इंदौर पुलिस पर साइबर अटैक: ई-चालान की फर्जी लिंक पर एक क्लिक और एक दर्जन पुलिसकर्मियों के मोबाइल हैक

इंदौर शहर के विभिन्न थानों में तैनात करीब एक दर्जन से अधिक पुलिसकर्मियों के मोबाइल फोन एक फर्जी 'ई-चालान' APK फाइल के जरिए हैक कर लिए गए हैं। इस साइबर हमले का मुख्य असर आजाद नगर, लसूडिया और चंदन नगर थानों में पदस्थ कर्मियों पर देखा गया है।

Cyber Attack Indore Police

Cyber ​​Attack Indore Police: मध्यप्रदेश के इंदौर में साइबर अपराधियों ने अब कानून के रक्षकों को ही अपना निशाना बनाया है। 

इंदौर शहर के विभिन्न थानों में तैनात करीब एक दर्जन से अधिक पुलिसकर्मियों के मोबाइल फोन एक फर्जी 'ई-चालान' APK फाइल के जरिए हैक कर लिए गए हैं। इस घटना के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।

पुलिस के लिए एडवाइजरी जारी

इस साइबर हमले का मुख्य असर आजाद नगर, लसूडिया और चंदन नगर थानों में पदस्थ कर्मियों पर देखा गया है। चंदन नगर थाने सहित अन्य क्षेत्रों में तत्काल प्रभाव से एडवाइजरी जारी कर दी गई है ताकि अन्य कर्मचारी इस जाल में न फंसें।

कैसे हुआ यह डिजिटल हमला ?

साइबर ठगों ने एक बेहद शातिर तरीका अपनाया है। पुलिसकर्मियों के व्हाट्सएप पर E-Challan के नाम से एक APK (Android Application Package) फाइल भेजी गई। जैसे ही किसी पुलिसकर्मी ने चालान की जानकारी देखने के लिए इस फाइल को डाउनलोड किया, उनका पूरा फोन हैकर्स के नियंत्रण में चला गया।

पुलिस के मोबाइल से भेजी फाइलें

हैक किए गए पुलिसकर्मियों के मोबाइल से अब अन्य लोगों और संपर्कों को भी वही फर्जी ई-चालान और घातक APK फाइलें भेजी जा रही हैं। यह एक 'चेन रिएक्शन' की तरह फैल रहा है, जिससे आम जनता के भी शिकार होने का खतरा बढ़ गया है।

विशेषज्ञों की सलाह क्या न करें?

सावधान: ट्रैफिक विभाग कभी भी व्हाट्सएप पर सीधे APK फाइल नहीं भेजता। आधिकारिक चालान केवल सरकारी वेबसाइट (जैसे mParivahan) या अधिकृत एसएमएस लिंक के माध्यम से ही चेक करें। किसी भी अनजान फाइल को 'Install' करने से बचें।

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