MP में गूंजेगा वंदे मातरम: शिक्षा मंत्री उदय प्रताप ने कहा- जो राष्ट्र का नागरिक, वो कानून मानेगा, आजादी का ठेका सिर्फ कांग्रेस का नहीं था

केंद्रीय गृह मंत्रालय से 28 जनवरी 2026 को एक आदेश जारी किया, जिसमें राष्ट्रगीत वंदे मातरम गान के नए दिशा-निर्देश दिए गए हैं। मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने प्रदेश की स्कूलों और मदरसों में सख्ती से लागू करने की बात कही हैं।

Vande Mataram New Rule

Vande Mataram New Rule: सभी स्कूलों और सरकारी कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत वंदे मातरम को अनिवार्य कर दिया है। जिसे मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने प्रदेश की स्कूलों और मदरसों में सख्ती से लागू करने की बात कही हैं।

दरअसल, केंद्रीय गृह मंत्रालय से 28 जनवरी 2026 को एक आदेश जारी किया, जिसमें राष्ट्रगीत वंदे मातरम गान के नए दिशा-निर्देश दिए गए हैं। इसमें स्पष्ट किया गया है कि जहां भी राष्ट्रगान गन गण मन गाया या बजाए जाएगा, इससे पहले वहां राष्ट्रगीत वंदे मातरम को गाया जाएगा। इस दौरान अनिवार्य रूप से गाने या सुनने वाले प्रत्येक व्यक्ति को खड़ा होना होगा।

राष्ट्रगीत के सभी छह अंतरे गाए या बजाए जाएंगे

नए नियमों के अनुसार, राष्ट्रगीत गाने या बजाने के बाद ही स्कूलों की शुरुआत होगी। जिसमें राष्ट्रगीत के छह अंतरे गाए जाएंगे, जो 3 मिनट 10 सेकंड की अवधि का है। अब तक लगभग सभी कार्यक्रमों में राष्ट्रगीत के दो की अंतर गाए या बजाए जाते रहे हैं।

राष्ट्रगीत के नए प्रोटोकॉल को प्रदेश में लागू करेंगे

केंद्र से जारी आदेश पर स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने बंसल न्यूज पर चर्चा करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी स्कूल, मदरसों में राष्ट्रगीत के नए प्रोटोकॉल का अनिवार्य रूप से पालन करेंगे। इसको लेकर उन्होंने सभी स्कूल और मदरसों के लिए प्रदेश स्तर पर नया प्रोटोकॉल लागू करने का ऐलान किया।

देश का कानून नागरिकों पर समान रूप से लागू

कांग्रेस और विपक्ष द्वारा उठाए जा रहे सवालों पर शिक्षा मंत्री उदय प्रताप ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है और यहां का कानून सभी नागरिकों पर समान रूप से लागू होता है। जो राष्ट्र का नागरिक है, उसे राष्ट्र का कानून और प्रतीकों का सम्मान करना होगा।

आजादी में शामिल किसी सील-ठप्पे के साथ नहीं थे

आजादी के इतिहास पर टिप्पणी करते हुए मंत्री उदय प्रताप ने कहा कि स्वतंत्रता संग्राम का ठेका केवल कांग्रेस के पास नहीं था। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की आजादी के लिए लड़ने वाले किसी राजनीतिक सील-ठप्पे के साथ नहीं, बल्कि देशभक्ति के जज्बे के साथ मैदान में उतरे थे।

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