MP Cabinet Decisions: राज्य समाज कल्याण बोर्ड के कर्मचारियों के महिला बाल विकास में संविलियन को मंजूरी, सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापितों के पट्टों की रजिस्ट्री कराएगी सरकार

सीएम डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार, 3 फरवरी को मध्यप्रदेश कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

MP Cabinet Decisions)

MP Cabinet Decisions: सीएम डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में मंगलवार, 3 फरवरी एमपी कैबिनेट की बैठक में कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जिसमें राज्य समाज कल्याण बोर्ड के कर्मचारियों के महिला बाल विकास में संविलियन को मंजूरी दे दी गई है। साथ ही सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापितों के पट्टों की रजिस्ट्री सरकार द्वारा कराने का फैसला लिया गया है। इसमें 25 हजार 602 आदिवासी पट्टाधारियों को लाभ मिलेगा।  

कैबिनेट के प्रमुख फैसले 

  • सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापितों के आवासीय पट्टों की रजिस्ट्री कराएगी सरकार

  • धार, बड़वानी, आलीराजपुर,‌खरगोन के 25, 602 आदिवासी विस्थापितों को‌ होगा लाभ

  • रीवा और कटनी में दो सूक्ष्म सिंचाई परियोजना को मंजूरी 

  • रीवा में बाणसागर बांध परियोजना के तहत धनवाही में सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 53.73 करोड़ रुपए मंजूर

  • कटनी की विजयराघवगढ़ तहसील में बरही सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के लिए 566.92 करोड़ रुपए मंजूर 

  • राज्य समाज कल्याण बोर्ड के कर्मचारियों का महिला बाल विकास में संविलियन होगा

विस्थापितों के पट्टों की रजिस्ट्री मुफ्त होगी

सरदार सरोवर परियोजना के विस्थापितों के आवा​सीय पट्टों की रजिस्ट्री का खर्च सरकार उठाएगी। जिसमें 25 हजार 602 आदिवासी पट्टाधारियों को इसका लाभ मिलेगा। परियोजना का क्षेत्र 8 विधानसभा क्षेत्रों में फैला हुआ है। जिसमें कांग्रेस के नेता प्रतिपक्ष (उमंग सिंगार) का क्षेत्र भी आता है। साथ ही 3-4 कांग्रेस के विधायकों का क्षेत्र आता है। इसमें बिना भेदभाव के काम किया गया है। इसमें धार, बड़वानी, अलीराजपुर और खरगौन के 25 हजार से ज्यादा परिवारों की रजिस्ट्री करवाएंगे

दो सिंचाई परियोजनाओं को मंजूरी 

यह सिंचाई परियोजनाएं बाणसागर बांध पर स्थापित हैं।

पहली- धनवाही सूक्ष्म सिंचाई परियोजना:  इस योजना के तहत लिफ्ट इरिगेशन- प्रेशर पाइप के द्वारा हर खेत तक पानी पहुंचेगा। इसमें किसी किसान की जमीन का अधिग्रहण नहीं होगा। सिर्फ पपिंग स्टेशन के लिए एक हेक्टयर जमीन का अधिग्रहण किया जाएगा। यह योजना 53.73 करोड़ रुपए की है। जिसमें 3500 हेक्टयर क्षेत्र में सिंचाई होगी। 2810 किसान लाभांवित होंगे।

दूसरी- बरही सूक्ष्म उद्भावन सिंचाई परियोजना: इस परियोजना से कृषि क्षेत्र में सिंचाई सुविधा को विस्तार मिलेगा। यह 566.92 करोड़ की योजना है। इससे 20 हजार हेक्टयर क्षेत्र में सिंचाई होगी। 11500 किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। इस परियोजना का विस्तार कटनी जिले की बरही विजयराघवगढ़ तहसील के अंदर रहेगा।

इन दोनों सिंचाई परियोजनाओं को कैबिनेट ने मंजूरी मिली है।

8 योजनाओं की निरंतरता को मंजूरी

  • वित्त विभाग के प्रस्ताव पर लोक वित्त पोषित कार्यक्रमों, योजनाओं और परियोजनाओं के परीक्षण व प्रशासकीय अनुमोदन की प्रक्रिया के तहत 500 करोड़ रुपए से कम लागत की 8 योजनाओं को 16वें केंद्रीय वित्त आयोग की अवधि तक मंजूरी दी गई।

  • श्रम विभाग के प्रस्ताव पर मुख्यमंत्री जन कल्याण संबल 2.0 योजना को निरंतर संचालित रखने की स्वीकृति दी गई। इसे साल 2030-31 तक बढ़ाया गया।

  •  योजना, आर्थिक एवं सांख्यिकी विभाग के प्रस्ताव पर विधानसभा क्षेत्र विकास योजना को जारी रखने को मंजूरी  मिली है।

  • पशुपालन एवं डेयरी विभाग के अंतर्गत मुख्यमंत्री पशुपालन विकास योजना को वर्ष 2021 से आगे निरंतर चालू रखने, पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय जबलपुर को ब्लॉक ग्रांट योजना के तहत 2026 से 2031 तक सहायता देने, पशुपालन-पशु विकास और गौ संवर्धन की योजनाओं को 2031 तक संचालित रखने पर निर्णय लिया गया।

  • महिला एवं बाल विकास विभाग के प्रस्ताव पर किशोर कल्याण निधि योजना को 100 प्रतिशत राज्य मद से जारी रखने, घरेलू हिंसा से पीड़ित महिलाओं के लिए सहायता योजना और उसके क्रियान्वयन को मंजूरी दी गई।

  • मुख्यमंत्री पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक रोजगार उद्यम योजना को निरंतर चालू रखने पर भी मंजूरी दी गई।

इन 8 योजनाओं पर 15009 करोड़ का वित्तीय भार है। इन योजनाओं के निरंतरता की स्वीकृति।

समाज कल्याण बोर्ड का संविलियन

कैबिनेट में मध्यप्रदेश राज्य समाज कल्याण बोर्ड का महिला एवं बाल विकास विभाग में संविलियन को मंजूरी दी गई। बोर्ड के कर्मचारियों के वेतन भुगतान एवं संविलियन को लेकर कोर्ट ने भी आदेश दिया था। उसका भी एक तरह से पालन किया गया।

ये भी पढ़ें:ग्वालियर के डबरा में ओलों की बारिश: डबरा- भितरवार क्षेत्र में फसलें बर्बाद, चंबल-मंदसौर में भी आंधी-बारिश से किसानों की चिंता बढ़ी

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article