Kuno National Park Cheetah Birth: पहली भारतीय चीता मुखी ने 5 शावकों को दिया जन्म, प्रोजेक्ट चीता को बड़ी सफलता

कूनो नेशनल पार्क में जन्मी चीता मुखी ने 5 स्वस्थ शावकों को जन्म दिया, जिससे प्रोजेक्ट चीता की बड़ी सफलता दर्ज हुई। मुखी की यह ब्रीडिंग भारत में चीता संरक्षण के लिए सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

Kuno National Park Cheetah Birth

कूनो में 5 चीतों का जन्म

हाइलाइट्स

  • कूनो की चीता मुखी ने 5 शावकों को जन्म दिया
  • भारत में पहली भारतीय चीता की ब्रीडिंग
  • चीतों की संख्या बढ़कर 32 हुई

Kuno National Park Cheetah Birth: कूनो नेशनल पार्क से भारत के लिए ऐतिहासिक खबर आई है। पहली भारतीय मादा चीता मुखी ने 5 स्वस्थ शावकों को जन्म दिया है। यह क्षण न सिर्फ कूनो बल्कि पूरे देश के लिए गर्व का विषय है क्योंकि इन शावकों ने चीता रीइंट्रोडक्शन प्रोजेक्ट को नई दिशा दी है। मुखी की यह ब्रीडिंग भारत में चीता संरक्षण के लिए सबसे महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।

पांचों शावक बिल्कुल सुरक्षित

मुखी की उम्र 33 महीने है और उसका मां बनना इस तथ्य की पुष्टि करता है कि चीते भारतीय वातावरण में सफलतापूर्वक अनुकूल हो रहे हैं। यह पहली बार है जब भारत की मिट्टी पर जन्मी किसी मादा चीता ने सफल ब्रीडिंग की है। अधिकारियों ने बताया कि मुखी और उसके पांचों शावक पूरी तरह स्वस्थ हैं और लगातार निगरानी में हैं।
मुखी ने अपने व्यवहार और स्वास्थ्य से यह संकेत दिए हैं कि आने वाले वर्षों में वह चीता आबादी को और मजबूत बना सकती है। यह उपलब्धि देश में आत्मनिर्भर और जेनेटिकली विविध चीता जनसंख्या तैयार करने की दिशा में मजबूत कदम मानी जा रही है।

प्रोजेक्ट चीता में तीन पीढ़ियों का सफर

मुखी की कहानी प्रोजेक्ट चीता में एक पीढ़ीगत छलांग का उदाहरण है। वह नामीबिया से लाई गई मादा चीता ज्वाला की संतान है।

पहली पीढ़ी: आयातित चीते, जैसे ज्वाला

दूसरी पीढ़ी: मुखी, जो भारत में जन्मी

तीसरी पीढ़ी: मुखी के पांच नए शावक

कूनो के अधिकारियों का मानना है कि ये तीसरी पीढ़ी के शावक भारतीय माहौल के साथ और बेहतर तालमेल बिठाएंगे, जिससे प्रोजेक्ट की स्थिरता और सुनिश्चित होगी।

सीएम मोहन यादव ने दी बधाई

cm mohan yadav
सीएम मोहन यादव ने ट्वीट करके दी बधाई

कूनो नेशनल पार्क अब चीता प्रोजेक्ट (kuno cheetah) का केंद्र बन गया है, जिसे एमपी चीता स्टेट की संज्ञा भी दी जा रही है। यहां चीतों के प्राकृतिक रूप से जन्म लेने ने भारत के वन्यजीव संरक्षण मॉडल को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मजबूत किया है। मुख्यमंत्री मोहन यादव ने यह खुशखबरी एक्स पर साझा करते हुए कहा कि यह कदम भारत को वन्यजीव संरक्षण में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ाता है। उन्होंने कूनो की टीम और वन विभाग को उनकी मेहनत के लिए बधाई भी दी।

चीतों की संख्या हुई 32

मुखी के पांच शावकों के आने के बाद भारत में चीतों की कुल संख्या बढ़कर 32 हो गई है। इनमें 29 चीते कूनो नेशनल पार्क में और 3 गांधी सागर वन्यजीव अभयारण्य में रखे गए हैं।

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