MP में बैंककर्मियों की हड़ताल: हफ्ते में 5 दिन वर्किंग की मांग, सरकार से बातचीत विफल होने के बाद यूनियन्स ने लिया फैसला, नहीं होगा काम

बैंकों में पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह (5 डे वीक वर्किंग) की मांग को लेकर बैंककर्मी मंगलवार, 27 जनवरी को हड़ताल पर रहेंगे। सरकार के साथ एक बार बातचीत विफल होने के बाद बैंक यूनियन्स ने हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है।

MP Bank Employees Strike

MP Bank Employees Strike: बैंकों में पांच दिवसीय बैंकिंग सप्ताह (5 डे वीक वर्किंग) की मांग को लेकर बैंककर्मी मंगलवार, 27 जनवरी को हड़ताल पर रहेंगे। सरकार के साथ एक बार बातचीत विफल होने के बाद बैंक यूनियन्स ने हड़ताल पर जाने का फैसला लिया है। हड़ताल को लेकर सोमवार, 26 जनवरी को भोपाल में यूनियंन्स की मीटिंग्स का दौर जारी है।

8 लाख बैंककर्मी हड़ताल पर रहेंगे

यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के व्यापी आह्वान पर यह हड़ताल की जा रही है। आज यानी 26 जनवरी  को फोरम में शामिल बैंक यूनियंस के पदाधिकारियों ने हड़ताल को लेकर रणनीति बनाई।

यूनियन पदाधिकारी वीके शर्मा ने बताया कि इस हड़ताल में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक, निजी क्षेत्र के बैंक, विदेशी बैंक, क्षेत्रीय ग्रामीण बैंक और सहकारी बैंकों के देशभर के 8 लाख कर्मचारी और अधिकारी शामिल होंगे।

7 हजार बैंक शाखाएं रहेंगी बंद

मध्यप्रदेश में 7 हजार बैंक शाखाएं बंद रहेंगी और 40 हजार अधिकारी-कर्मचारी काम नहीं करेंगे। आंदोलित बैंककर्मियों की केंद्र सरकार से मांग है कि बैंकिंग उद्योग में 5 दिवसीय कार्य सप्ताह लागू किया जाए। शेष सभी शनिवार को अवकाश घोषित किया जाए। वर्तमान में केवल दूसरा और चौथा शनिवार अवकाश रहता है।

MP Bank Employees Strike (2)
फाइव डे वीक वर्किंग को लेकर प्रदर्शन करते बैंक कर्मचारी।

डे वर्किंग की लंबे समय से मांग

वीके शर्मा ने बताया, यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियन्स लंबे समय से बैंकिंग क्षेत्र में हफ्ते में 5 डे वर्किंग की मांग करता आ रहा है। 2015 में हुए 10वें द्विपक्षीय समझौते-7वें जॉइंट नोट में भारतीय बैंक संघ (IBA) और केंद्र सरकार द्वारा सहमति व्यक्त की गई थी। जिसके मुताबिक प्रत्येक माह के दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश घोषित किया गया और अन्य शनिवारों को आधे दिन के बजाय पूरे दिन कार्य दिवस किया गया।

चर्चा के बाद बनी सहमति

शर्मा ने बताया कि उस समय यह भी आश्वासन दिया गया था कि शेष सभी शनिवारों को अवकाश घोषित करने की मांग पर उचित समय पर विचार किया जाएगा, किंतु यह मुद्दा लंबित रहा। 2022 में केंद्र सरकार और भारतीय बैंक संघ ने यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस के साथ इस विषय पर चर्चा करने पर सहमति जताई। ताकि कार्य घंटे बढ़ाकर शेष शनिवारों को अवकाश घोषित किया जा सके। साल 2023 में बातचीत के बाद यह सहमति बनी कि सोमवार से शुक्रवार के कार्य घंटे प्रतिदिन 40 मिनट बढ़ाए जाएंगे और शेष शनिवारों को अवकाश घोषित किया जाएगा।

दो साल से लटका है प्रस्ताव 

वीके शर्मा ने बताया कि प्रस्ताव को विधिवत केंद्र सरकार को भेजा गया, लेकिन दुर्भाग्यवश पिछले दो वर्ष से सरकार की मंजूरी लंबित है। सरकार से कोई प्रतिक्रिया न मिलने पर यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस ने 24 एवं 25 मार्च-25 को दो दिवसीय हड़ताल का आह्वान किया था। उस समय सरकार से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि मामला सक्रिय रूप से विचार में है। जिसके चलते हड़ताल स्थगित कर दी गई थी, लेकिन अब तक ना तो कोई फैसला किया गया और ना ही  ठोस आश्वासन दिया गया।

ये भी पढ़ें:  उज्जैन और शिवपुरी में नए एयरपोर्ट बनेंगे: महाकाल की नगरी में पहली बार शिप्रा तट पर मुख्यमंत्री ने फहराया तिरंगा

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article