किसानों से धोखाधड़ी नहीं होगी बर्दाश्त: जबलपुर में महंगी और घटिया खाद बेचने वाले 7 विक्रेताओं के लाइसेंस सस्पेंड, कृषि विभाग ने की कार्रवाई

जबलपुर कृषि विभाग ने किसानों को महंगी और घटिया (अमानक) खाद बेचने के आरोप में 7 उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस सस्पेंड कर दिए हैं। यह कार्रवाई कालाबाजारी की शिकायतों के बाद की गई है।

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सांकेतिक फोटो।

Jabalpur Fertilizer License Suspend: मध्यप्रदेश में खाद की किल्लत और ऊंचे दामों पर बिक्री की शिकायतों के बीच जबलपुर प्रशासन ने सख्त एक्शन लिया है। किसानों के हितों की रक्षा करते हुए कृषि विभाग ने जिले के 7 प्रमुख उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर दिए हैं। कार्रवाई के दायरे में मझौली, सिहोरा, पाटन और पनागर क्षेत्र के विक्रेता आए हैं। ये विक्रेता न केवल किसानों से निर्धारित एमआरपी (MRP) से अधिक वसूल रहे थे, बल्कि लैब टेस्टिंग में उनकी खाद अमानक (घटिया स्तर की) पाई गई। उप संचालक कृषि विकास विभाग द्वारा की गई इस कार्रवाई से खाद माफिया में हड़कंप मच गया है।

कालाबाजारी की शिकायतों के बाद कार्रवाई

दरअसल, जबलपुर जिले में रबी सीजन की बुआई के बीच खाद की कालाबाजारी और अमानक उर्वरक बेचने की शिकायतें लगातार प्रशासन तक पहुँच रही थीं। किसानों ने आरोप लगाया था कि कई दुकानदार मजबूरी का फायदा उठाकर घटिया गुणवत्ता वाली खाद ऊंचे दामों पर बेच रहे हैं। इन शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग ने एक विशेष टीम गठित कर सैंपलिंग और औचक निरीक्षण की प्रक्रिया शुरू की।

अमानक खाद की सप्लाई और धोखाधड़ी

जांच के दौरान पाया गया कि कई केंद्रों पर खाद की गुणवत्ता मानकों के अनुरूप नहीं थी। इसके साथ ही स्टॉक रजिस्टर में गड़बड़ी और निर्धारित मूल्य से अधिक कीमत पर बिक्री के प्रमाण भी मिले। उप संचालक द्वारा जारी आदेश के अनुसार, लाइसेंस निलंबन की अवधि के दौरान ये सभी सातों दुकानदार किसी भी प्रकार के उर्वरक का क्रय-विक्रय नहीं कर सकेंगे। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि निलंबन अवधि के बाद भी सुधार नहीं हुआ, तो लाइसेंस स्थाई रूप से निरस्त कर दिए जाएंगे।

7 बड़े उर्वरक केंद्रों के लाइसेंस सस्पेंड

कृषि विभाग ने जांच में दोषी पाए गए 7 उर्वरक विक्रेताओं के लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिए हैं। निलंबन अवधि के दौरान संबंधित दुकानें खाद का विक्रय नहीं कर पाएंगी।

  • मेसर्स जायसवाल कृषि केंद्र (सुकरी)
  • मेसर्स पटेल कृषि केंद्र (धनगांव, मझौली)
  • मेसर्स राहुल ट्रेडिंग कंपनी (खितौला, सिहोरा)
  • मेसर्स दीपक कृषि केंद्र (तलाड, मझौली)
  • श्रीराम कृषि केंद्र (पौड़ा, मझौली)
  • मेसर्स श्री नर्मदा डिस्ट्रीब्यूटर (पाटन)
  • मेसर्स मैथली एग्रो ट्रेडर्स (उमरिया, पनागर)

कालाबाजारी पर जीरो टॉलरेंस

उप संचालक (किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग) द्वारा की गई इस बड़ी कार्रवाई ने साफ कर दिया है कि जिले में खाद की कालाबाजारी और मनमानी वसूली के लिए कोई जगह नहीं है। विभाग ने सख्त लहजे में कहा है कि किसानों के हितों के साथ खिलवाड़ करने वाले किसी भी विक्रेता को बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि खाद की निर्धारित दर से अधिक कीमत वसूलने या अमानक सामग्री बेचने पर आगे भी इसी तरह कठोर दंडात्मक कदम उठाए जाएंगे।

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