Bhopal Metro: यात्रीगण ध्यान दें...भोपाल मेट्रो को CMRS की हरी झंडी, दिसंबर में ही कमर्शियल रन, PM मोदी करेंगे लोकार्पण!

भोपाल मेट्रो के प्रायोरिटी कॉरिडोर को कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की मंजूरी मिल गई है। तीन चरणों के निरीक्षण के बाद मिली 'ओके रिपोर्ट' के बाद दिसंबर में ही मेट्रो का कमर्शियल रन शुरू होने की संभावना बढ़ गई है।

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Bhopal Metro CMRS Approval: राजधानी भोपाल के लिए बड़ी खुशखबरी है। लंबे इंतजार के बाद भोपाल मेट्रो को कमर्शियल रन के लिए कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की अंतिम मंजूरी मिल गई है। तीन बार के विस्तृत निरीक्षण के बाद मिली ‘ओके रिपोर्ट’ ने इस परियोजना को हरी झंडी दे दी है। अब दिसंबर में ही सुभाषनगर से एम्स तक मेट्रो का पहला कमर्शियल रन हो सकता है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इसका लोकार्पण कर सकते हैं। साथ ही ऑनलाइन टिकटिंग के बजाय शुरुआत में मैन्युअल टिकट व्यवस्था लागू होगी।

CMRS ने दी 'ओके रिपोर्ट'

भोपाल में मेट्रो चलने का सपना अब सच होने के करीब है। कमिश्नर मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) ने भोपाल मेट्रो के सभी तकनीकी, सुरक्षा और परिचालन मानकों की जांच पूरी कर ली है। तीन चरणों में किए गए निरीक्षण के बाद मिली रिपोर्ट में सभी मापदंडों को 'ओके' बताया गया है। निरीक्षण के बाद मिली 'ओके रिपोर्ट' के बाद दिसंबर में सुभाषनगर से एम्स के बीच मेट्रो का कमर्शियल रन शुरू होने की संभावना बढ़ गई है। यह रिपोर्ट मेट्रो कॉरपोरेशन के माध्यम से प्रदेश सरकार को भेज दी गई है।

PM मोदी कर सकते हैं लोकार्पण

मेट्रो अधिकारियों के अनुसार, प्रायोरिटी कॉरिडोर सुभाषनगर से एम्स के बीच सभी जरूरी कार्य पूरे हो चुके हैं। अब कमर्शियल रन की तारीख प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) से मिलते ही संचालन शुरू हो जाएगा। इसी महीने PM मोदी के हाथों मेट्रो के लोकार्पण की संभावना है। वे भोपाल मेट्रो के पहले यात्री भी बन सकते हैं। 13 दिसंबर को लोकार्पण कराए जाने को लेकर भी मंथन किया जा रहा है।

Bhopal Metro CMRS Approval
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टिकटिंग सिस्टम पहले रहेगा मैन्युअल

मेट्रो में शुरुआती कमर्शियल रन के दौरान टिकट सिस्टम ऑनलाइन न होकर मैन्युअली रहेंगे। तुर्किए की टिकटिंग कंपनी का कॉन्ट्रैक्ट रद्द किया जा चुका है, इसलिए नई एजेंसी के चयन तक टिकट मैन्युअली दिए जाएंगे। इंदौर मेट्रो में भी इस तरह की व्यवस्था लागू है।

तीन चरणों में पूरा हुआ सख्त निरीक्षण

CMRS टीम 12 नवंबर को भोपाल पहुंची और 13 से 15 नवंबर तक लगातार तीन दिन मेट्रो परियोजना का निरीक्षण किया। इस दौरान टीम ने ट्रैक, ब्रेकिंग सिस्टम, सिग्नलिंग, सुरक्षा मानकों, डिपो और सभी स्टेशनों की संरचना को बारीकी से परखा। निरीक्षण इतना विस्तृत था कि कमिश्नर नीलाभ्र सेनगुप्ता के साथ टीम ने नट-बोल्ट तक की जांच की।

इससे पहले भी सीएमआरएस की टीम दो बार परियोजना का मूल्यांकन कर चुकी थी। तीसरे और अंतिम निरीक्षण के बाद रिपोर्ट का इंतजार था, जो अब मिल गई है। मेट्रो अधिकारियों के अनुसार कमर्शियल रन के लिए आवश्यक सभी काम पूरी तरह पूरे कर लिए गए हैं और सीएमआरएस के सभी मानकों का पालन किया गया है। स्टेशनों पर कुछ मामूली कार्य बाकी हैं, लेकिन उनका संचालन पर कोई असर नहीं पड़ेगा।

