एमपी कैबिनेट के बड़े फैसले: नौकरी करने दुनिया भर में जाएंगे MP के युवा, टाइगर रिजर्व में सुरक्षा पर 390Cr, नरसिंहपुर में सिंचाई पर खर्च होंगे 215Cr

MP Cabinet Decisions 27 January 2026: मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में मंगलवार, 27 जनवरी 2026 को कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।

MP Cabinet Decisions 27 January 2026

MP Cabinet Decisions 27 January 2026: मध्यप्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में मंगलवार, 27 जनवरी 2026 को कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए।

स्विटजरलैंड के दावोस दौरे की वजह से पिछले मंगलवार को कैबिनेट बैठक नहीं हो पाई थी। मुख्यमंत्री मोहन यादव की अध्यक्षता में आज मंत्रिमंडल द्वारा प्रमुख फैसले लिए गए। एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने कैबिनेट की जानकारी दी। मंत्री कश्याप ने बताया कि प्रदेश के 9 टाइगर रिजर्व बफर जोन में बाघों की जनसंख्या बढ़ गई हैं। अधिकांश जगह अलग-अलग कारणों से टाइगरों की मौत हुई हैं। जिसे देखते हुए बफर जोन की सुरक्षा के लिए 390 करोड़ रुपए की योजना मंजूर की है।

विदेश में ओबीसी युवाओं के रोजगार योजना का बदला नाम

एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया- बेरोजगार युवक-युवतियों को विदेश में जाने-आने की 2022 की योजना का नाम बदलकर अन्य विछड़ा वर्ग के युवाओं के लिए विदेश रोजगार निवेश और नियोजन योजना 2025 किया है। पहले इस योजना में सिर्फ जापान भेजने का प्रावधान था, अब दुनिया के किसी भी देश में रोजगार के लिए जाने वाले के जाने-आने पर सरकार खर्च करेगी। जिसमें 600 से ज्यादा युवाओं को भेजने के लिए 45 करोड़ रुपए का प्रावधान किया है।

10200 हेक्टेयर में सिंचाई, 63 गांव के किसान होंगे लाभान्वित

नरसिंहपुर जिले में बागरा साखा से लिफ्ट इरीगेशन के माध्यम से सोहागपुर और बाबई तहसील को पानी दिया जाएगा। जिससे 4200 हेक्टेयर में सिंचाई होगी। पिपरिया शाखा से सोहागपुर तहसील से पानी दिया जाएगा। इससे 6000 हेक्टेयर में सिंचाई होगी। कुल 10200 हेक्टेयर सिंचाई की जाएगी। 215 करोड़ की लागत से 63 गांव के किसानों को लाभ मिलेगा।

पचमढ़ी के विकास के संशोधन का प्रस्ताव एसपी में करेंगे पेश

एमएसएमई मंत्री चैतन्य काश्यप ने बताया- पिछले साल मई में पचमढ़ी के क्षेत्र को लेकर एक निर्णय हुआ था, हालांकि, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद शहर के साडा क्षेत्र के विकास काम को रोक दिया था। यहां की 395ण्93 हेक्टेयर जमीन शहरी आवासीय क्षेत्र में तब्दील हो गई थी, जिसे पचमढ़ी अभयारण्य से बाहर कर दिया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद संशोधन किया गया है। अब यह प्रस्ताव सुप्रीम कोर्ट में पेश करेंगे। यह क्षेत्र अभयारण्य से अलग रहेगा। आगे विकास की योजना बना पाएंगे।

इन योजनाओं को पांच साल के लिए आगे बढ़ाया

कैबिनेट में विभिन्न की योजनाओं को अगले पांच साल की निरंतरता स्वीकृत की गई हैं। जिसमें मुख्य रूप से  मुख्यमंत्री कृषक फसल उपार्जन योजना, राजस्व विभाग के कार्यालय, आवसीय भवनों का निर्माण, शुल्क की प्रतिपूर्ति, परीक्षा के प्रशिक्षण, स्काउड गाइड, समेत अन्य योजनाएं शामिल हैं। 

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