इंदौर में दूषित पानी ने ली एक और जान: भागीरथपुरा में मौतों का आंकड़ा 26 पहुंचा, इलाज के दौरान एक और बुजुर्ग ने तोड़ा दम

इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से मौतों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। शुक्रवार को एक और बुजुर्ग की मौत के साथ कुल मृतकों की संख्या 26 हो गई है। 10 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें से एक वेंटिलेटर पर है।

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Indore Water Tragedy Deaths Update: इंदौर के भागीरथपुरा में दूषित पानी पीने से होने वाली मौतों का सिलसिला रुक नहीं रहा है। दूषित पानी पीने से बीमार हुए बुजुर्ग बद्री प्रसाद ने शुक्रवार को अरविंदो अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। एक और बुजुर्ग की मौत के साथ मृतकों की संख्या 26 हो गई है। फिलहाल 10 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं, जिनमें से एक वेंटिलेटर पर है। इस मौत ने इलाके में दहशत और प्रशासनिक गलियारों में हलचल पैदा कर दी है। एक तरफ जहां पाइपलाइन सुधारने का काम युद्ध स्तर पर जारी है, वहीं दूसरी तरफ हर गुजरते दिन के साथ इस त्रासदी का दायरा बढ़ता जा रहा है। अब प्रशासन 27 जनवरी को हाईकोर्ट में मौतों और सुधार कार्यों की नई स्टेटस रिपोर्ट पेश करेगा।

भागीरथपुरा कांड में अब तक 26 मौतें

स्वच्छता में सात बार नंबर-1 रहने वाले इंदौर के भागीरथपुरा क्षेत्र में पानी की पाइपलाइन में गंदगी मिलने से फैली बीमारी ने एक और जान ले ली है। शुक्रवार को 63 वर्षीय बद्री प्रसाद की मौत के बाद, इस त्रासदी में जान गंवाने वालों की संख्या बढ़कर 26 हो गई है। बद्री प्रसाद को उल्टी-दस्त और संक्रमण की शिकायत के बाद 17 जनवरी को भर्ती कराया गया था। वे पहले से टीबी की बीमारी से भी जूझ रहे थे।

अभी भी 10 मरीज अस्पताल में भर्ती

स्वास्थ्य विभाग से प्राप्त आंकड़ों के अनुसार, फिलहाल 10 मरीज अस्पतालों में भर्ती हैं। इनमें से एक मरीज की हालत बेहद नाजुक है और उसे वेंटिलेटर पर रखा गया है। सीएमएचओ डॉ. माधव हसानी ने बताया कि अस्पताल में भर्ती अधिकांश मरीज पहले से ही अन्य गंभीर बीमारियों (जैसे किडनी इंफेक्शन, लिवर सूजन और ब्रेन संबंधी बीमारियाँ) से ग्रस्त हैं, जिसके कारण दूषित पानी का संक्रमण उन पर अधिक घातक साबित हो रहा है।

प्रशासनिक आंकड़ों में उलझी मौतें

मौतों के आंकड़ों को लेकर प्रशासन शुरू से ही सवालों के घेरे में रहा है। शुरुआत में केवल 4 और फिर 6 मौतें स्वीकार करने वाले प्रशासन ने बाद में हाईकोर्ट में पेश रिपोर्ट में स्वीकार किया कि 21 में से 15 मौतों का कारण दूषित पानी हो सकता है। अब 27 जनवरी को हाईकोर्ट में अगली 'स्टेटस रिपोर्ट' पेश की जानी है, जिस पर सभी की निगाहें टिकी हैं।

जलापूर्ति और पाइपलाइन का काम

क्षेत्र में शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन ने अब तक 30% हिस्से में पाइपलाइन बिछाने और टेस्टिंग का काम पूरा कर लिया है, जहाँ एक दिन छोड़कर पानी की सप्लाई शुरू की गई है। बाकी 70% हिस्से में नई मेन पाइपलाइन डालने का काम तेजी से चल रहा है, जिसे जनवरी के अंत तक पूरा करने का लक्ष्य है। वर्तमान में क्षेत्र में रोजाना 50 से अधिक टैंकरों के जरिए पानी बांटा जा रहा है।

Bhagirathpura Contaminated Water | Indore Bhagirathpura contaminated water case

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