MP आबकारी आरक्षक भर्ती फर्जीवाड़ा: 12 टॉपर्स का कारनामा, जो कभी 50 नंबर भी नहीं ला पाए, कैसे बन गए टॉपर, ESB ने ऐसे पकड़े फर्जी कैंडिडेट्स

मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) की आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा-2024 में बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ है। इन सभी ने एक ही सेंटर पर अलग-अलग पालियों में परीक्षा दी थी। ESB की जांच में ये मुन्नाभाई पकड़ाए हैं।

MP Excise Constable Bharti Scam

MP Excise Constable Bharti Scam: मध्यप्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (ESB) की आबकारी आरक्षक भर्ती परीक्षा-2024 में बड़े फर्जीवाड़े का भंडाफोड़ हुआ है। इन सभी ने एक ही सेंटर पर अलग-अलग पालियों में परीक्षा दी थी। ESB की जांच में ये मुन्नाभाई पकड़ाए हैं। मंडल ने इन 12 कैंडिडेट्स के खिलाफ एफआईआर कराई है।

मामले में खुलासा हुआ कि इन सभी 12 कैंडिडेट्स ने मध्यप्रदेश के 'रतलाम पब्लिक स्कूल' सेंटर पर परीक्षा दी थी। इसे मंडल ने पहली बार सेंटर बनाया था। जांच के पता चला कि 2 घंटे की परीक्षा में किसी कैंडिडेट ने 15 तो किसी ने 20 मिनट में 100 सवाल हल कर दिए और बाकी समय खाली बैठे रहे।

कैसे पकड़ाया फर्जीवाड़ा ?

5 फरवरी को रिजल्ट जारी होने से पहले ESB ने हाई पसेंटाइल वाले टॉपर्स के डेटा की जांच की, तो पता चला कि ये 12 कैंडिडेट्स पहले पुलिस भर्ती और अन्य परीक्षाएं भी दे चुके हैं, लेकिन कभी भी इनके 50 अंक भी नहीं आए आए थे। 

आबकारी भर्ती में अचानक इन्होंने 90 से ज्यादा अंक (100 पर्सेंटाइल) हासिल कर लिए। सीसीटीवी और एग्जामिनेशन डेस्क के डेटा से खुलासा हुआ कि इन कैंडिडेट्स की एग्जाम सेंटर पर किसी व्यक्ति ने मदद की है।

पूरा प्री-प्लान स्कैम

जांच में यह भी पता चला कि इन 12 कैंडिडेट्स ने बड़ी प्लानिंग से अलग-अलग डेट्स और अलग-अलग शिफ्ट में परीक्षा दी। यह भी प्रूफ हो गया कि इन सबका
मददगार एक ही व्यक्ति था और सबका सेंटर एक ही था। जो एक प्री-प्लान स्कैम की ओर इशारा कर रहा है।

रतलाम में पहली बार बनाया गया सेंटर

जानकारी के अनुसार, ईएसबी ने परीक्षा 9 सितंबर 2025 से 21 सितंबर 2025 के बीच भोपाल, इंदौर, ग्वालियर, रतलाम सहित 11 शहरों में आयोजित की थी। भर्ती के लिए 2,40,010 कैंडिडेट्स को प्रवेश पत्र जारी किए गए थे। इनमें से आधे से कम यानी 1,10,032 कैंडिडेट्स ने परीक्षा दी थी। शेष कैंडिडेट्स अनुपस्थित रहे थे। इसका रिजल्ट 5 फरवरी को जारी किया गया। 

मंडल ने पहली बार ‘रतलाम पब्लिक स्कूल’ को परीक्षा केंद्र बनाया और पहले ही प्रयास में वहां से 12 ‘सस्पेक्टेड टॉपर’ निकल आए। CCTV फुटेज से पुष्टि हुई है कि इन सभी को एक ही बाहरी व्यक्ति द्वारा गाइड किया जा रहा था। मंडल अब इस बात की जांच कर रहा है कि इस स्कूल को सेंटर बनाने की सिफारिश किसने की थी और इसके पीछे कौन सा गिरोह सक्रिय है।

रिजल्ट से पहले कार्रवाई

ईएसबी का कहना है कि अब मंडल फाइनल रिजल्ट घोषित करने से पहले हाई पर्सेंटाइल कैंडिडेट्स की एक्टिविटी की जांच करने लगा है। इसी प्रोसेस के तहत इन 12 कैंडिडेट्स के खिलाफ रिजल्ट घोषित होने से पहले नकल प्रकरण दर्ज किया गया था, और उसके बाद FIR की गई।

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