फिर सुर्खियों में रिटायर्ड IAS नियाज खान: बोले- आबादी के अनुसार ब्राह्मणों को मिले आरक्षण, ब्राह्मण मजबूत तो देश मजबूत, मांग पर मचा बवाल

एमपी कैडर के चर्चित रिटायर्ड IAS अधिकारी नियाज खान ने ब्राह्मण समाज को सनातन धर्म का रक्षक बताते हुए उन्हें आबादी के अनुसार आरक्षण देने की वकालत की है। उनका तर्क है कि ब्राह्मण सशक्त होगा तो देश मजबूत होगा।

Retired IAS Niyaz Khan

Retired IAS Niyaz Khan Brahmin Reservation: अपनी बेबाक लेखनी और विवादित बयानों के लिए अक्सर चर्चा में रहने वाले मध्यप्रदेश कैडर के रिटायर्ड IAS अधिकारी नियाज खान (Retired IAS Niyaz Khan) एक बार फिर सुर्खियों में हैं। इस बार उन्होंने देश के सामाजिक और राजनीतिक ढांचे के सबसे संवेदनशील मुद्दे 'आरक्षण' पर अपनी राय रखी है। नियाज खान ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' (X) पर ब्राह्मण समाज के समर्थन में मोर्चा खोलते हुए उन्हें आबादी के अनुपात में आरक्षण देने की मांग की है। उनके इस बयान ने राजनीतिक और सामाजिक हलकों में एक नई बहस को जन्म दे दिया है।

रिटायर्ड IAS नियाज खान का बड़ा बयान

रिटायर्ड आईएएस अधिकारी नियाज खान, जो अपनी पुस्तक 'ब्राह्मण द ग्रेट' से पहले ही काफी लोकप्रियता और चर्चा बटोर चुके हैं, उन्होंने एक बार फिर अपनी विचारधारा से सबको चौंका दिया है। उन्होंने इस बार ब्राह्मण समाज को आरक्षण देने की वकालत की है। नियाज खान ने तर्क दिया है कि ब्राह्मण समाज ने हजारों वर्षों से सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति का संरक्षण किया है, लेकिन वर्तमान में उनकी आर्थिक और सामाजिक स्थिति पर ध्यान देने की आवश्यकता है।

IAS Niyaz Khan 1

ब्राह्मणों को मिले सरकारी योजना में आरक्षण

नियाज खान ने सोशल मीडिया पर अपने विचार साझा करते हुए लिखा कि ब्राह्मणों का सर्वांगीण विकास राष्ट्र की मजबूती के लिए अनिवार्य है। उन्होंने सरकार और नीति निर्माताओं से अपील की है कि वे ब्राह्मण समाज को केवल प्रतीकात्मक सम्मान न दें, बल्कि उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए हर सरकारी योजना और सेवाओं में आरक्षण प्रदान करें।

अध्यात्म और धर्म की सुरक्षा के लिए सशक्तिकरण जरूरी

नियाज खान का मानना है कि भारत की असली शक्ति उसके अध्यात्म में है, जिसके केंद्र में ब्राह्मण समाज रहा है। उन्होंने अपने ट्वीट में साफ तौर पर कहा कि यदि देश का बौद्धिक और आध्यात्मिक मार्गदर्शक (ब्राह्मण) आर्थिक रूप से कमजोर होगा, तो इससे राष्ट्र की नींव पर असर पड़ेगा। उनके अनुसार, ब्राह्मणों को आबादी के अनुसार आरक्षण मिलने से समाज में संतुलन आएगा और देश का अध्यात्म सुरक्षित रहेगा।

पहले भी दे चुके हैं 'शाकाहारी' बनने की सलाह

नियाज खान अपनी बेबाकी के लिए मशहूर हैं। इससे पहले वे मुस्लिम समाज को गो-रक्षकों से विवाद न करने और 'शाकाहारी' बनने की सलाह देकर विवादों और चर्चाओं में रह चुके हैं। वे अक्सर सनातन धर्म की खूबियों पर खुलकर बात करते हैं और खुद को एक गहरे अध्ययनकर्ता के रूप में पेश करते हैं।

ब्राह्मण समाज को बताया 'सुपर जीनियस'

अपनी चर्चित किताबों के माध्यम से नियाज खान ने ब्राह्मणों की बुद्धिमत्ता की कई बार सराहना की है। उन्होंने ब्राह्मणों को 'सुपर जीनियस' करार देते हुए कहा था कि नफरत फैलाने वाले लोग इस वर्ग के योगदान को कम करके आंकते हैं। वे समाज के इस वर्ग को आर्थिक और संवैधानिक सुरक्षा देने के पक्षधर रहे हैं।

सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस

नियाज खान के इस ट्वीट के बाद सोशल मीडिया दो गुटों में बंट गया है। जहां ब्राह्मण संगठनों ने उनके इस रुख का स्वागत किया है, वहीं आरक्षण विरोधी और अन्य सामाजिक कार्यकर्ताओं ने इस पर सवाल उठाए हैं। कई यूजर्स इसे एक सोची-समझी रणनीति मान रहे हैं, तो कई इसे नियाज खान की निजी आस्था और अध्ययन का परिणाम बता रहे हैं।

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