नर्मदापुरम में रिश्वतखोर क्लर्क अरेस्ट: इंटरकास्ट मैरिज की प्रोत्साहन राशि के लिए आवेदक को 7 महीने घुमाया, 1 लाख रुपये की घूस मांगी

नर्मदापुरम में जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित जाति कल्याण ऑफिस का क्लर्क मनोज सोनी 10 हजार रुपये घूस लेते पकड़ा गया है। क्लर्क ने 1 लाख रुपये की डिमांड की थी।

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सहायक ग्रेड-2 मनोज सोनी

Narmadapuram Clerk Rishwat Arrest: नर्मदापुरम कलेक्ट्रेट में जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित जाति कल्याण ऑफिस के क्लर्क मनोज सोनी को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते अरेस्ट किया गया है। क्लर्क मनोज ने इंटरकास्ट मैरिज की प्रोत्साहन राशि के बदले 1 लाख रुपये रिश्वत मांगी थी।

ऑफिस में ट्रैप हुआ क्लर्क मनोज सोनी

मंगलवार शाम करीब 6 बजे सहायक ग्रेड-2 मनोज सोनी को उसके ऑफिस में रिश्वत के पैसों के साथ ट्रैप किया गया। SP लोकायुक्त भोपाल दुर्गेश राठौर की अगुवाई में कार्रवाई हुई। DSP बी.एम. द्विवेदी और अजय मिश्रा के नेतृत्व में निरीक्षक रजनी तिवारी और उनकी टीम ने क्लर्क को ट्रैप किया।

इंटरकास्ट मैरिज की प्रोत्साहन राशि के लिए 7 महीने घुमाया

लोकायुक्त के मुताबिक शिकायतकर्ता प्रवीण सोलंकी ने इंटरकास्ट मैरिज की थी। उसे 2 लाख 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि मिलनी चाहिए थी। शिकायतकर्ता ने कलेक्ट्रेट में पदस्थ क्लर्क मनोज सोनी से कॉन्टैक्ट किया। क्लर्क पर आरोप है कि उसने आवेदनकर्ता को 7 महीने घुमाया। बात टालता रहा। आवेदन की आखिरी तारीख भी निकल गई।

बैक डेट में फाइल बनाने के बदले मांगे 1 लाख रुपये

आरोपी क्लर्क ने बैक डेट में फाइल बनाकर प्रोत्साहन राशि के भुगतान की बात कही। इसके बदले 1 लाख रुपये घूस मांगी। 20 हजार रुपये पहले और 70 हजार रुपये बाद में देने की बात तय हुई। मामले की शिकायत प्रवीण सोलंकी ने SP लोकायुक्त भोपाल से की थी। शिकायत सही पाए जाने पर ट्रैप टीम बनाई गई।

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आरोपी क्लर्क के खिलाफ एक्शन

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जनजातीय कार्य एवं अनुसूचित जाति कल्याण ऑफिस में कार्रवाई

मंगलवार को ट्रैप टीम ने शिकायतकर्ता को क्लर्क मनोज सोनी के पास 10 हजार रुपये लेकर भेजा। जैसे ही क्लर्क ने पैसे लिए, उसे ट्रैप टीम ने रंगे हाथों पकड़ लिया। आरोपी क्लर्क के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधन 2018) की धारा-7 के तहत कार्रवाई की जा रही है।

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