/bansal-news/media/media_files/2026/01/12/cat-jabalpur-ips-cadre-review-order-relief-to-state-police-service-officers-hindi-news-zvj-2026-01-12-18-42-43.jpg)
IPS Cadre Review CAT Order: केंद्रीय न्यायिक अधिकरण (CAT) की जबलपुर पीठ ने मध्यप्रदेश पुलिस सेवा के अधिकारियों के पक्ष में एक बड़ा और ऐतिहासिक फैसला सुनाया है। न्यायाधिकरण ने IPS कैडर रिव्यू में पिछले दो दशकों से हो रही देरी को गंभीरता से लेते हुए केंद्र और राज्य सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। अदालत ने स्पष्ट किया है कि कैडर रिव्यू एक अनिवार्य प्रक्रिया है और इसमें होने वाली देरी अधिकारियों के संवैधानिक अधिकारों का हनन है। साथ ही केंद्र और मध्यप्रदेश सरकार को 120 दिनों के भीतर रिव्यू प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश दिए। इस फैसले से राज्य पुलिस सेवा के DSP और ASP स्तर के अधिकारियों के IPS बनने का रास्ता साफ होगा।
पुलिस अफसरों को मिली बड़ी राहत
मध्यप्रदेश राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों (DSP/ASP स्तर) के लिए पदोन्नति और कैडर रिव्यू के मामले में CAT जबलपुर ने निर्णायक फैसला सुनाया है। दरअसल, राज्य पुलिस सेवा के अधिकारियों ने न्यायाधिकरण में याचिका दायर की थी कि लंबे समय से कैडर रिव्यू नहीं होने के कारण उनके प्रमोशन के अवसर प्रभावित हो रहे हैं।
पुलिस एसोसिएशन की याचिका पर सुनवाई
दरअसल, एमपी पुलिस एसोसिएशन ने केंद्रीय प्रशासनिक अधिकरण (CAT) की जबलपुर पीठ में एक याचिका दायर की थी, जस्टिस अखिल श्रीवास्तव और जस्टिस मल्लिका आर्य की कोर्ट में हुई सुनवाई के दौरान यह बात सामने आई कि नियम के मुताबिक भारतीय पुलिस सेवा (IPS) का 'कैडर रिव्यू' समय पर करना सरकार की जिम्मेदारी थी, लेकिन इसे पूरा नहीं किया गया। याचिका में लेटलतीफी के कारण IPS अवॉर्ड हुए बिना अधिकारियों के रिटायरमेंट का मुद्दा उठाया गया है।
20 साल से अटका कैडर रिव्यू
याचिका में मुद्दा उठाया गया कि भारतीय पुलिस सेवा (कैडर) नियम, 1954' के अनुसार, हर 5 साल में कैडर रिव्यू करना सरकार के लिए अनिवार्य है। लेकिन सच्चाई यह है कि पिछले दो दशकों (20 साल) से इस प्रक्रिया को लगातार टाला जा रहा है।
इस सुस्ती का सबसे बुरा असर राज्य पुलिस सेवा के DSP और ASP स्तर के अधिकारियों पर पड़ रहा है। योग्यता होने के बावजूद, समय पर रिव्यू न होने के कारण ये अधिकारी IPS के रूप में प्रमोट होने के अपने संवैधानिक अधिकार से वंचित हो रहे हैं। सीधा मतलब यह है कि सिस्टम की देरी, काबिल अफसरों के करियर की राह में रोड़ा बन रही है।
कैडर रिव्यू टालना संवैधानिक हक का हनन
सोमवार को सुनवाई के दौरान ट्रिब्यूनल ने पाया कि लगभग दो दशकों से कैडर रिव्यू की प्रक्रिया को केंद्र और राज्य सरकार के बीच समन्वय की कमी के कारण टाला जा रहा था। इस पर कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए CAT ने कहा कि कैडर रिव्यू केवल एक प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं है, बल्कि यह अधिकारियों के करियर और मनोबल से जुड़ा विषय है। इसे किसी भी स्थिति में टाला नहीं जा सकता।
120 दिनों का सख्त अल्टीमेटम
ट्रिब्यूनल ने अपने आदेश में केंद्र सरकार के कार्मिक विभाग और राज्य सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया है कि अगले 120 दिनों के भीतर कैडर रिव्यू की पूरी प्रक्रिया संपन्न की जाए। इस फैसले से उन दर्जनों पुलिस अधिकारियों को लाभ मिलेगा जो पात्रता रखने के बावजूद IPS कैडर में शामिल होने का इंतजार कर रहे हैं।
20 साल की देरी पर कड़ी नाराजगी
CAT अदालत ने सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि नियमानुसार समय-समय पर कैडर रिव्यू किया जाना चाहिए। इसमें दो दशकों की देरी यह दर्शाती है कि प्रशासनिक मशीनरी अधिकारियों के हितों के प्रति उदासीन है। यह देरी अधिकारियों को उनके कानूनी हक से वंचित करने जैसी है।
DSP और ASP अधिकारियों में खुशी
इस आदेश के बाद मध्यप्रदेश पुलिस सेवा के वरिष्ठ अधिकारियों में खुशी का माहौल है। जानकारों का कहना है कि यदि कैडर रिव्यू समय पर होता है, तो राज्य पुलिस सेवा के कोटे से IPS बनने वाले अधिकारियों की संख्या में इजाफा होगा, जिससे फील्ड स्तर पर अनुभवी अधिकारियों की कमी दूर होगी।
MP Police, Jabalpur news, CAT Jabalpur hearing | Central Administrative Tribunal Jabalpur Bench CAT Jabalpur, IPS Cadre Review, Police Service Promotion, State Police Service MP, Central Administrative Tribunal, bhopal news, IPS Cadre Review CAT Order 2026
/bansal-news/media/agency_attachments/2025/12/01/2025-12-01t081847077z-new-bansal-logo-2025-12-01-13-48-47.png)
Follow Us