महेंद्र लोधी सुसाइड केस: दमोह कलेक्ट्रेट में धरने पर बैठा पूरा गांव, अस्थियां लेकर पहुंचा था परिवार, मारपीट करने वाली नर्स और TI पर कार्रवाई की मांग

(रिपोर्टर - मनीष सोनी) दमोह के एक युवक की आत्महत्या के बाद परिजनों ने सैकड़ों ग्रामीणों के साथ कलेक्ट्रेट का घेराव किया। मृतक की अस्थियां लेकर पहुंचे प्रदर्शनकारियों ने कलेक्ट्रेट का गेट तोड़ दिया और नर्स और रनेह टीआई पर कार्रवाई की मांग की।

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Damoh Mahendra Lodhi Suicide Case: मध्यप्रदेश के दमोह में बुधवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक सुसाइड करने वाले युवक की अस्थियां लेकर सैकड़ों लोगों ने कलेक्ट्रेट का घेराव कर दिया। आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट का मुख्य गेट तोड़कर अंदर प्रवेश किया और जमकर नारेबाजी की। साथ ही न्याय की मांग की। यह पूरा मामला महेंद्र सिंह लोधी की आत्महत्या से जुड़ा है।

परिजनों का आरोप है कि 6 महीने पहले एक नर्स द्वारा की गई मारपीट और पुलिस की दोषपूर्ण कार्रवाई से तंग आकर महेंद्र ने फांसी लगा ली थी। लेकिन मामले में आरोपियों के खिलाफ कोई नहीं हुई। वे रनेह थाना प्रभारी चंदन सिंह को हटाने, नर्स पर केस दर्ज करने और मृतक के परिवार को भारी मुआवजे की मांग कर रहे हैं।

महेंद्र लोधी की मौत के बाद भारी हंगामा

दरअसल, दमोह जिले के रनेह गांव में रहने वाले महेंद्र सिंह लोधी ने 5 फरवरी को पन्ना जिले के सिमरिया में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी। इस घटना के बाद से ही क्षेत्र में तनाव का माहौल है। बुधवार को युवक कांग्रेस नेता दृगपाल लोधी के नेतृत्व में मृतक की पत्नी और परिजन पैदल मार्च करते हुए अस्थियां लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। इस दौरान प्रदर्शन कर रहे लोग बैरिकेड्स को धक्का देकर कलेक्ट्रेट के अंदर घुस गए। परिजनों के हाथों महेंद्र की अस्थियां थीं, जिन्होंने कलेक्ट्रेट पहुंचकर न्याय की मांग की।

जानें क्या था पूरा विवाद?

पूरा विवाद पिछले साल जून महीने में शुरू हुआ था। महेंद्र अपनी गर्भवती पत्नी को इलाज के लिए रनेह स्वास्थ्य केंद्र ले गए थे। आरोप है कि वहां पदस्थ नर्स नीलम यादव ने इलाज करने से मना कर दिया। जब महेंद्र ने विरोध किया, तो नर्स ने उनके साथ मारपीट की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। बाद में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दोनों पक्षों पर क्रॉस एफआईआर दर्ज कर ली थी।

प्रशासन की कार्रवाई से असंतुष्ट था मृतक

घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने नर्स नीलम यादव की एक वेतन वृद्धि (इंक्रीमेंट) रोकी और उनका तबादला कर दिया। यह पूरा मामला अभी कोर्ट में चल रहा है, लेकिन महेंद्र लोधी अपने ऊपर दर्ज हुए आपराधिक मामले और रनेह थाना प्रभारी चंदन सिंह की कार्यप्रणाली से मानसिक रूप से परेशान था। परिजनों का दावा है कि पुलिसिया प्रताड़ना और झूठे केस के डर से महेंद्र ने आत्मघाती कदम उठाया।

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युवक की अस्थियों के साथ प्रदर्शन

आक्रोशित परिजन और अन्य लोग महेंद्र लोधी की अस्थियां लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे थे और गेट तोड़कर अंदर घुस आए। जिसके बाद कलेक्ट्रेट में भारी हंगामा हुआ। प्रदर्शनकारी सीधे कलेक्टर से मिलने की मांग पर अड़े थे। जैसे ही पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की, भीड़ ने कलेक्ट्रेट का गेट तोड़ दिया। मौके पर मौजूद एसडीएम और भारी पुलिस बल ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया।

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प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांगें क्या हैं?

परिजनों की मांग हैं कि दोषी नर्स और लापरवाही बरतने वाले टीआई पर सख्त कार्रवाई हो। मृतक के परिवार को मुआवजा दिया जाए। मृतक पर दर्ज किए गए पुराने मामले खत्म किए जाएं। इस मामले में मुआवजा कितना मांगा गया यह स्पष्ट नहीं हो पाया है। फिलहाल एसडीएम और पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों से चर्चा की है और मामले की निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया है। स्थिति नियंत्रण में है।

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