मध्यप्रदेश की मंत्री ने वन विभाग परिसर की घटना में अपनी भूमिका से किया इनकार, जांच की मांग की

महू (मप्र), 13 जनवरी (भाषा) अवैध खुदाई के मामले में जब्त अर्थ मूविंग मशीन और ट्रैक्टर ट्रॉली वन विभाग के परिसर से जबरन छुड़ाकर ले जाने के आरोपों पर मध्यप्रदेश की संस्कृति मंत्री मंत्री उषा ठाकुर ने स्वयं को निर्दोष बताते हुए बुधवार को कहा कि ये आरोप कांग्रेस के एक पूर्व विधायक द्वारा पोस्ट किए गए एक ‘‘गलत वीडियो‘’ के कारण लगाये गये हैं।

ठाकुर ने दावा किया कि कथित घटना में उनकी कोई भूमिका नहीं है और उन्होंने मांग की कि वन मंत्री पूरे मामले की जांच के आदेश दें।

वन विभाग के परिक्षेत्र सहायक रामसुरेश दुबे ने मंगलवार को कहा था, ‘बड़गोंदा के जंगल में कुछ लोगों द्वारा अवैध खुदाई किए जाने और बिना स्वीकृति मार्ग बनाए जाने पर 10 जनवरी (रविवार) को एक अर्थ मूविंग मशीन और ट्रैक्टर ट्रॉली को भारतीय वन अधिनियम के संबद्ध प्रावधानों के तहत जब्त किया गया था। इन वाहनों को बड़गोंदा में वन विभाग के परिसर में रखा गया था।’

उन्होंने आरोप लगाया था, ‘राज्य की संस्कृति मंत्री उषा ठाकुर 11 जनवरी (सोमवार) की शाम 6:30 बजे के आस-पास अपने करीब 20 कार्यकर्ताओं के साथ बड़गोंदा स्थित परिसर में आईं। इन लोगों ने वन विभाग के कर्मचारियों को डराया-धमकाया और वे हमारे द्वारा जब्त अर्थ मूविंग मशीन व ट्रैक्टर ट्रॉली जबरन छुड़ा कर ले गए।’

बड़गोंदा उस महू सीट का हिस्सा है जिसकी ठाकुर विधानसभा में नुमाइंदगी करती हैं।

भाजपा नेता ठाकुर ने कांग्रेस के पूर्व विधायक अंतर सिंह दरबार पर रविवार शाम को इंदौर जिले के बड़गोंदा में वन विभाग कार्यालय के परिसर हुई इस घटना में उनका नाम घसीटने का आरोप लगाया।

उन्होंने एक वीडियो में कहा, ‘‘मैं केरल में हूं और मीडिया के जरिए इस घटना के बारे में पता चला। मैं अंबेडकर मंडल में करोड़ों रुपये के विकास कार्यों का उद्घाटन करने गई थी और पता चला कि चोरल बांध के पास रूंडा गांव में लोग कुछ समस्या से जूझ रहे हैं।’’

ठाकुर ने कहा, ‘‘उन्हें (ग्रामीणों को) समस्या का सामना करना पड़ रहा था क्योंकि उनके गांव की ओर जाने वाली सड़क का करीब 50 मीटर हिस्सा बड़े-बड़े गड्ढों के कारण खराब हो गई थी।’’

ठाकुर ने कहा कि यह देख (भाजपा) मंडल अध्यक्ष मनोज पाटीदार ने अपने ही खेत से मिट्टी की खुदाई की और गड्ढों को भरा जा रहा था। इसी दौरान वहां पर वन विभाग की एक टीम पहुंची और इस काम में उपयोग किये जा रहे उपकरणों को जब्त कर लिया।

उन्होंने कहा, ‘‘अपने कार्यक्रम के बाद मैं उस क्षेत्र से होकर लौट रही थी। लेकिन, महू के पूर्व विधायक अंतर सिंह दरबार ने सोशल मीडिया पर गलत वीडियो पोस्ट किए हैं, जिस पर मैंने वन मंत्री से संपर्क किया है और एक वरिष्ठ अधिकारी से इस पूरे मामले की गहन जांच की मांग की है।’’

बड़गोंदा पुलिस थाने के प्रभारी अजीत सिंह बैस ने कहा कि उन्हें इस मामले में अब तक शिकायत नहीं मिली है।

विवाद के बाद अपर प्रधान मुख्य वन संरक्षक महेंद्र सिंह धाकड़ उस स्थल पर स्थिति का जायजा लेने के लिए महू पहुंचे, जहां कथित खुदाई का काम हो रहा था और घटना की जानकारी ली।

बाद में धाकड़ ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘मैंने उस जमीन का निरीक्षण किया है जिस पर खुदाई की गई थी। मैंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे उस क्षेत्र में भूमि के सीमांकन के लिए कलेक्टर को लिखें ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह भूमि वन विभाग की है या राजस्व विभाग की।’’

भाषा सं रावत

मानसी

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