SIR के तहत मतदाताओं को बड़ी राहत: अब घर बैठे सुलझेगा No Mapping का पेंच, BLO ऐप में मैपिंग ऑप्शन फिर शुरू, जानें लास्ट डेट

भोपाल में स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) के तहत 'नो मैपिंग' मतदाताओं की समस्या हल करने के लिए निर्वाचन आयोग ने BLO ऐप में दोबारा मैपिंग का विकल्प दिया है। 2003 के रिकॉर्ड के आधार पर अब सीधे नाम लिंक हो सकेंगे।

bhopal voter list blo app mapping option reopened sir update hindi news zvj

MP BLO App Mapping Option Reopened: निर्वाचन आयोग ने मतदाता सूची में सुधार के लिए चल रहे 'स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन' (Special Intensive Revision) के दौरान आम जनता को बड़ी सुविधा दी है। अब उन मतदाताओं को सरकारी दफ्तरों के चक्कर नहीं काटने होंगे जिनका डेटा किसी पुराने रिकॉर्ड से मैच नहीं हो रहा था। मतदाताओं के डेटा सुधार के लिए बीएलओ ऐप में मैपिंग ऑप्शन फिर शुरू किया गया गया है। बीएलओ (BLO) ऐप में मैपिंग का विकल्प दोबारा खुलने से अब वर्ष 2003 की वोटर लिस्ट के आधार पर मतदाताओं के नाम सीधे लिंक किए जा सकेंगे। नए वोटर्स के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 22 जनवरी और नो-मैपिंग निपटारे की डेडलाइन 14 फरवरी है।

नो मैपिंग मतदाताओं की सुनवाई

भोपाल जिले की सात विधानसभा सीटों (बैरसिया, उत्तर, नरेला, मध्य, दक्षिण-पश्चिम, गोविंदपुरा और हुजूर) में इस समय 1 लाख 16 हजार 925 ऐसे मतदाताओं की पहचान की गई है, जो 'नो मैपिंग' की श्रेणी में हैं। इन मतदाताओं के सत्यापन के लिए तहसील और वार्ड दफ्तरों में सुनवाई की प्रक्रिया चल रही है। अब तक 8 हजार से अधिक मतदाता अपने दस्तावेज पेश कर चुके हैं।

माता-पिता के डेटा से सीधे लिंक होंगे मतदाता

अब प्रक्रिया को और सरल बनाने के लिए चुनाव आयोग ने बीएलओ ऐप में एक महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब यदि किसी मतदाता का स्वयं का या उसके माता-पिता का नाम वर्ष 2003 की पुरानी मतदाता सूची में मिल जाता है, तो बीएलओ उसे तुरंत ऐप के जरिए लिंक कर देगा। इस तकनीकी सुधार के बाद ऐसे मतदाताओं को व्यक्तिगत रूप से सुनवाई के लिए उपस्थित होने की अनिवार्यता खत्म हो जाएगी।

14 फरवरी तक चलेगी सुनवाई

नो मैपिंग श्रेणी के मतदाताओं के लिए नोटिस जारी करने का सिलसिला जारी है। अब तक करीब 75 हजार लोगों को नोटिस भेजे जा चुके हैं। इन्हें अपनी उम्र और माता-पिता के जन्म से संबंधित दस्तावेज पेश करने के लिए अलग-अलग तिथियों पर बुलाया जा रहा है। पूरी प्रक्रिया को 14 फरवरी तक संपन्न करने का लक्ष्य रखा गया है।

तकनीकी खामी से अनमैप हुए मतदाता

सुनवाई के दौरान कई दिलचस्प मामले सामने आ रहे हैं। दक्षिण-पश्चिम विधानसभा में एक ऐसा मामला आया जहाँ दो बहनों का नाम तो पिता के डेटा से मैप हो गया, लेकिन तीसरी बहन का नाम 'नो मैपिंग' श्रेणी में रह गया। नोटिस मिलने के बाद जब उसने 2003 की सूची की जानकारी दी, तो बीएलओ ने तुरंत उसे ऐप के जरिए लिंक कर दिया।

22 जनवरी तक नए आवेदन का मौका

उप जिला निर्वाचन अधिकारी भुवन गुप्ता ने स्पष्ट किया है कि जिन मतदाताओं का रिकॉर्ड लिंक हो गया है, उन्हें अब दफ्तर आने की जरूरत नहीं है। साथ ही, उन्होंने बताया कि जो लोग अब भी मतदाता सूची में नाम जुड़वाना चाहते हैं, वे 22 जनवरी तक नए आवेदन कर सकते हैं।

Bhopal news, Bhopal Voter List Update, BLO App Mapping, Voter List Revision MP, No Mapping Voters Bhopal, Election Commission, Special Intensive Revision, Bhopal News Update, Voter ID Linkage, 2003 Voter List Record, AERO Hearing Bhopal, New Voter Registration 2026

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article