उज्जैन महाकाल मंदिर में गैर-हिंदुओं की एंट्री पर रोक की मांग: पुजारियों और हिंदू जागरण मंच ने कहा- केवल आस्था रखने वालों को ही मिले प्रवेश

उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर प्रतिबंध की मांग तेज हो गई है। पुजारी महेश शर्मा और हिंदू जागरण मंच ने इसे सनातन धर्म की सुरक्षा के लिए जरूरी बताया है।

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श्री महाकालेश्वर मंदिर उज्जैन।

Mahakal Temple Non-Hindu Entry Restriction: उत्तराखंड के गंगोत्री धाम में गैर-हिंदुओं के प्रवेश पर रोक लगने के बाद अब इसकी गूंज मध्यप्रदेश के उज्जैन में भी सुनाई दे रही है। विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर के वरिष्ठ पुजारियों और हिंदू जागरण मंच ने संयुक्त रूप से केंद्र और राज्य सरकार से मांग की है कि महाकाल मंदिर सहित देश के सभी 12 ज्योतिर्लिंगों में गैर-हिंदुओं का प्रवेश प्रतिबंधित किया जाए। संगठन का दावा है कि मंदिर केवल आस्था का केंद्र हैं, पर्यटन स्थल नहीं, इसलिए यहाँ की धार्मिक मर्यादा और सुरक्षा सुनिश्चित करना अनिवार्य है।

घूमने वालों के लिए नहीं है यह मंदिर

उज्जैन के राजा महाकाल ( Shri Mahakaleshwar mandir Ujjain ) के दरबार में अब प्रवेश नियमों को लेकर नई बहस छिड़ गई है। गंगोत्री धाम में हाल ही में लिए गए फैसले का समर्थन करते हुए महाकाल मंदिर के वरिष्ठ पुजारी पंडित महेश शर्मा ने कहा कि मंदिरों की एक अपनी मर्यादा होती है। उनके अनुसार, यदि कोई गैर-हिंदू वास्तव में सनातन धर्म और भगवान शिव में अटूट आस्था रखता है, तो उसे मंदिर आने से नहीं रोका जाना चाहिए। लेकिन, यदि कोई केवल मनोरंजन, रील बनाने या पर्यटन के उद्देश्य से आता है, तो उससे मंदिर की शुचिता भंग होती है।

सभी 12 ज्योतिर्लिंगों में समान नियम की मांग

हिंदू जागरण मंच के रितेश माहेश्वरी ने इस मांग को राष्ट्रव्यापी बनाने पर जोर दिया है। उन्होंने स्पष्ट रूप से कहा कि यह व्यवस्था केवल उज्जैन तक सीमित न रहे, बल्कि सोमनाथ से लेकर रामेश्वरम तक सभी 12 ज्योतिर्लिंगों में इसे लागू किया जाना चाहिए। उनका तर्क है कि जिन लोगों ने 'घर वापसी' (हिंदू धर्म अपनाया) कर ली है, उन्हें छोड़कर अन्य गैर-हिंदुओं का प्रवेश पूरी तरह वर्जित हो। तर्क दिया गया है कि गैर-हिंदुओं के पर्यटन की मंशा से आने पर मंदिर की मर्यादा कम होती है।

सुरक्षा और संवेदनशीलता का हवाला

मांग के पीछे सुरक्षा कारणों का भी जिक्र किया गया है। हिंदू जागरण मंच का दावा है कि वर्ष 2025 में उन्होंने महाकाल मंदिर परिसर से एक दर्जन से अधिक संदिग्ध युवकों को पकड़ा है। संगठन के मुताबिक, महाकाल क्षेत्र ऐतिहासिक रूप से संवेदनशील रहा है। उन्होंने केवल महाकाल ही नहीं, बल्कि काल भैरव, मंगलनाथ और सांदीपनि आश्रम जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी इसी तरह के कड़े नियम लागू करने की अपील की है।

 New system in Ujjain Mahakal

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