सरकार की अपील: ‘कोरोना वायरस से डरें, जांच कराने से नहीं’

नई दिल्ली. देश में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच कई राज्यों में ऐसी खबरें भी आ रही है कि लक्षण होने के बाद भी लोग कोरोना वायरस की जांच कराने नहीं जा रहे हैं। लोग कोरोना संक्रमित होने के डर से जांच के लिए नहीं जा रहे हैं। ऐसे में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने मंगलवार को कहा कि टेस्टिंग बढ़ने से केस तो बढ़ रहे हैं इसके साथ ही देश का रिकवरी रेट भी लगातार बढ़ रहा है। वहीं, आईसीएमआर ने लोगों से टेस्टिंग से न डरने की अपील करते हुए कहा कि देर होगी तो किसी भी उम्र के शख्स को दिक्कत हो सकती है।

नीति आयोग के सदस्य डॉक्टर वीके पॉल ने कोरोना के बढ़ते केस के बीच लोगों के द्वारा जांच नहीं कराने पर आगाह किया है। उन्होंने कहा कि ऐसी शिकायतें आ रही हैं कि कई लोग कोरोना जैसे लक्षण के बावजूद टेस्ट से बच रहे हैं। यह ठीक नहीं है, यह आपके लिए और सिस्टम के लिए भी खतरनाक है। आप अपने परिवार और समाज को मुश्किल में डाल रहे हैं। स्थिति बिगड़ने पर ही टेस्ट कराएंगे तो खुद को जोखिम में डाल रहे हैं। लोगों को वायरस से डरना चाहिए लेकिन टेस्ट से नहीं।

5 राज्यों में 62 फीसदी केस

हेल्थ मिनिस्ट्री में सचिव राजेश भूषण ने कहा कि अगस्त के पहले सप्ताह में केस फैटलिटी रेट 2.15 था जो अब 1.7 प्रतिशत पर पहुंच गया है। उन्होंने कहा कि अब हम उस दिशा में बढ़ रहे हैं, जहां केस फैटलिटी रेट को 1 प्रतिशत से नीचे ले जा सकते हैं। 5 राज्यों में ही संक्रमण के 62 प्रतिशत और कुल मौतों के 70 प्रतिशत केस हैं। अकेले महाराष्ट्र में 26.85 प्रतिशत और आंध्र प्रदेश में 11.08 प्रतिशत है।

7 दिनों में पांच लाख से अधिक मामले

बता दें कि सिंतबर के पहले सप्ताह में यानी कि बीते सात दिन के कोरोना आंकड़े डरावने हैं। 7 दिनों में देश में करीब 5 लाख 89 हजार 644 मरीज सामने आए हैं। जबकि इन सात दिनों में 7463 मरीजों ने दम तोड़ दिया।

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