शादी से पहले पत्नी प्रेग्नेंट: सास, ससुर और पत्नी पर भ्रूण हत्या की FIR कराने की गुहार, कोर्ट ने नए सिरे से सुनवाई के दिए आदेश

मध्यप्रदेश की ग्वालियर जिला कोर्ट में एक शख्स ने कोर्ट से गुहार लगाई है कि उसकी पत्नी शादी से पहले ही प्रेग्नेंट हो गई थी। उसके बाद उसने अबॉर्शन कराया यानी भ्रूण हत्या की है। इसलिए सास, ससुर औ पत्नी के खिलाफ FIR की जाए।

Gwalior Husband Vs Wife Case

Gwalior Husband Vs Wife Case: मध्यप्रदेश की ग्वालियर जिला कोर्ट में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जहां एक पति ने कोर्ट से गुहार लगाई है कि उसकी पत्नी शादी से पहले ही प्रेग्नेंट हो गई थी। उसके बाद उसने अबॉर्शन कराया यानी भ्रूण हत्या की है। इसलिए उसकी पत्नी, सास और ससुर पर FIR की जाए। कोर्ट ने पति की याचिका स्वीकार कर न्यायिक मजिस्ट्रेट को आदेश दिए कि दस्तावेज और कथनों के आधारा पर नए सिरे से विचार करें।

मेडिकल जांच में पत्नी प्रेग्नेंट निकली

अपर लोक अभियोजक धर्मेंद्र शर्मा ने बताया है कि उत्तरप्रदेश झांसी के रहने वाले विशाल की शादी ग्वालियर की युवती के साथ 12 नवंबर 2024 को हुई थी। ठीक एक महीने बाद यानी 11 दिसंबर 2024 को पत्नी की तबीयत खराब हुई। जब चेकअप के लिए डॉक्टर के पास पहुंचे तो मेडिकल जांच में खुलासा हुआ की विशाल की पत्नी प्रेग्नेंट है। इसके बाद पत्नी ससुराल छोड़कर मायके चली गई थी। बाद में पति विशाल ने जनकगंज थाना पुलिस को इससे जुड़ा शिकायती आवेदन दिया।

अपर सत्र न्यायाधीश के सामने पुनरीक्षण याचिका पेश की

शिकायती आवेदन पर जब केस दर्ज नहीं हुआ तो न्यायिक मजिस्ट्रेट के सामने आवेदन पेश किया, लेकिन कोर्ट ने 20 नवम्बर 2025 को आवेदन खारिज कर दिया। इसके बाद विशाल ने अपर सत्र न्यायाधीश के सामने पुनरीक्षण याचिका पेश की, जिसमें यह मांग की गई कि उसकी पत्नी, सास ससुर के खिलाफ भ्रूण हत्या का केस दर्ज किया जाए। विशाल ने इसकी वजह बताई की शादी के समय ही उसकी पत्नी प्रेग्नेंट थी, लेकिन इस जानकारी को उससे छुपाया गया। शादी के एक महीने के भीतर ही पत्नी की तबीयत खराब हुई।

अस्पताल में जाकर अबॉर्शन कराया 

विशाल के अनुसार, अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट में पत्नी को दो माह से अधिक का गर्भ होने की बात सामने आई। जिसके बाद पत्नी अपने मायके ग्वालियर चली गई और माता-पिता के साथ मिलकर किसी अज्ञात अस्पताल में जाकर अबॉर्शन करा लिया। जो एक अपराध की श्रेणी में आता है। 

ऐसे में सभी जिम्मेदारों पर भ्रूण हत्या का मामला दर्ज किया जाए। कोर्ट ने सभी दलीलों को सुनने के बाद न्यायिक मजिस्ट्रेट को आदेश दिए हैं कि सभी दस्तावेज और बयानों के आधार पर नए सिरे से इस प्रकरण पर विचार कर सुनवाई की किया जाए।

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