मध्यप्रदेश के अतिथि शिक्षकों को राहत: सात दिन गैर-हाजिरी पर नहीं हटाएंगे, स्कूल शिक्षा विभाग ने वापस लिया आदेश

मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने 20 फरवरी को एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर एक सप्ताह तक लगातार गैर-हाजिर शिक्षकों को हटाने के आदेश जारी किए थे। जिससे मध्यप्रदेश के 70 हजार से अधिक अतिथि शि​क्षकों में अंदर ही अंदर आक्रोश पनपने लगा था।

MP Guest Teacher

MP Guest Teacher New Order: मध्यप्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग में कार्यरत अतिथि शिक्षकों के लिए एक राहत की खबर है। अब स्कूलों में सात दिन तक लगातार गैर-हाजिरी पर अतिथि शिक्षकों को हटाया नहीं जाएगा। 

दरअसल, मध्यप्रदेश स्कूल शिक्षा विभाग ने 20 फरवरी को एक आदेश जारी किया था, जिसे एजुकेशन पोर्टल 3.0 पर सार्वजनिक कर दिया था। जिसमें एक सप्ताह तक लगातार गैर-हाजिर शिक्षकों को हटाने के आदेश जारी किए थे। जिससे मध्यप्रदेश के 70 हजार से अधिक अतिथि शि​क्षकों में अंदर ही अंदर आक्रोश पनपने लगा था।

जरूरी व्यवस्था के लिए अलग से जारी होगा आदेश

लोक शिक्षण संचालनालय कार्यालय से गुरुवार, 26 फरवरी 2026 को एक नया आदेश जारी किया गया। जिसमें डायरेक्टर केके द्विवेदी द्वारा 20 फरवरी वाले आदेश को निरस्त कर दिया गया। आगे उन्होंने ये भी स्पष्ट किया कि इस संबंध में जरूरी व्यवस्था के लिए अलग से आदेश जारी किया जाएगा।

MP Guest Teacher New Order

DPI से सभी अधिकारियों को फॉरवर्ड किया आदेश

लोक शिक्षण कार्यालय से आदेश को मध्यप्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारी, विकास खंड शिक्षा अधिकारी, हायर सेकंडरी, हाई स्कूल संकुल प्राचार्य और शाला प्रभारियों को भेज दिया है। जिसमें सभी को तत्काल प्रभाव से आदेश के पालन के निर्देश दिए गए।

आदेश में विभाग से ई-अटेंडेंस पर दिया था जोर

स्कूल शिक्षा विभाग ने 20 फरवरी 2026 को जारी आदेश में अतिथि शिक्षकों के लिए ई-अटेंडेंस जरूरी कर दी थी। आदेश में लिखा गया था कि यदि अतिथि शिक्षक लगातार सात दिन तक ई-अटेंडेंस नहीं लगाता है, तो उसे अतिथि शिक्षक के पद से हटा दिया जाएगा। 

ई-अटेंडेंस के बाद ही बनती है महीने की सैलरी

दरअसल, जिन स्कूलों में नियमित शिक्षक नहीं हैं, उन स्कूलों में नियमित पढ़ाई जारी रखने के लिए अतिथि शिक्षकों को नियुक्त किया गया हैं। जहां उन्हें ई-अटेंडेंस जरूरी है, इसके जरिए ही उनकी सैलरी भी बनती है। हालांकि, कई इसका उपयोग नहीं कर रहे थें।  

जांच में गैर-हाजिरी के सामने आए थे ये कारण

स्कूल शिक्षा विभाग कहना था कि ई-अटेंडेंस एप की तकनीकी खराबी, नेटवर्क सहित अन्य समस्याएं बताकर अतिथि शिक्षक गैर-हाजिर पाए गए। जिस वजह से स्कूल शिक्षा विभाग को सख्ती बरतनी पड़ी। इस मामले में स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने गैर-हाजिर अतिथि शिक्षकों पर कार्रवाई की बात कह चुके थे।

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