सिवनी मालवा में ट्रैक्टर रैली: किसान यूनियन को नहीं मिली सभा की परमिशन, टिकैत बोले- अनुमति देने वाला प्रशासन कौन....

Farmers Tractor Rally in Seoni Malwa: नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा में भारतीय किसान यूनियन सोमवार को एक महत्वपूर्ण ट्रैक्टर रैली निकाल

Farmers Tractor Rally in Seoni Malwa

Farmers Tractor Rally in Seoni Malwa

Farmers Tractor Rally in Seoni Malwa: नर्मदापुरम जिले के सिवनी मालवा में भारतीय किसान यूनियन सोमवार को एक महत्वपूर्ण ट्रैक्टर रैली निकाल रहा है, जिसमें प्रमुख किसान नेता राकेश टिकैत भी शामिल हैं। इस रैली और सभा का उद्देश्य सोयाबीन, धान और गेहूं का समर्थन मूल्य बढ़ाने की मांग करना है।

हालांकि, प्रशासन और किसान यूनियन के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। प्रशासन ने यूनियन को 500 ट्रैक्टर की रैली निकालने की अनुमति दे दी है, लेकिन अनाज मंडी परिसर में सभा की अनुमति नहीं दी। जबकि राकेश टिकैत मंडी परिसर में सभा करने के लिए अड़े हुए हैं। प्रशासन ने सुझाव दिया है कि सभा मंडी ब्रिज के पास डायवर्सन रोड पर आयोजित की जाए।

यह भी पढ़ें- MP में मिलेगी फ्री कोचिंग व्यवस्था: प्रदेश के ये छात्र फ्री में कर सकेंगे जेइई, नीट और UPPSC की तैयारी, जानें कैसे

publive-image

टिकैत बोले- ‘अनुमति देने वाला प्रशासन कौन

इसको लेकर टिकैत ने कहा- ‘अनुमति देने वाला प्रशासन कौन होता है। आयोजन मंडी में ही होगा। हम बैरिकेडिंग तोड़ेंगे। प्रशासन किसानों की आवाज को दबाने में लगा है।’  इसी के साथ किसान नेता संतोष पटवारे ने स्पष्ट किया है कि यदि उन्हें मंडी परिसर में सभा करने की अनुमति नहीं दी गई, तो वे मंडी गेट तक जाएंगे और आवश्यकता पड़ने पर ताला तोड़कर अंदर प्रवेश करेंगे। सिवनी मालवा के एसडीएम सरोज परिहार ने कहा कि मंडी परिसर में सभा की अनुमति नहीं है और किसान नेताओं के साथ सहमति बनाकर ब्रिज के नीचे सभा करने की अनुमति दी गई है।

publive-image

किसान यूनियन ने दी चेतावनी (Farmers Tractor Rally in Seoni Malwa)

किसान नेताओं ने स्पष्ट किया है कि वे सिवनी मालवा मंडी पहुंचेंगे और वहीं सभा करेंगे। उनका कहना है कि सरकार को सोयाबीन का समर्थन मूल्य 6 हजार रुपये से ऊपर देना चाहिए। किसान यूनियन ने प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर उन्हें मंडी परिसर में सभा करने की अनुमति नहीं दी गई, तो वे गिरफ्तारी देने के लिए तैयार हैं।

प्रशासन का कहना है कि सभा को दूसरी जगह आयोजित किया जाएगा, लेकिन किसान इसे स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं। किसान नेताओं ने स्पष्ट किया है कि मंडी किसानों की जगह है, और वे सरकार को ज्ञापन भी देंगे। यह स्थिति दोनों पक्षों के बीच तनाव को बढ़ा सकती है, और आगे की कार्रवाई पर सभी की नजरें बनी रहेंगी।

यह भी पढ़ें- Child Pornography: चाइल्ड पोर्नोग्राफी देखना और स्टोर करना अपराध, SC का बड़ा फैसला, कहा- कोर्ट न करे इस शब्द का इस्तेमाल

यह भी पढ़ें
Here are a few more articles:
Read the Next Article