ मुहूर्त
  • माघी पूर्णिमा तिथि प्रारंभ: 11 फरवरी 2025, रात 09:40 बजे
  • माघी पूर्णिमा तिथि समाप्त: 12 फरवरी 2025, रात 11:58 बजे
  • स्नान का सर्वश्रेष्ठ मुहूर्त: 13 फरवरी को सुबह 4:30 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक
  • माघी पूर्णिमा का धार्मिक महत्व

शास्त्रों के अनुसार, इस दिन संगम में स्नान और दान करने से मोक्ष की प्राप्ति होती है। मान्यता है कि इस दिन स्नान करने से पापों का नाश होता है और पुण्य की प्राप्ति होती है। माघी पूर्णिमा पर विशेष यज्ञ, हवन और तर्पण करने से पितरों की आत्मा को शांति मिलती है। महर्षि व्यास और अन्य ऋषियों ने भी माघ स्नान का महत्व बताया है।

संगम स्नान के साथ करें दान और पूजा

माघी पूर्णिमा के अवसर पर श्रद्धालुओं को स्नान के बाद दान-पुण्य और भगवान विष्णु एवं शिव की पूजा करनी चाहिए। गंगा जल से अभिषेक, अन्नदान और तिल दान का विशेष महत्व होता है।

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महाकुंभ में दिखी नामचीन हस्तियों की उपस्थिति

  • महाकुंभ की दिव्यता और भव्यता में चार चांद लगाने के लिए कई नामचीन हस्तियां भी संगम में स्नान कर चुकी हैं। इनमें देश के शीर्ष नेता, अभिनेता, खिलाड़ी और आध्यात्मिक गुरु शामिल हैं।
  • राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू
  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ
  • राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी, मणिपुर के मुख्यमंत्री एन बीरेन सिंह, गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल
  • बॉलीवुड अभिनेता अनुपम खेर, भाग्यश्री, हेमा मालिनी, दिनेश लाल यादव ‘निरहुआ’, ईशा गुप्ता
  • क्रिकेटर सुरेश रैना, ओलंपियन साइना नेहवाल, अंतरराष्ट्रीय रेसलर ‘द ग्रेट खली’
  •  कोरियोग्राफर रेमो डिसूजा, प्रख्यात कवि कुमार विश्वास, लेखक और राज्यसभा सांसद सुधा मूर्ति

संस्कृतियों का अद्भुत संगम

महाकुंभ में संगीत, नृत्य, योग और ध्यान से जुड़े अनगिनत आयोजन हो रहे हैं। विभिन्न भारतीय राज्यों और विदेशी श्रद्धालुओं के साथ यह आयोजन विविध संस्कृतियों के संगम का बेहतरीन उदाहरण पेश कर रहा है। विदेशी श्रद्धालु भी इस भव्य आयोजन में हिस्सा ले रहे हैं और भारतीय संस्कृति को नजदीक से अनुभव कर रहे हैं।

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आस्था का महासंगम अभी जारी

महाकुंभ 2025 के समापन में अभी कुछ दिन शेष हैं, लेकिन श्रद्धालुओं का उत्साह चरम पर है। माघ पूर्णिमा और महाशिवरात्रि के स्नान पर्व पर संगम तट पर और भी बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के उमड़ने की संभावना है। प्रशासन की ओर से यातायात, सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं ताकि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।

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