MP में अल्मॉन्ट सिरप की बिक्री पर रोक: बच्चों की एलर्जी सिरप में जानलेवा कूलेंट, इससे छिंदवाड़ा में जा चुकी 25 की जान

तेलंगाना सरकार द्वारा बच्चों की दवा अल्मॉन्ट किड में जहरीला औद्योगिक केमिकल मिलने की पुष्टि के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने पूरे प्रदेश में इसके स्टॉक और बिक्री पर कड़ा प्रतिबंध लगा दिया है। इससे छिंदवाड़ा, बैतूल, पांढुर्ना में करीब 25 बच्चों की जान गवां चुके हैं।

Almont Syrup Ban MP

Almont Syrup Ban MP: तेलंगाना सरकार द्वारा बच्चों की दवा अल्मॉन्ट किड (Almont-Kid) में जहरीला औद्योगिक केमिकल मिलने की पुष्टि के बाद मध्यप्रदेश सरकार ने पूरे प्रदेश में इसके स्टॉक और बिक्री पर कड़ा प्रतिबंध लगा दिया है। इससे छिंदवाड़ा, बैतूल, पांढुर्ना में करीब 25 बच्चों की जान गवां चुके हैं। औषधि नियंत्रण विभाग ने सभी जिलों में अलर्ट जारी कर दवा को बाजारों से हटाने के निर्देश दिए हैं।

क्यों खतरनाक है यह सिरप ?

केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन (CDSCO) की लैब जांच में पाया गया कि बिहार की कंपनी ट्रिडस रेमेडीज द्वारा निर्मित बैच नंबर AL-24002 में इथाइलीन ग्लाइकॉल नामक जहरीला रसायन मौजूद है।

गाड़ियों के कूलेंट और एंटी फ्रीज में इस्तेमाल

इस केमिकल का इस्तेमाल मुख्य रूप से गाड़ियों के कूलेंट और एंटी-फ्रीज के रूप में किया जाता है। यह बच्चों की किडनी को पूरी तरह फेल कर सकता है और उनके तंत्रिका तंत्र (Nervous System) पर घातक प्रहार करता है।

मध्य प्रदेश में प्रशासनिक कार्रवाई

प्रदेश के ड्रग कंट्रोलर दिनेश श्रीवास्तव मुताबिक, शनिवार को एडवाइजरी मिलते ही सभी जिलों के ड्रग इंस्पेक्टरों को एक्शन मोड पर डाल दिया गया है। यही वह केमिकल था, जिसने कुछ समय पहले छिंदवाड़ा कफ सिरप कांड में 25 से ज्यादा मासूमों की जान ले ली थी।

इस सिरप को सीज करने की प्रोसेस शुरू

पूरे राज्य में मेडिकल स्टोर्स और थोक विक्रेताओं के यहां इस सिरप के विवादित बैच को सीज करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। हालां​कि अब तक जबलपुर और आसपास के जिलों में इस बैच का स्टॉक नहीं मिला है। 

स्टॉक है तो तुरंत सरेंडर करें

जबलपुर ड्रग इंस्पेक्टर देवेंद्र जैन के अनुसार, जिले के सभी विक्रेताओं को निर्देश दिए गए हैं कि यदि उनके पास यह स्टॉक है, तो उसे तुरंत सरेंडर करें। जबलपुर केमिस्ट एवं ड्रग एसोसिएशन ने भी मेडिकल शॉप संचालकों को सतर्क रहने और विवादित दवा को न बेचने की सलाह दी है।

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