Lung Cancer Risk: धूपबत्ती-अगरबत्ती का धुंआ फेफड़ों के लिए खतरनाक, रिसर्च में खुलासा कैंसर का बढ़ रहा खतरा

Lung Cancer Risk: धूपबत्ती-अगरबत्ती का धुंआ फेफड़ों के लिए खतरनाक, रिसर्च में खुलासा कैंसर का बढ़ रहा खतरा

Lung Cancer Risk: धूपबत्ती-अगरबत्ती का धुंआ फेफड़ों के लिए खतरनाक, रिसर्च में खुलासा कैंसर का बढ़ रहा खतरा

हाइलाइट्स 

  • धूप-अगरबत्ती से निकलता है जहरीला धुंआ
  • रिसर्च में बढ़ा हुआ कैंसर रिस्क साबित
  • घर में सही वेंटिलेशन होना जरूरी

Lung Cancer Risk:अगरबत्ती और धूपबत्ती की खुशबू भले ही सुकून दे, लेकिन इसका धुंआ फेफड़ों के लिए उतना ही खतरनाक है जितना सिगरेट का धुंआ जो कैंसर का खतरा कई गुना बढ़ा सकता है।

धूपबत्ती-अगरबत्ती का धुंआ कितना खतरनाक?

भारतीय घरों में पूजा के समय अगरबत्ती और धूपबत्ती का जलाना आम बात है। इसकी खुशबू भले ही सुखद लगे लेकिन यह हमारे स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो रही है। रिसर्च बताती है कि इनके धुंए में मौजूद टॉक्सिक कंपाउंड्स सांस की बीमारियों और फेफड़ों के कैंसर का खतरा बढ़ाते हैं।

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रिसर्च में हुआ खुलासा

नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ हेल्थ (NIH) की एक स्टडी में पाया गया कि अगरबत्ती और धूपबत्ती के धुंए में ऐसे कंपाउंड्स पाए जाते हैं, जो फेफड़ों में जमा होकर नुकसान पहुंचाते हैं।

  • यह धुंआ अस्थमा और ब्रोंकाइटिस जैसी बीमारियों का कारण बन सकता है।
  • लंबे समय तक एक्सपोज़र से फेफड़ों के कैंसर का रिस्क बढ़ता है।
  • रिपोर्ट में इसे सिगरेट जितना ही टॉक्सिक बताया गया है।

क्यों जानलेवा है अगरबत्ती का धुंआ?

अगरबत्ती जलाने पर उसमें से PM 2.5 और PM 10 जैसे छोटे कण निकलते हैं। ये कण फेफड़ों में जाकर सूजन और संक्रमण को बढ़ावा देते हैं।

  • कुछ अगरबत्तियों में निकोटीन भी मौजूद हो सकता है।
  • बंद कमरों में धुंआ जमा होकर और अधिक खतरनाक हो जाता है।
  • डॉक्टर विकास मित्तल (सीके बिड़ला अस्पताल) के अनुसार यह धुंआ रेस्पिरेटरी प्रॉब्लम्स को बढ़ा सकता है।

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Lung Cancer का खतरा कैसे बढ़ता है?

एक्सपर्ट्स बताते हैं कि रोजाना अगरबत्ती जलाने वालों में फेफड़ों के कैंसर का खतरा 33% ज्यादा होता है।

  • अस्थमा और ब्रोंकाइटिस जैसी समस्याएं तेजी से बढ़ती हैं।
  • राइनाइटिस और बार-बार होने वाले इंफेक्शन का रिस्क बढ़ता है।
  • लगातार धुंए में रहने से कैंसर कोशिकाओं की संभावना बढ़ती है।

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Lung Cancer के शुरुआती 7 लक्षण

फेफड़ों के कैंसर के शुरुआती संकेतों को पहचानना बेहद ज़रूरी है।

  1. लगातार खांसी बने रहना।
  2. खांसते समय खून आना।
  3. थोड़ी मेहनत पर भी सांस फूलना।
  4. गहरी सांस लेने या खांसने पर सीने में दर्द।
  5. बार-बार ब्रोंकाइटिस या निमोनिया होना।
  6. लंबे समय तक आवाज बैठ जाना या भारी होना।
  7. वजन और भूख में कमी आना।

फेफड़ों के कैंसर से बचाव कैसे करें?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कुछ महत्वपूर्ण उपाय बताते हैं

  • सिगरेट और तंबाकू का सेवन बंद करें।
  • घर में अगरबत्ती जलाने से बचें या वेंटिलेशन ज़रूर रखें।
  • खुशबू के लिए प्राकृतिक विकल्प जैसे ताजे फूल या स्प्रे का इस्तेमाल करें।
  • रोज़ाना एक्सरसाइज करें और पौष्टिक आहार लें।
  • साल में कम से कम दो बार कैंसर की स्क्रीनिंग कराएं।

पूजा के दौरान अगरबत्ती जलाना परंपरा का हिस्सा है, लेकिन इसके धुंए से होने वाले स्वास्थ्य जोखिमों को नज़रअंदाज नहीं किया जा सकता। सावधानी और सही विकल्प अपनाकर आप अपने फेफड़ों को गंभीर बीमारियों से बचा सकते हैं।

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