कटनी में रिश्वत लेते धराया घूसखोर इंजीनियर: एरियर्स जारी करने के बदले मांगी थी रिश्वत, लोकायुक्त जबलपुर ने की कार्रवाई

कटनी में जल संसाधन विभाग के इंजीनियर वीए सिद्दीकी को एरियर्स जारी करने के बदले 20 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए पकड़ा गया। लोकायुक्त जबलपुर की टीम ने कार्रवाई कर आरोपी को गिरफ्तार किया।

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 Katni Bribery Case: मध्यप्रदेश के कटनी में एरियर्स जारी करने के बदले 20 हजार की रिश्ववत लेते घूसखोर इंजीनियर धराया है। लोकायुक्त जबलपुर ने ये कार्रवाई की है। आपको बता दें पूरा मामला जल संसाधन विभाग से जुड़ा बताया जा रहा है। जहां 20 हजार की रिश्वत लेते इंजीनियर वीए सिद्दीकी को लोकायुक्त पुलिस ने गिरफ्तार किया है। लोकायुक्त जबलपुर ने ये कार्रवाई की है। 


भ्रष्टाचार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई

मामला मंगलवार का है जब जबलपुर लोकायुक्त की टीम ने कटनी जिले के जल संसाधन विभाग के  प्रभारी कार्यपालन यंत्री विकार सिद्दीकी को 20 हजार कि रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया। कार्रवाई तब हुई जब विभाग के पूर्व कर्मचारी अपने बकाये एरियर भुगतान के लिए उनके घर पर पहुंचा था। 

अपने ही विभाग के चौकीदार से पैसो की मांग

जानकारी के अनुसार, कुंवरलाल रजक जल संसाधन विभाग में चौकीदार के पद पर काम करते थे।  वह 30 सितंबर 2025 को रिटायर हुए थे। विभाग के कुल 9 कर्मचारियों को साल 2011-12 से एरियर की राशि नहीं मिली थी। मजबूर हो कर कर्मचारियों ने हाईकोर्ट का रुख किया। जिसके बाद 30 अप्रैल 2025 को फैसला कर्मचारियों के पक्ष में आया और एरियर के भुगतान का निर्देश दिया गया। 

8 लाख लो 50 हजार दो

कुंवरलाल रजक को लगभग 6 लाख रुपए का एरियर मिलना था। भुगतान के लिए जब उन्होंने कार्यपालन यंत्री से संपर्क किया तो यंत्री ने उन्हें कई दिनों तक टाला। इसी दौरान कार्यपालन यंत्री ने एरियर देने के बदले 50 हजार की रिश्वत की मांग कर दी थी। 

रिश्वत की शिकायत लोकायुक्त से 

कोर्ट में लड़ाई लड़ने के बाद मिले आदेश के बाद भी रिश्वत मांगे जाने से हताश कुंवरलाल रजक ने इस मामले की शिकायत लोकायुक्त SP अंजूलता पटले से की। शिकायत का वेरिफिकेशन करने के बाद ट्रैप कार्रवाई की योजना बनाई गई। 

निवास पर रिश्वत लेते पकड़ा गया यंत्री 

आज सुबह के समय लोकायुक्त की टीम कटनी पहुंची। कुंवरलाल रजक जैस ही कार्यपालन यंत्री वी.ए. सिद्दीकी के निवास पहुंच कर 20 हजार की राशि सौंप रहे थे वैसे ही लोकायुक्त की टीम ने दबिश देकर आरोपी को रंगे हाथों पकड़ लिया। कार्रवाई से अचंभित कार्यपालन यंत्री बार-बार बेगुनाह होने की गुहार लगाता रहा। 

करप्शन अधिनियम के तहत मामला दर्ज

लोकायुक्त की टीम ने आरोपी कार्यपालन यंत्री को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया है। इस कार्रवाई के दौरान लोकायुक्त डीएसपी नीतू त्रिपाठी के नेतृत्व में निरीक्षक रेखा प्रजापति, बृजनंदन नरवरिया, प्रधान आरक्षक राजेश पटेल, जुबैद खान, सोनू चौकसे, अमित दाहिया और राकेश विश्वकर्मा सहित लोकायुक्त की टीम के अन्य अधिकारी और कर्मचारी मौके पर मौजूद रहे। लोकायुक्त अब मामले से जुड़े सभी पहलुओं की गहराई से जांच कर रही है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि एरियर्स भुगतान में और कौन-कौन से कर्मचारी या अधिकारी भ्रष्टाचार में शामिल थे।

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