CMRS की मंजूरी, अब ऐसे आगे बढ़ेगी प्रक्रिया

सीएमआरएस द्वारा ‘ओके रिपोर्ट’ जारी करने के बाद इसे मेट्रो कॉरपोरेशन को सौंप दिया गया। इसके बाद मेट्रो अफसरों ने यह रिपोर्ट प्रदेश सरकार को भेजकर स्पष्ट कर दिया कि वे कमर्शियल रन के लिए पूरी तरह तैयार हैं।

अब सरकार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हाथों मेट्रो ट्रेन का लोकार्पण कराने के लिए पीएमओ (प्रधानमंत्री कार्यालय) से डेट तय कराएगी। एक बार तारीख मिलते ही लोकार्पण होगा और सुभाषनगर से एम्स तक मेट्रो का कमर्शियल रन शुरू कर दिया जाएगा।

इन प्रमुख बिंदुओं पर CMRS ने की गहन जांच

सीएमआरएस टीम ने तीन दिनों के निरीक्षण के दौरान मेट्रो परियोजना के लगभग हर तकनीकी और सुरक्षा पहलू की विस्तृत जांच की। समीक्षा के मुख्य बिंदु इस प्रकार रहे.. 

  • डिपो और रोलिंग स्टॉक (ट्रेनें)
  • सुभाषनगर से एम्स तक सभी मेट्रो स्टेशन
  • ट्रैक और टर्नआउट्स
  • सिग्नलिंग एवं ट्रेन कंट्रोल सिस्टम
  • थर्ड रेल पावर सप्लाई सिस्टम
  • ऑपरेशन एवं मेंटेनेंस प्रक्रियाएं
  • फायर सेफ्टी और इमरजेंसी सिस्टम
  • यात्री सुविधाएं और स्टेशन प्रबंधन तंत्र

टीम ने सभी स्टेशनों पर फायर सेफ्टी सिस्टम को प्राथमिकता के साथ परखा। इसके अलावा लिफ्ट, एस्केलेटर, पब्लिक एड्रेस सिस्टम, स्टेशन की व्यवस्था और सुरक्षा उपायों की भी विस्तार से जांच की गई।

डिपो में स्थापित कंट्रोल रूम से टीम ने ट्रेनों की मूवमेंट, सिग्नलिंग, सुरक्षा प्रक्रिया और संचालन प्रणाली की वास्तविक समय में निगरानी भी की।

अब इन रूट्स पर काम पकड़ेगा रफ्तार

प्रधानमंत्री मोदी द्वारा हरी झंडी दिए जाने के बाद सुभाषनगर से एम्स के बीच मेट्रो दौड़ेगी। इस प्रायोरिटी कॉरिडोर पर मेट्रो का कमर्शियल रन शुरू हो जाएगा। इस खंड में कुल 8 स्टेशन तैयार किए गए हैं। 

प्रायोरिटी कॉरिडोर के सफल संचालन के बाद मेट्रो का पूरा फोकस ऑरेंज लाइन के फेज-2, यानी सुभाषनगर से करोंद तक के विस्तार पर रहेगा। इसके साथ ही ब्लू लाइन के भदभदा से रत्नागिरी तक के निर्माण कार्य को भी गति दी जाएगी, ताकि दोनों प्रमुख कॉरिडोर जल्द से जल्द यात्रियों के लिए खोले जा सकें।

2018 में शुरू हुआ था मेट्रो प्रोजेक्ट

भोपाल में मेट्रो का काम साल 2018 से शुरू हुआ था। मेट्रो का 16.05 किमी लंबा पहला रूट एम्स से करोंद तक बनाया जा रहा है। इसका एम्स–सुभाषनगर वाला 6.22 किमी का हिस्सा प्रायोरिटी कॉरिडोर के रूप में 2018 से विकसित किया गया था। सुभाषनगर से आरकेएमपी तक का काम पूरा हो चुका है, जबकि अलकापुरी, डीआरएम और एम्स स्टेशनों पर अंतिम कार्य जारी है। इस रूट पर दो स्टील ब्रिज भी तैयार कर दिए गए हैं।

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