इंदौर में पुत्र-हंता होलिका का दहन: पौरुष संस्था बच्चों की हत्यारी 11 आरोपी महिलाओं के चेहरों के साथ मनाएगी होली

इंदौर की पौरुष संस्था द्वारा आगामी 2 मार्च को शाम 4 बजे महालक्ष्मी नगर मेला ग्राउंड के सामने पुत्र-हंता होलिका का दहन किया जाएगा। होलिका के स्वरूप में उन 11 महिलाओं के चेहरे लगाए जाएंगे, जिन पर अपने ही बच्चों की नृशंस हत्या का आरोप है।

Holika Dahan Indore

Holika Dahan Indore: पुरुषों के अधिकारों के लिए संघर्षरत इंदौर की संस्था पौरुष इस वर्ष होली के अवसर पर एक अनूठा और कड़ा संदेश देने जा रही है।

इंदौर की पौरुष संस्था द्वारा आगामी 2 मार्च को शाम 4 बजे महालक्ष्मी नगर मेला ग्राउंड के सामने पुत्र-हंता होलिका का दहन किया जाएगा। आयोजन की थीम पौराणिक कथा हिरण्यकश्यप और प्रहलाद पर आधारित है, लेकिन इस बार होलिका के स्वरूप में उन 11 महिलाओं के चेहरे लगाए जाएंगे, जिन पर अपने ही बच्चों की नृशंस हत्या का आरोप है।

इन आरोपी महिलाओं के चेहरे जलाएंगे

बेंगलुरु की पूर्व सीईओ सूचना सेठ का होगा, जिस पर अपने 4 वर्षीय बेटे की हत्या कर शव के टुकड़े सूटकेस में छिपाने का सनसनीखेज आरोप है। उत्तर प्रदेश की सीमा, मुस्कान, प्रियंका और दुर्गावती, तमिलनाडु की भारती व शरण्य, राजस्थान की संजू, ग्वालियर की ज्योति राठौर, हरियाणा की पूनम और गुजरात की सुनीता शर्मा के प्रतीकात्मक चेहरे शामिल किए जाएंगे। इनमें से दो आरोपियों को निचली अदालत द्वारा मृत्युदंड सुनाया जा चुका है, जबकि अन्य के मामले विचाराधीन हैं।

कई पिता सालों से बच्चों को चेहरा नहीं देख पाए

संस्था के अध्यक्ष एडवोकेट अशोक दशोरा के मुताबिक, संस्था का तर्क है कि बच्चों को पिता से मिलने के लिए महीने में मात्र 3 घंटे का समय देना अन्यायपूर्ण है। कई पिता वर्षों से अपने बच्चों का चेहरा तक नहीं देख पाए हैं। 

बच्चों से क्रूरता के खिलाफ आवाज उठाना उद्देश्य

सदस्य मिलिंद अग्रवाल के अनुसार, ये आयोजन समाज में फैली कुत्सित सोच को उजागर करना और बच्चों के प्रति होने वाली क्रूरता के खिलाफ आवाज उठाना। दहेज, घरेलू हिंसा और मेंटेनेंस जैसे कानूनों के गलत इस्तेमाल से प्रभावित परिवारों को न्याय दिलाना।

पुरुषों व उनके परिवारों को देती है मुफ्त सहायता

पिछले 15 सालों से एक्टिव यह संस्था झूठे मुकदमों, तलाक और चाइल्ड कस्टडी जैसे मामलों में पुरुषों और उनके परिवारों को मुफ्त कानूनी सहायता व काउंसलिंग प्रदान करती है। साल 2011 से एक्टिव इस संस्था का औपचारिक पंजीकरण 2018 में हुआ था।

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