‘महिलाएं' पेंटिंग्स में भी सुरक्षित नहीं : ग्वालियर में दीवारों पर बनी योग म्यूरल्स से छेड़छाड़ को लेकर 11 क्लास की छात्रा ने उठाई आवाज़, सपोर्ट में आए यूथ

Gwalior Wall Painting News: Gwalior Wall Painting News: कहां सुरक्षित हैं महिलाएं? यह एक ऐसा सवाल है जो हर छात्रा, युवती, और महिला के जेहन में एक न एक बार तो  जरूर उठा होगा। कुछ ऐसा ही मामला अब मध्य प्रदेश की स्मार्ट सिटी ग्वालियर से सामने आया है।

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Gwalior Wall Painting News: कहां सुरक्षित हैं महिलाएं? यह एक ऐसा सवाल है जो हर छात्रा, युवती और महिला के जेहन में एक न एक बार तो  जरूर उठा होगा। कुछ ऐसा ही मामला अब मध्य प्रदेश की स्मार्ट सिटी ग्वालियर से सामने आया है। शहर की एक सड़क किनारे बनीं महिलाओं की योग मुद्राओं वाली म्यूरल पेंटिंग्स को कुछ असामाजिक तत्वों ने अश्लील खरोंचों और निशानों से बिगाड़ दिया। जिसे देख 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली एक छात्रा ने आवाज उठाई। छात्रा ने कहा ‘छोटी हूं, पर चुप नहीं रह सकती’। 

क्या है पूरा मामला 

दरअसल, शहर की एक सड़क किनारे बनीं महिलाओं की योग मुद्राओं वाली म्यूरल पेंटिंग्स को कुछ असामाजिक तत्वों ने अश्लील खरोंचों और निशानों से बिगाड़ दिया। यह तोड़फोड़ महज एक शरारत नहीं, बल्कि महिला सुरक्षा, सार्वजनिक सम्मान और सामाजिक सोच पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

वायरल वीडियो से भड़का आक्रोश

घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। म्यूरल्स में बिना चेहरों वाली काली सिलुएट्स के रूप में महिलाओं को अलग-अलग योगासन करते दिखाया गया था। इनका उद्देश्य शहर को सुंदर बनाना और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता फैलाना था। लेकिन इन्हीं पेंटिंग्स के खास हिस्सों को जानबूझकर खरोंच कर यौन रूप देने की कोशिश की गई। 

11वीं की छात्रा  की हिम्मत

इस पूरे मामले में सबसे मजबूत आवाज अगर कोई बना तो वो 11वीं कक्षा में पढ़ने वाली छात्रा आशी कुशवाह है। उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो शेयर करते हुए कहा, मैं रोज़ इस सड़क से गुजरती हूं और हर दिन यह देखकर गुस्सा और घिन आती है। हम ग्वालियर को स्मार्ट सिटी कहते हैं, लेकिन अगर सोच इतनी घटिया है तो यह टैग किस काम का? आशी के ये शब्द अब सोशल मीडिया पर गूंज उठे। उन्होंने सवाल उठाया कि जब एक निर्जीव पेंटिंग भी सुरक्षित नहीं है, तो महिलाओं की सुरक्षा पर कैसे भरोसा किया जाए।

‘छोटी हूं, पर चुप नहीं रह सकती’

आशी का कहना है कि वीडियो पोस्ट करने से पहले उन्हें डर लग रहा था। उन्होंने कहा कि, मैं छोटी हूं, लेकिन अगर चुप रहती तो यह सब सालों तक चलता रहता। कुछ लोगों ने कहा कि मैं शहर को बदनाम कर रही हूं, लेकिन बदनामी तो ऐसी मानसिकता कर रही है। 

युवाओं ने संभाली कमान

आशी के वीडियो के बाद कई युवा आगे और मौके पर पहुंचे। कॉलेज छात्र लोकेंद्र सिंह उर्फ ‘केतु’ पेंट और ब्रश लेकर दीवारों पर बने आपत्तिजनक निशानों को खुद साफ किया। इस दौरान लोकेंद्र ने कहा, यह देखकर बहुत बुरा लगा। मैं बाहर से यहां पढ़ने आया हूं, लेकिन इस शहर को अपना मानता हूं। हर लड़का एक जैसी सोच का नहीं होता यह दिखाना जरूरी था। 

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नगर निगम की कार्रवाई

सोशल मीडिया पर बढ़ते आक्रोश के बाद ग्वालियर नगर निगम भी हरकत में आया। उनसे टीम भेजकर सभी आपत्तिजनक हिस्सों को सफेद रंग से ढंक दिया।  अधिकारियों के अनुसार, इन दीवारों पर अब नए सिरे से कलाकृतियां बनाई जाएंगी। 11 जनवरी को Gen Z को आमंत्रित कर नई पेंटिंग्स बनवाने और कलाकारों का सम्मान करने की योजना भी है।

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