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Dhar Mine Survey Attack: मध्यप्रदेश के धार जिले के कुक्षी क्षेत्र में उस वक्त भारी बवाल मच गया, जब प्रस्तावित चूना पत्थर खदान के सर्वे के लिए पहुंची प्रशासनिक टीम और भारी पुलिस बल पर ग्रामीणों की भीड़ ने हमला बोल दिया। लाठी-डंडों और हथियारों से लैस भीड़ ने न केवल अधिकारियों का रास्ता रोका, बल्कि पथराव करते हुए तहसीलदार की गाड़ी को पलटाने की कोशिश करते हुए उन पर भीषण पथराव किया। ग्रामीणों के उग्र प्रदर्शन के कारण हालात इतने बिगड़ गए कि 9 थानों की पुलिस के बावजूद प्रशासन को सर्वे अधूरा छोड़कर जान बचाकर भागना पड़ा। पत्थरबाजी में कई सरकारी वाहन क्षतिग्रस्त हो गए हैं। फिलहाल पूरे कुक्षी क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात है।
धार में खदान सर्वे पर भारी हंगामा
धार जिले के ग्राम टकारी में शुक्रवार को उस समय भारी तनाव फैल गया, जब खनिज विभाग और राजस्व की टीम ड्रिलिंग मशीनों के साथ सर्वे करने पहुंची। प्रशासन को पहले से विरोध की आशंका थी, इसलिए सुरक्षा के लिए 9 थानों का पुलिस बल तैनात किया गया था, लेकिन ग्रामीणों का आक्रोश पुलिसिया सुरक्षा पर भारी पड़ गया। इसके बाद कुक्षी क्षेत्र में चूना पत्थर खदान के सर्वे के लिए पहुंची टीम पर ग्रामीणों ने जानलेवा हमला कर दिया। 9 थानों की पुलिस की मौजूदगी में ग्रामीणों ने जमकर हंगामा किया और पुलिस पर पथराव कर दिया है। साथ ही आक्रोशित भीड़ ने गाड़ियों और मशीनों पर भी पत्थर फेंके। जिसमें में कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। इसके बाद स्थिति तनावपूर्ण हो गई।
तहसीलदार की गाड़ी को घेरा, पलटाने की कोशिश
जब अधिकारियों की टीम खेतों में ड्रिलिंग शुरू करने वाली थी, तभी सैकड़ों की संख्या में महिला-पुरुष पारंपरिक हथियारों और लाठी-डंडों के साथ वहां जमा हो गए। ग्रामीणों ने पहले सड़क पर बैठकर रास्ता रोका और फिर हिंसक हो गए। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि भीड़ ने तहसीलदार की गाड़ी को चारों तरफ से घेर लिया और उसे पलटाने की कोशिश की। हमले के दौरान तहसीलदार गाड़ी के अंदर बैठे थे। इस दौरान पत्थरबाजी में पुलिस और प्रशासन की कई गाड़ियाँ क्षतिग्रस्त हो गईं। ग्रामीणों ने पत्थर बरसाते हुए पुलिस और तहसीलदार की टीम को वापस भगा दिया।
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क्यों विरोध रहे हैं ग्रामीण?
ग्रामीणों का विरोध मुख्य रूप से चूना पत्थर खदान और उसके बाद लगने वाली सीमेंट फैक्ट्री को लेकर है। यह विरोध कई महीनों से चल रहा है। ग्रामीणों का तर्क है कि:
- खनन की वजह से उनकी उपजाऊ कृषि भूमि बंजर हो जाएगी।
- फैक्ट्री लगने से प्रदूषण फैलेगा और लोगों को अपने पुश्तैनी गांवों से विस्थापन का खतरा सता रहा है।
- यह विरोध कुक्षी, बाग और जोबट ब्लॉक के दर्जनों गांवों में फैला हुआ है।
राजस्थान की कंपनी को दी गई है लीज
खनिज विभाग के अनुसार, राजस्थान की 'श्री सीमेंट कंपनी' को मार्च 2025 से बामनबयड़ी, टकारी, तलावड़ी और घोड़ा जैसे गांवों में सैकड़ों हेक्टेयर भूमि चूना पत्थर खनन के लिए तीन साल की लीज पर दी गई है। ग्रामीण इस लीज को रद्द करने की मांग पर अड़े हैं।
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प्रशासन को पीछे हटना पड़ा
पथराव और बिगड़ते हालातों को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने संयम बरतने का फैसला किया। ग्रामीणों की भारी भीड़ और उनके हिंसक रुख को देखते हुए टीम बिना सर्वे किए ही वापस लौट गई। फिलहाल पूरे कुक्षी क्षेत्र में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और भारी मात्रा में पुलिस बल तैनात है।
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