जिहाद के खिलाफ कानून लागू, धर्म स्वातंत्र्य विधेयक के अध्यादेश को मंजूरी

लव जिहाद के खिलाफ कानून लागू, धर्म स्वातंत्र्य विधेयक के अध्यादेश को मंजूरी

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Image source: Ani

भोपाल: मध्य प्रदेश में भी लव जिहाद के खिलाफ प्रस्तावित धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम 2020 अध्यादेश को मंजूरी दे दी है। मध्य प्रदेश सरकार ने यह कदम उत्तर प्रदेश सरकार की तर्ज पर उठाया है। इस कानून के आने से अब जबरन धर्म परिवर्तन के लिए मजबूर कर शादी करने वालों को कड़ी सजा दी जा सकेगी। इस कानून के तहत जबरदस्ती धर्म परिवर्तन कर शादी करने वालों को अधिकतम 10 साल की सजा और एक लाख रुपये के जुर्माने का प्रावधान किया गया है।

वराज कैबिनेट में आज लव जिहाद के खिलाफ कानून को मंजूरी मिल गई है। बैठक में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि इस कानून में जो व्यक्ति या संस्थाएं इसमें सहयोग करेंगी, उनको भी अपराधी बनाया है। सरकार के लिए बेटियों की सुरक्षा सर्वोपरि है। पिता की संपत्ति में उत्तराधिकार का प्रावधान किया है। सरकार इस कानून को आज से ही लागू करने जा रही है।

लव जिहाद के खिलाफ इन राज्यों में सख्ती

उत्तर प्रदेश

UP में 28 नवंबर 2020 को उप्र विधि विरद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषषेध अध्यादेश-2020 लागू हुआ था। इस अध्यादेश के तहत 28 नवंबर को पहला मुकदमा बरेली में दर्ज हुआ था। बता दें कि उप्र में अब तक करीब 12 मुकदमें दर्ज हो चुके हैं और 35 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।

उत्तराखंड

जानबूझकर विवाह या गुप्त एजेंडे के जरिये मतांतरण के खिलाफ राज्य में कानून वषर्ष 2018 से मौजूद है।

कर्नाटक

राज्य के गृह मंत्री बासवराज बोम्मई भी लव जिहाद रोकने के लिए उत्तर प्रदेश की तर्ज पर क़़डा कानून बनाने का ऐलान कर चुके हैं।

हिमाचल प्रदेश

धर्मातरण कानून अधिसूचित है। जबरन या छल से मतांतरण करवाने वाले को सात साल तक जेल की सजा का प्रावधान है।

हरियाणा

लव जिहाद को लेकर कानून बनाने की तैयारी है। इसके लिए तीन सदस्यीय कमेटी ऐसा कानून बनाने वाले विभिन्न प्रदेशों के प्रविधानों का अध्ययन कर रही है।

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