Bhopal News: निजी स्कूलों की मनमानी से परेशान अभिभावकों ने किया DEO ऑफिस का घेराव, शिक्षा माफिया के दबाव में कार्रवाई न करने का आरोप

mp bhopal palak sangh

MP Bhopal Private School Van Fees : स्कूलों द्वारा भोपाल में फीस, बस और किताबों को लेकर की जा रही मनमानी के विरोध में भोपाल पालक महासंघ ने जिला शिक्षा अधिकारी के दफ्तर का घेराव किया है। निजी स्कूलों की मनमानी से  परेशान अभिभावकों ने जिला शिक्षा कार्यालय DEO ऑफिस के बाहर की जमकर नारेबाजी की है। साथ ही शिक्षा माफिया के दबाव में कार्रवाई नहीं करने का आरोप भी लगया है। आपको बता दें उन्होंनें बताया कि निजी स्कूलों की मनमानी से अभिभावक परेशान हो रहे हैं। फीस, बस और किताबों की अवैध वसूली कर रहे हैं।

कार्रवाई का आश्वासन 

भोपाल पालक संघ के जिला अध्यक्ष देवेंद्र तिवारी ने बताया कि भोपाल में जिला शिक्षा अधिकारी एनके अहिरवार को पालक संघ की ओर से ज्ञापन सौंपा गया है। इस पर उन्होंने जल्दी कार्रवाई करने की बात कही है। 

जिला शिक्षा ऑफिस

शिक्षा माफिया के खिलाफ जिला शिक्षा ऑफिस का घेराव किया है। इसके लिए DEO ऑफिस के बाहर पालक महासंघ की जमकर नारेबाजी की गई है। उनका कहना है कि शिक्षा माफियाओं के दबाव में जिला शिक्षा अधिकारी कार्रवाई नहीं करते हैं। निजी स्कूलों पर कार्रवाई नहीं करने के कारण अभिभावक परेशान हो रह हैं। मन माने ढंग से स्कूल फीस, बस फीस, किताबों की कीमतें वसूली जा रही है। 

16 फरवरी को निजी स्कूलों को दिए थे निर्देश

Bhopal collector aadesh 16 feb 2026

आपको बता दें जिला शिक्षा अधिकारी ने निजी स्कूलों में पढ़ाई जाने वाली पाठ्य पुस्तकों की कीमतों को लेकर महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए थे। दरअसल कार्यालय को लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि स्कूलों में एक ही किताब को अलग-अलग प्रकाशकों के नाम पर अलग कीमतों में बेचा जा रहा है, जिससे अभिभावकों पर आर्थिक बोझ बढ़ रहा है।

जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा जारी पत्र के अनुसार, कुछ किताबों के नाम एक जैसे हैं, लेकिन उनके प्रकाशक और कीमतें अलग-अलग बताई जा रही हैं। 

उदाहरण के तौर पर 

“नन्हे मुन्ने बाल गीत” और “कर्सिव राइटिंग” जैसी किताबों के दाम अलग-अलग प्रकाशकों द्वारा अलग निर्धारित किए गए हैं। इसी तरह “English For Toddlers Pre-Primer” पुस्तक के भी दो अलग प्रकाशकों के कारण अलग कीमतें सामने आई हैं।

जांच में यह भी सामने आया कि LEARNING HUB प्रकाशक की कुछ किताबों की कीमत अन्य प्रकाशकों की तुलना में कम है। ऐसे में जिला शिक्षा अधिकारी ने सभी निजी स्कूलों को निर्देश दिए हैं कि छात्रों को कम कीमत वाली किताबें ही उपलब्ध कराई जाएं, ताकि अभिभावकों पर अनावश्यक आर्थिक बोझ न पड़े।

इसके साथ ही शिक्षा विभाग ने सभी स्कूलों को इस निर्देश का कड़ाई से पालन करने को कहा है। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि यदि किसी स्कूल द्वारा महंगी किताबें खरीदने के लिए छात्रों या अभिभावकों पर दबाव बनाया जाता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

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