जबलपुर एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय: हॉस्टल से 9वीं क्लास के 3 स्टूडेंट लापता, मैनेजमेंट का जानकारी देने से इनकार

( रिपोर्टर - सोनल पांडे ) जबलपुर के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के हॉस्टल से 9वीं कक्षा के 3 छात्र लापता हैं। परिजन को सूचना मिलते ही हड़कंप मच गया। हॉस्टल प्रबंधन की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं।

Jabalpur Eklavya Adarsh School hostel student missing

Jabalpur Student Missing: जबलपुर के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय से 3 स्टूडेंट के लापता होने से हड़कंप मच गया। तीनों छात्र 9वीं क्लास के हैं और स्कूल के हॉस्टल से गायब हैं। परिजन को बच्चों के गायब होने की जानकारी दी गई। इसके अलावा मैनेजमेंट कोई भी जानकारी नहीं दे रहा है। परिजन ने हॉस्टल प्रबंधन पर लापरवाही के आरोप लगाए हैं।

26 जनवरी की रात से लापता हैं तीनों स्टूडेंट

तीनों स्टूडेंट 26 जनवरी की रात से लापता हैं। जब वे हॉस्टल में नहीं मिले तो उनकी खोज की गई, लेकिन नहीं मिलने पर परिजन को बताया गया।

परिजन का प्रिंसिपल पर प्रताड़ना का आरोप

स्टूडेंट्स के परिजन ने एकलव्य स्कूल के प्रिंसिपल पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि बच्चे लगातार शिकायत कर रहे थे कि स्कूल प्रिंसिपल उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं। फिलहाल स्कूल प्रबंधन पूरे मामले पर चुप्पी साधे बैठा है।

परिजन को अनहोनी की आशंका

तीनों स्टूडेंट के परिजन ने बच्चों के साथ किसी अनहोनी की आशंका जताई है। कहीं उनको किसी ने किडनैप तो नहीं किया या कहीं वे किसी दुर्घटना का शिकार तो नहीं हो गए हैं।

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एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय के बारे में जानें

एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय का उद्देश्य आदिवासी (अनुसूचित जनजाति-ST) छात्रों को मुफ्त, गुणवत्तापूर्ण और आवासीय शिक्षा देने के लिए बनाए गए हैं। 6वीं से 12वीं तक CBSE पैटर्न पर फ्री एजुकेशन दी जाती है। इसके साथ ही हॉस्टल, भोजन, यूनिफॉर्म, किताबें, स्मार्ट क्लास, लैब, लाइब्रेरी भी होती है।

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आदिवासी बाहुल्य जिलों में खोले जाते हैं एकलव्य स्कूल

जिन जिलों में आदिवासी आबादी ज्यादा होती है वहां एकलव्य विद्यालय खोले जाते हैं। केंद्र सरकार का जनजातीय कार्य मंत्रालय इन स्कूलों को चलाता है। एकलव्य स्कूल के लिए जिले में करीब 50 प्रतिशत से ज्यादा आबादी आदिवासी होनी चाहिए या कम से कम 20 हजार आदिवासी आबादी होनी चाहिए। वर्तमान में MP में 63 एकलव्य आदिवासी विद्यालय हैं।

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