‘सरकार की प्राथमिकता, मध्यप्रदेश के स्किल्ड युवाओं को ग्लोबल पहचान मिले’

भोपाल. आत्मनिर्भर मध्यप्रदेश की परिकल्पना को पूरा करने के लिए युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना होगा। युवाओं के कौशल को विकसित कर उन्हें आत्मनिर्भर बनाना राज्य शासन की प्राथमिकता है। ग्लोबल स्किल पार्क की स्थापना का उद्येश्य है कि मध्यप्रदेश के स्क्ल्डि युवाओं को ग्लोबल (अन्तर्राष्ट्रीय) पहचान मिले। यह बात तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री श्रीमती यशोधरा राजे सिंधिया ने गुरुवार को भोपाल स्थित ग्लोबल स्किल्स पार्क-सिटी कैंपस के निरीक्षण के पश्चात् अधिकारियों के साथ चर्चा के दौरान कही।

मंत्री ने कहा कि वर्तमान में युवाओं को आधुनिक कौशल तकनीकी में हुनरमंद बनाना समय की आवश्यकता है। पढ़ाई के साथ उनमें ऐसी स्किल्स को विकसित करना है जिससे वे रोजगार प्राप्त कर सके और आगे रोजगार दे भी सकें। युवाओं में जब तक तकनीकी कौशल का विकास नहीं होगा तब तक वे रोजगार प्राप्त नहीं कर पाएंगे। सिंधिया ने कहा कि ग्लोबल स्किल पार्क में ऐसी विधाओं का प्रशिक्षण भी हो जिसमें अर्धकुशल प्रवासी मजदूरों, किसानों तथा अकुशल मजदूरों को भी अपने हुनर को सवांरने का मौका मिले।

प्रमुख सचिव तकनीकी शिक्षा एवं कौशल विकास कैरोलिन खोंगवार देशमुख ने मध्यप्रदेश कौशल विकास परियोजना की जानकारी देते हुए बताया कि इसका मुख्य उद्येश्य प्रदेश के युवाओं, महिलाओं और समाज के वर्गों को अन्तर्राष्ट्रीय स्तर का तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाना है। उन्होंने बताया कि ग्लोबल स्किल्स पार्क में हर वर्ष लगभग 6500 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा।

मध्यप्रदेश स्किल्स डेवेलोपमेंट प्रोजेक्ट के प्रोजेक्ट डायरेक्टर हरजिंदर सिंह ने बताया कि ग्लोबल स्किल्स पार्क का एक अंश सिटी कैंपस के रूप में गोविंदपुरा भोपाल में स्थापित किया गया है, जिसमें प्रदेश की आईटीआई, पॉलिटेक्निक तथा इंजीनियरिंग कॉलेजों के उत्तीर्ण प्रशिक्षणार्थियों को प्रिसीजन इंजीनियरिंग का एक वर्षीय कोर्स में प्रवेश दिया जा रहा है, जिसमें प्रति वर्ष 240 प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण दिया जायेगा। वर्तमान में एक वर्षीय एडवांस सर्टिफिकेट कोर्स प्रारम्भ किया गया है। इसमें जुलाई 2019 एवं जनवरी 2020 सत्र में कुल 194 प्रशिक्षणार्थी प्रशिक्षणरत हैं।

तकनीकी शिक्षा मंत्री यशोधरा राजे सिंधिया ने ग्लोबल स्किल्स पार्क सिटी कैंपस में स्थित सैद्धांतिक कक्ष, पारंपरिक एवं आधुनिक लीथ एवं मीलिंग मशीन, मेटरोलॉजी लैब आदि का निरीक्षण भी किया।

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