MP में बदलेंगे प्रोबेशन पीरियड के नियम: अब 6 महीने में अधिकारी- कर्मचारियों को करना होगा रेगुलर, जानें डिटेल

मध्यप्रदेश सरकार नई नियुक्तियों के प्रोबेशन पीरियड के नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रही है। प्रस्तावित संशोधन के तहत अब कोई भी अधिकारी-कर्मचारी यदि नियुक्ति के बाद अपना प्रोबेशन पीरियड पूरा कर लेता है, तो उसे 6 महीने के भीतर नियमित करना अनिवार्य होगा।

MP Govt Probation Period Rules

MP Govt Probation Period Rules: मध्यप्रदेश सरकार नई नियुक्तियों के प्रोबेशन पीरियड (Probation Period) के नियमों में बड़ा बदलाव करने जा रही है। प्रस्तावित संशोधन के तहत अब कोई भी अधिकारी और कर्मचारी यदि नियुक्ति के बाद अपना प्रोबेशन पीरियड पूरा कर लेता है, तो उसे 6 महीने के भीतर नियमित करना अनिवार्य होगा। विभाग बिना ठोस कारण के उसकी फाइल वर्षों तक लंबित नहीं रख सकेंगे।

... तो बिना किसी प्रक्रिया के बाहर होंगे !

प्रस्तावित संशोधित नियमों के मुताबिक, नई नियुक्ति पर पदस्थ अफसर या कर्मचारी, प्रोबेशन पीरियड में काम सही तरीके से नहीं करते या नैतिक अधोपतन (Moral Degradation)  का दोषी पाए जाते हैं तो बिना किसी प्रक्रिया के बाहर किए जा सकते हैं। 

MP Govt Probation Period Rules

जीएडी पहुंचा प्रस्ताव

जानकारी के अनुसार, वित्त विभाग ने सेवा की सामान्य शर्तें नियम 1961 को रिवाइज किया है। वित्त विभाग के एसीएस मनीष रस्तोगी के मुताबिक, यह प्रस्ताव सामान्य प्रशासन विभाग को परीक्षण के लिए भेजा है। इसे कैबिनेट में लाने की तैयारी है।

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ये बदलाव भी होंगे

1. स्थाई और अस्थाई कर्मचारियों का भेद भी खत्म होगा। अब तमाम लोग नियमित शासकीय सेवक कहलाएंगे।
2. सीधी भर्ती और प्रमोशन से जो अधिकारी या कर्मचारी जिस पद पर किसी एक तारीख में आएगा, उसमें पदोन्नति वाले को सीनियॉरिटी दी जाएगी।
3. किसी विभाग से दूसरे महकमे में जाने वालों को अब सीधी भर्ती वाले लाभ मिलेंगे। साथ ही सीनियॉरिटी, इंक्रीमेंट या लाभ इसी आधार पर मिलेंगे।

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