आगर मालवा में बगलामुखी मंदिर विवाद: खुद को 'CM का रिश्तेदार' बताने वाले SDM सर्वेश यादव को प्रभार से हटाया, बंसल न्यूज की खबर के बाद एक्शन

मध्यप्रदेश के आगर मालवा में पंडितों और एसडीएम सर्वेश यादव के बीच विवाद गहराने के बाद कलेक्टर ने कार्रवाई की है। खुद को मुख्यमंत्री का रिश्तेदार बताकर पंडितों को धमकाने वाले एसडीएम से मंदिर समिति का प्रभार छीन लिया गया है।

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आगर मालवा में अभद्र भाषा के आरोपी एसडीएम हटाए गए, डिप्टी कलेक्टर को कमान।

Agar Malwa Baglamukhi Temple Controversy: मध्यप्रदेश के आगर मालवा में नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर में पिछले कुछ दिनों से चल रहा हाई वोल्टेज ड्रामा प्रशासनिक कार्रवाई के साथ शांत हो गया है। सुसनेर एसडीएम सर्वेश यादव, जिन पर खुद को सीएम का करीबी बताकर मंदिर के पंडितों को प्रताड़ित करने का आरोप था, उन्हें पद से हटा दिया गया है। बंसल न्यूज द्वारा प्रमुखता से खबर दिखाए जाने और पंडितों द्वारा मंदिर में हवन-अनुष्ठान बंद करने के बाद कलेक्टर ने यह कड़ा फैसला लिया है।

पंडितों का आरोप: एसडीएम देते थे धमकी

नलखेड़ा के प्रसिद्ध मां बगलामुखी मंदिर के पुजारियों और पंडितों ने आरोप लगाया था कि सुसनेर एसडीएम सर्वेश यादव मंदिर समिति के कामकाज में तानाशाही रवैया अपना रहे थे। वे बिना किसी चर्चा के आए दिन नए नियम थोप रहे थे और पीढ़ियों से सेवा दे रहे पंडितों को हटाने की धमकी दे रहे थे। वे बिना किसी पूर्व सूचना या मंदिर समिति के साथ चर्चा किए, मनमाने ढंग से मर्जी से नियम लागू कर रहे हैं। सबसे गंभीर आरोप यह था कि एसडीएम खुद को मुख्यमंत्री का रिश्तेदार बताकर पुजारियों पर दबाव बनाते थे और अभद्र भाषा का प्रयोग करते थे।

Agar Malwa Baglamukhi Temple Controversy
एसडीएम के व्यवहार से नाराज पंडितों ने मां बगलामुखी मंदिर में हवन-अनुष्ठान बंद किए थे।

मंत्रोच्चार की जगह गूंजे विरोध के सुर

एसडीएम की मनमानी और धमकी से नाराज पंडितों ने विरोध जताते हुए मोर्चा खोल दिया था। उन्होंने मंदिर में होने वाले सभी विशेष अनुष्ठान और हवन अनिश्चितकाल के लिए बंद कर दिए। पंडितों ने धरना-प्रदर्शन करते हुए एसडीएम सर्वेश यादव पर गंभीर आरोप लगाए। उन्हें तत्काल हटाने की मांग की। पंडितों का साफ कहना था कि जब तक अधिकारी पर कार्रवाई नहीं होती, तब तक मंदिर में आहुतियां नहीं दी जाएंगी।

कड़ी नाराजगी जताते हुए पंडित धरने पर बैठ गए और मंदिर परिसर में जमकर नारेबाजी हुई। धार्मिक अनुष्ठानों के रुकने से दूर-दूर से आए श्रद्धालुओं को भारी परेशानी हुई, जिसके बाद प्रशासन में हड़कंप मच गया।

बंसल न्यूज की खबर के बाद एक्शन

इस पूरे घटनाक्रम को बंसल न्यूज ने प्रमुखता से कवर किया, जिसके बाद प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे। कलेक्टर ने मामले की गंभीरता और पंडितों के आक्रोश को देखते हुए एसडीएम सर्वेश यादव से मंदिर समिति के अध्यक्ष का प्रभार तत्काल प्रभाव से वापस ले लिया।

डिप्टी कलेक्टर को सौंपी गई कमान

कलेक्टर के आदेशानुसार, अब मंदिर समिति का प्रभार डिप्टी कलेक्टर कमल मंडलोई संभालेंगे। प्रशासन का उद्देश्य मंदिर की व्यवस्थाओं को सुचारू बनाना और पंडितों व प्रशासन के बीच बिगड़े तालमेल को फिर से स्थापित करना है।

आदेश के बाद मंदिर में खुशहाली

एसडीएम को हटाए जाने के आदेश के बाद पंडितों ने अपना आंदोलन वापस ले लिया है। मंदिर में एक बार फिर मंत्रोच्चार और हवन की गूंज सुनाई देने लगी है। पंडितों का कहना है कि प्रशासन के इस फैसले से न्याय की जीत हुई है।

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