झीलों के शहर में भी पेयजल पर संकट: आधा बजट भी खर्च नहीं कर पाया नगर निगम, गंदे पानी की शिकायतों में टॉप-3 में भोपाल

करोड़ों के बजट के बावजूद भोपाल नगर निगम पानी की समस्या हल करने में नाकाम दिख रहा है। इंदौर कांड के बाद शहर के 18 इलाकों से रोज गंदे पानी की शिकायतें आ रही हैं, लेकिन निगम बजट का आधा हिस्सा भी खर्च नहीं कर पाया है।

bhopal water crisis complaints municipal corporation budget issue hindi news zvj

Bhopal Water Crisis: इंदौर में दूषित पानी से हुई मौतों ने पूरे मध्यप्रदेश को डरा दिया है, और अब इसकी गूंज राजधानी भोपाल में भी सुनाई दे रही है। भोपाल में पानी की समस्या विकराल होती जा रही है। ताज्जुब की बात यह है कि नगर निगम के पास करोड़ों का बजट होने के बाद भी शहरवासी सीवेज मिश्रित और बदबूदार पानी पीने को मजबूर हैं। शहर के कई इलाकों में दूषित पानी संबंधित शिकायतें सामने आ रही हैं। पेयजल शिकायतों के मामले में इंदौर और ग्वालियर के बाद भोपाल प्रदेश में तीसरे स्थान पर है। सीएम हेल्पलाइन पर शिकायतों का अंबार लगा है, लेकिन जमीनी स्तर पर समाधान की रफ्तार सुस्त है।

बजट की कमी नहीं, प्रबंधन की लापरवाही

नगर निगम के आंकड़ों के मुताबिक, जल प्रदाय व्यवस्था सुधारने के लिए 334 करोड़ रुपए का भारी-भरकम बजट आवंटित है, लेकिन विडंबना यह है कि निगम इसका आधा हिस्सा भी अब तक खर्च नहीं कर सका है। बजट के अभाव में नहीं, बल्कि इच्छाशक्ति की कमी के कारण शहर के 18 से ज्यादा इलाकों के लोग हर दिन दूषित पानी की समस्या से जूझ रहे हैं। रोज गंदे पानी की शिकायतें आ रही हैं, लेकिन निगम बजट का आधा हिस्सा भी खर्च नहीं कर पाया है। अतिक्रमण और खराब ड्रेनेज सिस्टम के कारण पेयजल लाइनों में सीवेज मिलने की घटनाएं बढ़ रही हैं।

शिकायतों में भोपाल तीसरे नंबर पर

पूरे प्रदेश में पेयजल की शिकायतों के मामले में भोपाल का नंबर इंदौर और ग्वालियर के बाद तीसरा है। जहां इंदौर में 12,868 और ग्वालियर में 7,174 शिकायतें दर्ज हैं, वहीं भोपाल में भी यह आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। जबलपुर में 3887 शिकायतों के साथ चौथे स्थान पर है। दुखद यह है कि भोपाल में दर्ज कुल शिकायतों में से केवल 74 प्रतिशत का ही निराकरण हो पा रहा है, बाकी लोग आज भी गंदे पानी की सप्लाई झेल रहे हैं।

इन इलाकों में गंदे पानी की शिकायतें

  • न्यू चौकसे नगर (वार्ड 79): यहां के 500 घरों में सालों से बोरिंग के जरिए बदबूदार पानी आ रहा है। रहवासियों का आरोप है कि सीवेज का पानी जमीन के अंदर रिसकर बोरिंग के पानी को जहरीला बना रहा है। 
  • कोलार रोड: यहां अतिक्रमण के चलते सीवेज निकासी बंद हो गई है। जुलाई से दिसंबर तक 7 बार रिमाइंडर देने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। निगम के अधिकारियों से लेकर सीएम हेल्प लाइन में में शिकायतें कीं गईं। लेकिन गंदे पानी की सप्लाई के मामले में सुनवाई नहीं हुई।
  • नेहरू नगर व ओल्ड सुभाष नगर: इन क्षेत्रों में पिछले 3 महीने से लगातार गंदा पानी आ रहा है, जिससे बीमारियां फैलने का डर बना हुआ है।
  • सीवेज की गंदगी से दूषित हो रहा भोपाल का पानी: भोपाल की कई कॉलोनियों (JNNURM, BDA और हाउसिंग बोर्ड) में पीने के पानी और सीवेज की लाइनें एक-दूसरे से सटकर बिछी हैं। करोंद और ईदगाह हिल्स जैसे इलाकों में तो पानी के वाल्व ही गंदगी में डूबे रहते हैं, जिससे नलों में मटमैला और बदबूदार पानी आ रहा है। पानी सप्लाई करने वाले 'कंट्रोल वाल्व' अक्सर सीवेज के गंदे पानी में डूबे रहते हैं। रोशनपुरा और नीलबड़ के रहवासी भी गंदे पानी से परेशान हैं, जिससे गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।

Contaminated water supply in Bhopal...Congress said – serious danger | भोपाल  में दूषित पानी की सप्लाई...कांग्रेस बोली-गंभीर खतरा: निगम में नेता  प्रतिपक्ष बोलीं-श्यामला ...

एक्शन मोड में नगर निगम: 50 बस्तियों में सघन जांच

इंदौर की घटना से सबक लेते हुए भोपाल नगर निगम ने पेयजल की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए 'सर्च ऑपरेशन' तेज कर दिया है। रविवार को निगम की विशेष टीमों ने शहर की 50 संवेदनशील बस्तियों में दस्तक दी। इस दौरान कुल 158 पानी के नमूने जांच के लिए लैब भेजे गए। आंकड़ों पर गौर करें तो प्रशासन अब तक शहर के अलग-अलग हिस्सों से 700 से ज्यादा सैंपल ले चुका है, ताकि किसी भी तरह के संक्रमण को समय रहते पकड़ा जा सके। केवल जांच ही नहीं, बल्कि सुधार पर भी जोर दिया जा रहा है। रविवार को ही रिकॉर्ड 110 पाइपलाइन लीकेज को दुरुस्त किया गया, जो गंदे पानी की सप्लाई का मुख्य कारण बन रहे थे।

निगम कमिश्नर-शिकायत पर तुरंत एक्शन

भोपाल नगर निगम कमिश्नर संस्कृति जैन के अनुसार, शहर के स्लम (मलिन बस्तियों) और घनी आबादी वाले इलाकों को प्राथमिकता पर रखा गया है। उन्होंने स्पष्ट किया हम सीएम हेल्पलाइन और अन्य माध्यमों से मिलने वाली हर शिकायत का रियल-टाइम समाधान कर रहे हैं। सैंपल कलेक्शन के साथ-साथ हमारी टीमें युद्ध स्तर पर लीकेज रिपेयरिंग के काम में जुटी हैं, ताकि राजधानी के हर नागरिक को स्वच्छ पेयजल मिल सके।

Pipeline Leakage Bhopal, Dirty Water Supply Bhopal, bhopal municipal corporation, bhopal water complaints, Bhopal Water Crisis, Bhopal news, indore news, bhopal Sewage Issue Bhopal Municipal Corporation budget | indore water contamination | bansal Indore news

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article