शिवपुरी: महिला CHO ने किया सुसाइड का प्रयास, ऑफिस में खाईं BP की 20 गोलियां, सीनियर अफसरों पर लगाया प्रताड़ना का आरोप, केस दर्ज

शिवपुरी में लेडी CHO ने अधिकारियों की प्रताड़ना से तंग आकर दफ्तर में ही आत्महत्या की कोशिश की। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है। परिजनों ने बीएमओ और अकाउंटेंट पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाए हैं।

shivpuri lady cho suicide attempt bmo accountant harassment allegation hindi news zvj

महिला अधिकारी को गंभीर हालत में शिवपुरी मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है।

Shivpuri Lady CHO Suicide Attempt: मध्यप्रदेश के शिवपुरी जिले से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहाँ स्वास्थ्य विभाग की एक महिला अधिकारी ने विभाग के ही उच्च अधिकारियों पर प्रताड़ना का गंभीर आरोप लगाते हुए खुदकुशी की कोशिश की है। कोलारस के ग्राम अटामानपुर में पदस्थ लेडी कम्युनिटी हेल्थ ऑफिसर (CHO) डॉ. शीतल सिसोदिया ने दफ्तर में ही ब्लड प्रेशर की 20 से अधिक गोलियां एक साथ निगल लीं। हालत बिगड़ने पर उन्हें तत्काल मेडिकल कॉलेज में भर्ती किया गया है, जहां उनकी स्थिति गंभीर बनी हुई है। मामले में पीड़ित अधिकारी के पति ने बीएमओ और अकाउंटेंट के खिलाफ पुलिस में केस दर्ज कराया है।

डॉ. शीतल ने की खुदकुशी की कोशिश

शिवपुरी जिले के कोलारस थाना क्षेत्र अंतर्गत 'आयुष्मान आरोग्य मंदिर' अटामानपुर में पदस्थ सीएचओ डॉ. शीतल सिसोदिया ने मंगलवार दोपहर करीब 12:30 बजे जान देने की कोशिश की। डॉ. शीतल ने दफ्तर में काम के दौरान ही बीपी कंट्रोल करने वाली करीब 20 गोलियां एक साथ खा लीं। जब उनकी तबीयत बिगड़ने लगी और वे तड़पने लगीं, तो सहकर्मियों के होश उड़ गए। उन्हें आनन-फानन में खरई उप स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहाँ से प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें शिवपुरी मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया गया।

सीनियर अफसरों की प्रताड़ना के आरोप

डॉ. शीतल के पति डॉ. विकास तोमर ने ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर (BMO) डॉ. संजय राठौर और अकाउंटेंट संजय जैन के खिलाफ तेंदुआ थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। डॉ. विकास का आरोप है कि उनकी पत्नी का एक साल का छोटा बच्चा है, जिसकी जिम्मेदारी के बावजूद वे ईमानदारी से ड्यूटी करती थीं। इसके बावजूद अधिकारी उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे।

आरोप है कि गांव में नेटवर्क की समस्या होने के कारण यदि डॉ. शीतल रात 11 बजे तक चलने वाली वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (गूगल मीट) में शामिल नहीं हो पाती थीं, तो उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया जाता था और बार-बार वेतन काटने की धमकी दी जाती थी।
बार-बार नोटिस और दंडात्मक कार्रवाई के चलते वह गहरे तनाव में थीं।

BMO की सफाई: काम में लापरवाही पर दिया था नोटिस

इधर, मामले में नामजद बीएमओ डॉ. संजय राठौर ने अपने ऊपर लगे आरोपों को नकारा है। उनका कहना है कि स्वास्थ्य विभाग की व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखने के लिए नियमित निरीक्षण और बैठकें की जाती हैं। उन्होंने स्वीकार किया कि डॉ. शीतल को काम में लापरवाही बरतने पर नोटिस जरूर दिए गए थे, लेकिन उनका उद्देश्य प्रताड़ित करना नहीं बल्कि अनुशासन बनाए रखना था। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अभी तक किसी का भी वेतन काटा नहीं गया है।

डॉ. शीतल मेडिकल की हालत गंभीर

घटना के बाद इलाके में तनावपूर्ण माहौल है। पुलिस ने डॉ. शीतल के पति की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब विभाग के अन्य कर्मचारियों और डॉ. शीतल के बयानों के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। फिलहाल, डॉ. शीतल मेडिकल कॉलेज में डॉक्टरों की निगरानी में हैं और उनकी स्थिति नाजुक बनी हुई है।

Shivpuri News, Lady CHO Suicide Attempt, Shivpuri Dr. Sheetal Sisodia case, BMO Sanjay Rathore, Harassment in Health Department, Shivpuri Medical College, MP News, Shivpuri Lady CHO Suicide Attempt, Shivpuri Community Health Officer Case: Allegations of Mental Torture

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article