शहडोल में दो बाघों की मौत: फसल को जानवरों से बचाने फैलाया गया था करंट, टाइगर हुए शिकार

मध्यप्रदेश के शहडोल जिले के जयसिंहनगर वन परिक्षेत्र में करंट लगने से एक नर और एक मादा बाघ की मौत हो गई। करपा बीट क्षेत्र में हुई इस घटना से वन विभाग में हड़कंप मच गया है। वन विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

Shahdol Two Tigers Death

Shahdol Two Tigers Death: मध्यप्रदेश के शहडोल जिले के जयसिंहनगर वन परिक्षेत्र में करंट लगने से रविवार, 1 फरवरी की रात एक नर और एक मादा बाघ की मौत हो गई। करपा बीट क्षेत्र में हुई इस घटना से वन विभाग में हड़कंप है।वन विभाग ने मामले की जांच शुरू कर दी है।

200 मीटर में मिले 2 टाइगर के शव

वन विभाग को रविवार, 1 फरवरी रात सर्किल मसिरा के RF 382 क्षेत्र के पास एक बाघ का शव मिलने की जानकारी मिली थी। शुरुआती जांच के दौरान सोमवार, 2 फरवरी तड़के उसी क्षेत्र में एक बाघिन का शव भी बरामद हुआ। दोनों शव राजस्व क्षेत्र में 200 मीटर के दायरे में (एक-दूसरे के नजदीक) पाए गए, जिससे यह पुष्टि हुई कि उनकी मौत एक ही घटना में हुई है।

किसान ने फसल बचाने बिछाया था करंट

शुरुआती जांच और मौके से मिले सबूतों के आधार पर दोनों बाघों की मौत बिजली के करंट से होने की पुष्टि हुई है। जांच में यह पता पड़ा है कि एक किसान ने अपनी फसल को जंगली जानवरों से बचाने के लिए खेत में अवैध रूप से बिजली का तार बिछाया हुआ था। इसी तार की चपेट में आने से दोनों बाघों की जान चली गई।

सभी एंगल से की जा रही जांच

DFO तरुणा वर्मा ने बताया कि दो बाघों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। यह केस वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत एक गंभीर अपराध है। नियमानुसार पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी की जा रही है और जांच के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए की जा रही है।

सभी एंगल से की जा रही जांच

DFO तरुणा वर्मा ने बताया कि दो बाघों की मौत की पुष्टि हो चुकी है। यह केस वन्यजीव संरक्षण कानून के तहत एक गंभीर अपराध है। नियमानुसार पोस्टमॉर्टम की प्रक्रिया पूरी की जा रही है और जांच के सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए की जा रही है।

डॉग स्क्वॉड और एक्सपर्ट टीम मौके पर

वन विभाग की डॉग स्क्वॉड टीम, फील्ड स्टाफ और अन्य एक्सपर्ट टीम क्षेत्र में सघन तलाशी अभियान चला रही है। संबंधित किसान की भूमिका की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। इस घटना से वन्यजीव प्रेमियों और स्थानीय लोगों में चिंता है। वन्यजीव विशेषज्ञ भी इसे बड़ी क्षति बता रहे हैं।

एमपी में सबसे ज्यादा बाघों की मौत

एमपी हाईकोर्ट ने साल 2025 में एमपी में सबसे ज्यादा बाघों की मौत मामले में केंद्र सरकार, राज्य सरकार और NTCA से जवाब मांगा है और केस की अगली सुनवाई 11 फरवरी को है। एक जनहित याचिका दायर कर दावा किया गया है कि वर्ष 2025 में प्रदेश में 54 बाघों की मौत हुई है।

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